{"_id":"6a818cd0e38271311c0e9a38","slug":"agniveer-kulwinder-singh-dies-while-on-duty-family-seeks-financial-assistance-ludhiana-news-c-65-1-bnl1001-101226-2026-08-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ludhiana News: ड्यूटी के दौरान अग्निवीर कुलविंदर सिंह का निधन, परिवार ने मांगी आर्थिक सहायता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ludhiana News: ड्यूटी के दौरान अग्निवीर कुलविंदर सिंह का निधन, परिवार ने मांगी आर्थिक सहायता
Sun, 16 Aug 2026 03:41 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना
Updated Sun, 16 Aug 2026 03:41 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
बरनाला। विधानसभा हलका भदौड़ के गांव काहनेके में 23 वर्षीय अग्निवीर कुलविंदर सिंह का ड्यूटी के दौरान निधन हो गया। उनकी मौत फिरोजपुर में तबीयत बिगड़ने से हुई। कुलविंदर सिंह करीब तीन साल पहले सेना की 113 इंजीनियर यूनिट में भर्ती हुए थे। कुलविंदर सिंह परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने और देश की सेवा करने का सपना लेकर सेना में शामिल हुए थे। उनकी असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। कुलविंदर सिंह की पार्थिव देह तिरंगे में लिपटकर उनके पैतृक गांव काहनेके पहुंची। सेना के अधिकारी लेफ्टिनेंट शिव लोचन के नेतृत्व में सैन्य टुकड़ी ने उन्हें पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम सलामी दी। इसके बाद धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार उनका अंतिम संस्कार किया गया। सेना की ओर से उनके माता-पिता और भाई को तिरंगा सौंपा गया।
परिवार की आर्थिक स्थिति और सहायता की मांग
कुलविंदर सिंह के पिता जगसीर सिंह ने परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति बताई। उन्होंने कहा कि कुलविंदर ही परिवार का मुख्य कमाने वाला सदस्य था। परिवार दिहाड़ी मजदूरी कर मुश्किल से गुजारा करता है। परिवार ने पंजाब और केंद्र सरकार से आर्थिक सहायता तथा एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। ग्रामीणों ने भी सरकार से तत्काल सहायता उपलब्ध करवाने की अपील की है।
विज्ञापन
बरनाला। विधानसभा हलका भदौड़ के गांव काहनेके में 23 वर्षीय अग्निवीर कुलविंदर सिंह का ड्यूटी के दौरान निधन हो गया। उनकी मौत फिरोजपुर में तबीयत बिगड़ने से हुई। कुलविंदर सिंह करीब तीन साल पहले सेना की 113 इंजीनियर यूनिट में भर्ती हुए थे। कुलविंदर सिंह परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने और देश की सेवा करने का सपना लेकर सेना में शामिल हुए थे। उनकी असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। कुलविंदर सिंह की पार्थिव देह तिरंगे में लिपटकर उनके पैतृक गांव काहनेके पहुंची। सेना के अधिकारी लेफ्टिनेंट शिव लोचन के नेतृत्व में सैन्य टुकड़ी ने उन्हें पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम सलामी दी। इसके बाद धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार उनका अंतिम संस्कार किया गया। सेना की ओर से उनके माता-पिता और भाई को तिरंगा सौंपा गया।
परिवार की आर्थिक स्थिति और सहायता की मांग
कुलविंदर सिंह के पिता जगसीर सिंह ने परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति बताई। उन्होंने कहा कि कुलविंदर ही परिवार का मुख्य कमाने वाला सदस्य था। परिवार दिहाड़ी मजदूरी कर मुश्किल से गुजारा करता है। परिवार ने पंजाब और केंद्र सरकार से आर्थिक सहायता तथा एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। ग्रामीणों ने भी सरकार से तत्काल सहायता उपलब्ध करवाने की अपील की है।
विज्ञापन