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कोताही: पिता की मौत का सर्टिफिकेट लेने गए बेटे को थमा दिया उसकी ही मौत का सर्टिफिकेट
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना
Updated Fri, 12 Jun 2026 10:11 PM IST
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सरकारी रिकॉर्ड में बड़ी चूक से मचा हड़कंप, पीड़ित परिवार लगा रहा दफ्तरों के चक्कर
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी गोबिंदगढ़। सरकारी दफ्तरों के रिकॉर्ड में लापरवाही का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है जिसने सरकारी कार्यप्रणाली और रिकॉर्ड व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। निकटवर्ती गांव अंबे माजरा के एक युवक को अपने पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र जब लेने आया तो संबंधित विभाग ने उसके पिता की जगह बेटे को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया।
हरविंदर सिंह ने बताया कि पिछले महीने उनके पिता केसर सिंह का निधन हो गया था। उन्होंने सभी आवश्यक दस्तावेज जमा कर मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था। जब प्रमाण पत्र जारी हुआ तो उसमें मृतक केसर सिंह के बजाय हरविंदर सिंह का नाम दर्ज था। इससे सरकारी रिकॉर्ड में हरविंदर सिंह को ही मृत दर्शा दिया गया। हरविंदर सिंह को इस गलती के कारण कई सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उन्होंने भविष्य में कानूनी और प्रशासनिक परेशानियों की आशंका जताई है। पिता की मौत के बाद महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी ने रिपोर्ट दर्ज की थी। यह घटना सरकारी रिकॉर्ड प्रणाली में लापरवाही उजागर करती है।
लोगों की चिंता और मांग
क्षेत्र के लोगों ने इस मामले पर गहरी चिंता जताई है। उनका कहना है कि ऐसी गंभीर गलतियां आम नागरिकों के लिए बड़ी मुसीबत बन सकती हैं। लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने जिम्मेदार कर्मचारियों और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने को कहा है। यह भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक है।
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विभाग का स्पष्टीकरण और सुधार
डिस्पेंसरी में तैनात एएनएम हरजोत कौर ने इसे दफ्तर की गलती बताया है। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड तैयार करते समय यह त्रुटि हुई। मामले की जानकारी सिविल सर्जन फतेहगढ़ साहिब को दे दी गई है। संबंधित अधिकारियों को भी सूचित किया गया है। हरजोत कौर ने जल्द ही प्रमाण पत्र में सुधार का आश्वासन दिया है।
फोटो कैप्शन: मृत्यु प्रमाण पत्र में नाम की गंभीर त्रुटि के बाद दस्तावेज दिखाते पीड़ित हरविंदर सिंह।
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी गोबिंदगढ़। सरकारी दफ्तरों के रिकॉर्ड में लापरवाही का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है जिसने सरकारी कार्यप्रणाली और रिकॉर्ड व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। निकटवर्ती गांव अंबे माजरा के एक युवक को अपने पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र जब लेने आया तो संबंधित विभाग ने उसके पिता की जगह बेटे को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया।
हरविंदर सिंह ने बताया कि पिछले महीने उनके पिता केसर सिंह का निधन हो गया था। उन्होंने सभी आवश्यक दस्तावेज जमा कर मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था। जब प्रमाण पत्र जारी हुआ तो उसमें मृतक केसर सिंह के बजाय हरविंदर सिंह का नाम दर्ज था। इससे सरकारी रिकॉर्ड में हरविंदर सिंह को ही मृत दर्शा दिया गया। हरविंदर सिंह को इस गलती के कारण कई सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उन्होंने भविष्य में कानूनी और प्रशासनिक परेशानियों की आशंका जताई है। पिता की मौत के बाद महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी ने रिपोर्ट दर्ज की थी। यह घटना सरकारी रिकॉर्ड प्रणाली में लापरवाही उजागर करती है।
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लोगों की चिंता और मांग
क्षेत्र के लोगों ने इस मामले पर गहरी चिंता जताई है। उनका कहना है कि ऐसी गंभीर गलतियां आम नागरिकों के लिए बड़ी मुसीबत बन सकती हैं। लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने जिम्मेदार कर्मचारियों और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने को कहा है। यह भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक है।
विभाग का स्पष्टीकरण और सुधार
डिस्पेंसरी में तैनात एएनएम हरजोत कौर ने इसे दफ्तर की गलती बताया है। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड तैयार करते समय यह त्रुटि हुई। मामले की जानकारी सिविल सर्जन फतेहगढ़ साहिब को दे दी गई है। संबंधित अधिकारियों को भी सूचित किया गया है। हरजोत कौर ने जल्द ही प्रमाण पत्र में सुधार का आश्वासन दिया है।
फोटो कैप्शन: मृत्यु प्रमाण पत्र में नाम की गंभीर त्रुटि के बाद दस्तावेज दिखाते पीड़ित हरविंदर सिंह।