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Ludhiana News: पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने से मौत की पुष्टि...संदेह में रह गया तेजाब
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना
Updated Sat, 02 May 2026 12:30 AM IST
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- 29 अप्रैल की शाम छावनी क्षेत्र में हाईवे के किनारे मिला था अधेड़ का शव
- कार्रवाई में लापरवाही पर दरोगा समेत तीन पुलिसकर्मी किए गए हैं निलंबित
- पड़ोसी से आठ साल से चल रहा विवाद, एक दिन पहले हुई थी झड़प
बस्ती। तेजाब पिलाकर छावनी थाना क्षेत्र के शंकरपुर (कुचुरपुरवा) गांव के रहने वाले प्रसाद वर्मा (50) की हत्या के आरोपों के बीच हुए पोस्टमार्टम में दम घुटने से मौत की पुष्टि हुई है। परिवार के लोगों ने शरीर पर भी डालने का संदेह जताया था। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तेजाब का कोई जिक्र नहीं है। छावनी थानाध्यक्ष चंदन कुमार ने बताया कि, फिलहाल हत्या मानकर ही मामले की जांच की जा रही है। वहीं इस मामले में कार्रवाई में लापरवाही पर विक्रमजोत चौकी प्रभारी शशिशेखर सिंह समेत तीन पुलिसकर्मी निलंबित किए जा चुके हैं।
शंकरपुर के रहने वाले गया प्रसाद के परिजन सदमे में हैं। गया के पिता राम सुजग की तहरीर पर पुलिस ने गांव के ही राजन, उसके भाई भल्लर, कृष्णा, सौरभ, चंदन, निशा और शिखा के खिलाफ हत्या की धारा में प्राथमिकी दर्ज की है। वहीं, शुक्रवार को सांसद राम प्रसाद चौधरी मिलने पहुंचे तो राम सुजग समेत पूरा परिवार फफक कर रो पड़ा और न्याय की गुहार लगाई। सांसद ने प्रशासन से इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की।
किसान राम सुजग बेटे की हत्या के बाद सहमे हुए हैं। उन्होंने बताया कि पड़ोसी राजन के परिवार से जमीन को लेकर आठ साल से विवाद चल रहा है। मामला न्यायालय में विचाराधीन है। हालांकि, इस मामले को लेकर पड़ोसी अक्सर उनके परिवार से झगड़ा करते रहे हैं। उन्होंने बताया कि, 28 अप्रैल को पड़ोसी राजन के परिवार के लोग गया प्रसाद को मारने के लिए दरवाजे पर चढ़ आए थे। उसने घर में भागकर जान बचाई थी। यह घटनाक्रम उनके घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया था। गांव के लोगों का कहना है कि, पड़ोसी के घर की एक महिला ने गया प्रसाद पर छेड़खानी का आरोप लगा दिया था और इसकी सूचना पुलिस को भी दी थी।
राम सुजग ने बताया कि पुलिस ने 28 अप्रैल की ही रात में उनके घर पर दबिश भी दी थी। उस समय गया मौजूद नहीं मिला था तो राम सुजग को पुलिस विक्रमजोत चौकी लेकर चली गई था। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने मामला निपटाने के लिए रुपये की डिमांड की थी। उनका कहना हैं कि यदि पुलिस ने सुझबूझ दिखाते हुए विपक्षियों पर सख्ती बरती होती तो इतनी बड़ी वारदात सामने नहीं आती। आरोपियों को खुली छूट मिलने के कारण ही उनके बेटे की हत्या हुई है।
गया प्रसाद ने खुद हाईवे के किनारे खड़ी की थी गाड़ी
पिता ने बताया कि गया अपनी स्कार्पियों भाड़े पर चलाता था। 29 अप्रैल की सुबह 10 बजे छावनी थाना क्षेत्र रमहटिया गांव के पास हाईवे के किनारे एक चाय की दुकान पर उसने अपनी स्कार्पियों खड़ी की थी। दुकानदार ने बताया कि गाड़ी खड़ी करने के बाद गया मोबाइल पर बात करते हुए हाथ में बोतल में पानी लिए बगीचे की तरफ चला गया। दुकानदार ने पुलिस को बताया कि उसे लगा कि वह शौच के लिए गया है लेकिन, वापस नहीं लौटा। उसी दिन शाम को छह बजे गया का शव मिलने की सूचना मिली।
तीन नामजद आरोपियों को तलाश रही पुलिस
पिता राम सुजग की तहरीर पर पुलिस ने गांव के ही राजन, उसके भाइयों भल्लर, कृष्णा और सौरभ, चंदन, निशा और शिखा के खिलाफ हत्या की धारा में प्राथमिकी दर्ज की है। शव मिलने के बाद सक्रिय हुई पुलिस ने राजन, कृष्णा, सौरभ और भल्लर को गिरफ्तार कर लिया है। तीन आरोपियों चंदन, निशा और शिखा की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। सीओ हर्रैया स्वर्णिमा सिंह ने बताया कि वारदात में शामिल दोषी बख्शे नहीं जाएंगे। शव का कुछ हिस्सा जला हुआ पाया गया था लेकिन पोस्टमार्टम में तेजाब पिलाकर हत्या किए जाने की पुष्टि नहीं हुई। दम घुटने से मौत होना बताया गया है। मामले की छानबीन अभी चल रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी दबिश दी जा रही है।
एसपी कर रहे मामले की जांच की निगरानी
तेजाब पिलाकर हत्या के आरोप की जानकारी के बाद एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने सख्त रुख अख्तियार किया है। इस मामले में कार्रवाई में लापरवाही के आरोपों के बाद उन्होंने प्रथमदृष्टया विक्रमजोत चौकी प्रभारी शशिशेखर सिंह, आरक्षी काशीनाथ पांडेय एवं आरक्षी राहुल सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके अलावा विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने से मौत की पुष्टि हुई है। इसमें गला दबाने (स्ट्रंगुलेसन यानी हाथ से गला घोटना) की बात सामने आई है। तेजाब पिलाने या तेजाब डालने जैसा कोई जिक्र चिकित्सकों की रिपोर्ट में नहीं है। पुलिस फिर भी सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। आगे जो भी तथ्य सामने आएंगे उन्हें विवेचना में सम्मिलित किया जाएगा।
- श्यामकांत, एएसपी
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- पड़ोसी से आठ साल से चल रहा विवाद, एक दिन पहले हुई थी झड़प
बस्ती। तेजाब पिलाकर छावनी थाना क्षेत्र के शंकरपुर (कुचुरपुरवा) गांव के रहने वाले प्रसाद वर्मा (50) की हत्या के आरोपों के बीच हुए पोस्टमार्टम में दम घुटने से मौत की पुष्टि हुई है। परिवार के लोगों ने शरीर पर भी डालने का संदेह जताया था। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तेजाब का कोई जिक्र नहीं है। छावनी थानाध्यक्ष चंदन कुमार ने बताया कि, फिलहाल हत्या मानकर ही मामले की जांच की जा रही है। वहीं इस मामले में कार्रवाई में लापरवाही पर विक्रमजोत चौकी प्रभारी शशिशेखर सिंह समेत तीन पुलिसकर्मी निलंबित किए जा चुके हैं।
शंकरपुर के रहने वाले गया प्रसाद के परिजन सदमे में हैं। गया के पिता राम सुजग की तहरीर पर पुलिस ने गांव के ही राजन, उसके भाई भल्लर, कृष्णा, सौरभ, चंदन, निशा और शिखा के खिलाफ हत्या की धारा में प्राथमिकी दर्ज की है। वहीं, शुक्रवार को सांसद राम प्रसाद चौधरी मिलने पहुंचे तो राम सुजग समेत पूरा परिवार फफक कर रो पड़ा और न्याय की गुहार लगाई। सांसद ने प्रशासन से इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की।
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किसान राम सुजग बेटे की हत्या के बाद सहमे हुए हैं। उन्होंने बताया कि पड़ोसी राजन के परिवार से जमीन को लेकर आठ साल से विवाद चल रहा है। मामला न्यायालय में विचाराधीन है। हालांकि, इस मामले को लेकर पड़ोसी अक्सर उनके परिवार से झगड़ा करते रहे हैं। उन्होंने बताया कि, 28 अप्रैल को पड़ोसी राजन के परिवार के लोग गया प्रसाद को मारने के लिए दरवाजे पर चढ़ आए थे। उसने घर में भागकर जान बचाई थी। यह घटनाक्रम उनके घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया था। गांव के लोगों का कहना है कि, पड़ोसी के घर की एक महिला ने गया प्रसाद पर छेड़खानी का आरोप लगा दिया था और इसकी सूचना पुलिस को भी दी थी।
राम सुजग ने बताया कि पुलिस ने 28 अप्रैल की ही रात में उनके घर पर दबिश भी दी थी। उस समय गया मौजूद नहीं मिला था तो राम सुजग को पुलिस विक्रमजोत चौकी लेकर चली गई था। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने मामला निपटाने के लिए रुपये की डिमांड की थी। उनका कहना हैं कि यदि पुलिस ने सुझबूझ दिखाते हुए विपक्षियों पर सख्ती बरती होती तो इतनी बड़ी वारदात सामने नहीं आती। आरोपियों को खुली छूट मिलने के कारण ही उनके बेटे की हत्या हुई है।
गया प्रसाद ने खुद हाईवे के किनारे खड़ी की थी गाड़ी
पिता ने बताया कि गया अपनी स्कार्पियों भाड़े पर चलाता था। 29 अप्रैल की सुबह 10 बजे छावनी थाना क्षेत्र रमहटिया गांव के पास हाईवे के किनारे एक चाय की दुकान पर उसने अपनी स्कार्पियों खड़ी की थी। दुकानदार ने बताया कि गाड़ी खड़ी करने के बाद गया मोबाइल पर बात करते हुए हाथ में बोतल में पानी लिए बगीचे की तरफ चला गया। दुकानदार ने पुलिस को बताया कि उसे लगा कि वह शौच के लिए गया है लेकिन, वापस नहीं लौटा। उसी दिन शाम को छह बजे गया का शव मिलने की सूचना मिली।
तीन नामजद आरोपियों को तलाश रही पुलिस
पिता राम सुजग की तहरीर पर पुलिस ने गांव के ही राजन, उसके भाइयों भल्लर, कृष्णा और सौरभ, चंदन, निशा और शिखा के खिलाफ हत्या की धारा में प्राथमिकी दर्ज की है। शव मिलने के बाद सक्रिय हुई पुलिस ने राजन, कृष्णा, सौरभ और भल्लर को गिरफ्तार कर लिया है। तीन आरोपियों चंदन, निशा और शिखा की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। सीओ हर्रैया स्वर्णिमा सिंह ने बताया कि वारदात में शामिल दोषी बख्शे नहीं जाएंगे। शव का कुछ हिस्सा जला हुआ पाया गया था लेकिन पोस्टमार्टम में तेजाब पिलाकर हत्या किए जाने की पुष्टि नहीं हुई। दम घुटने से मौत होना बताया गया है। मामले की छानबीन अभी चल रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी दबिश दी जा रही है।
एसपी कर रहे मामले की जांच की निगरानी
तेजाब पिलाकर हत्या के आरोप की जानकारी के बाद एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने सख्त रुख अख्तियार किया है। इस मामले में कार्रवाई में लापरवाही के आरोपों के बाद उन्होंने प्रथमदृष्टया विक्रमजोत चौकी प्रभारी शशिशेखर सिंह, आरक्षी काशीनाथ पांडेय एवं आरक्षी राहुल सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके अलावा विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने से मौत की पुष्टि हुई है। इसमें गला दबाने (स्ट्रंगुलेसन यानी हाथ से गला घोटना) की बात सामने आई है। तेजाब पिलाने या तेजाब डालने जैसा कोई जिक्र चिकित्सकों की रिपोर्ट में नहीं है। पुलिस फिर भी सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। आगे जो भी तथ्य सामने आएंगे उन्हें विवेचना में सम्मिलित किया जाएगा।
- श्यामकांत, एएसपी
