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ड्यूटी के दौरान पड़ा दिल का दौरा: दिल्ली में पंजाब के जवान की मौत, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
सार
नायक टीएस सिकंदर सिंह का दिल्ली में ड्यूटी के दौरान अचानक दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वह अपने पीछे पत्नी और दो मासूम बेटियां छोड़ गए।
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हार्ट अटैक से जवान की मौत
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
देश की रक्षा करते हुए ड्यूटी निभा रहे जगराओं के निकटवर्ती गांव गगड़ा के 33 वर्षीय सेना के जवान नायक टीएस सिकंदर सिंह का दिल्ली में ड्यूटी के दौरान अचानक दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। जैसे ही उनके निधन की खबर गांव में पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। हर आंख नम हो गई और परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
भारतीय सेना की 5 सिख लाइट इन्फेंट्री में तैनात सिकंदर सिंह करीब 16 वर्ष पहले एक साधारण मजदूर परिवार से निकलकर सेना में भर्ती हुए थे। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपनी मेहनत, अनुशासन और देशभक्ति के दम पर सेना में अपनी अलग पहचान बनाई। उनका सरल स्वभाव, कर्तव्यनिष्ठा और मिलनसार व्यक्तित्व उन्हें साथियों के बीच बेहद सम्मानित बनाता था।
तीन भाइयों में सबसे बड़े सिकंदर सिंह ने कम उम्र से ही परिवार की जिम्मेदारियां अपने कंधों पर उठा ली थीं। करीब पांच वर्ष पहले उनका विवाह हुआ था और उनका परिवार अभी खुशियों की नई शुरुआत ही कर रहा था। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। उनके असामयिक निधन से पत्नी का सुहाग उजड़ गया और उनकी दो मासूम बेटियां पिता के साये से हमेशा के लिए वंचित हो गईं।
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कैप्टन पूर्ण सिंह गगड़ा और हवलदार अमरपाल सिंह गगड़ा ने बताया कि नायक टीएस सिकंदर सिंह का पार्थिव शरीर तड़के उनके पैतृक गांव गगड़ा पहुंचेगा। उनका अंतिम संस्कार 10 जुलाई सुबह 10 बजे पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया जाएगा। अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।
देश की सेवा करते-करते इस वीर जवान की विदाई ने पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया है। सिकंदर सिंह भले ही इस दुनिया से चले गए हों, लेकिन उनकी देशभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और बलिदान की भावना हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेगी।
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भारतीय सेना की 5 सिख लाइट इन्फेंट्री में तैनात सिकंदर सिंह करीब 16 वर्ष पहले एक साधारण मजदूर परिवार से निकलकर सेना में भर्ती हुए थे। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपनी मेहनत, अनुशासन और देशभक्ति के दम पर सेना में अपनी अलग पहचान बनाई। उनका सरल स्वभाव, कर्तव्यनिष्ठा और मिलनसार व्यक्तित्व उन्हें साथियों के बीच बेहद सम्मानित बनाता था।
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तीन भाइयों में सबसे बड़े सिकंदर सिंह ने कम उम्र से ही परिवार की जिम्मेदारियां अपने कंधों पर उठा ली थीं। करीब पांच वर्ष पहले उनका विवाह हुआ था और उनका परिवार अभी खुशियों की नई शुरुआत ही कर रहा था। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। उनके असामयिक निधन से पत्नी का सुहाग उजड़ गया और उनकी दो मासूम बेटियां पिता के साये से हमेशा के लिए वंचित हो गईं।
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कैप्टन पूर्ण सिंह गगड़ा और हवलदार अमरपाल सिंह गगड़ा ने बताया कि नायक टीएस सिकंदर सिंह का पार्थिव शरीर तड़के उनके पैतृक गांव गगड़ा पहुंचेगा। उनका अंतिम संस्कार 10 जुलाई सुबह 10 बजे पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया जाएगा। अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।
देश की सेवा करते-करते इस वीर जवान की विदाई ने पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया है। सिकंदर सिंह भले ही इस दुनिया से चले गए हों, लेकिन उनकी देशभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और बलिदान की भावना हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेगी।