Punjab: सरकारी चॉपर मिसयूज पर सीएम मान के खिलाफ डाली थी पोस्ट, इंफ्लूएंसर सहित छह नामजद; सियासत गरमाई
एफआईआर में कहा गया है कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की विदेश यात्रा के दौरान चॉपर के गलत इस्तेमाल की बता कही गई, जो गलत निकली है। इस पर, भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
विस्तार
पंजाब के सीएम भगवंत मान के सरकारी चॉपर के मिसयूज के बारे में सोशल मीडिया पर पोस्ट डालना इंफ्लूएंसर, आईटीआई कार्यकर्ता सहित कई लोगों को भारी पड़ गया। कमिश्नरेट के साइबर सेल की टीम ने इस मामले में एक मामला दर्ज किया है।
इसमें इंफ्लूएंसर, आरटीआई एक्टिविस्ट, सोशल मीडिया चैनल सहित दस लोगों को नामजद किया है। साइबर सेल की टीम द्वारा दर्ज किए मामले में बीस दिन तक पुलिस ने किसी को पता तक नहीं चलने दिया। जब इस मामले में नामजद किए लोगों के घरों पर दबिश दी गई तो पता चला।
पुलिस ने इस मामले में मिंटू गुरुसरिया, गगन रामगढ़िया, हरमन फार्मर, मनदीप मक्कड़, गुरलाल एस मान, सनाम्मू धालीवाल, माणिक गोयल, अर्जन लाइव, दीप मंगली और लोक आवाज टीवी के नाम से चल रहे खातों द्वारा अपलोड किए गए कई फेसबुक पोस्ट को चिह्नित किया। सभी लोगों पर दर्ज मामले में पुलिस द्वारा कहा गया कि इन लोगों ने सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाई है।
माणिक गोयल द्वारा नौ दिसंबर को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डाली थी। जिसमें पंजाब के सीएम का सरकारी चॉपर था और कहा गया था कि पंजाब सीएम जापान और दक्षिण कोरिया की आधिकारिक यात्रा पर थे, उस समय उनका हेलिकॉप्टर कोई और ही इस्तेमाल कर रहा था। इसको लेकर उड़ान-ट्रैकिंग डेटा की गलत व्याख्या की गई थी। माणिक गोयल ने कहा कि आरटीआई के तहत सूचना मांगी थी, वह तो दी नहीं और पर्चा दर्ज कर दिया।
एफआईआर में कहा गया है कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की विदेश यात्रा के दौरान चॉपर के गलत इस्तेमाल की बता कही गई, जो गलत निकली है। इस पर, भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने कहा कि सामग्री की प्रारंभिक जांच से पता चला है कि उड़ान-ट्रैकिंग डेटा की गलत व्याख्या की गई, असंबंधित दृश्यों का चयनात्मक उपयोग किया गया और भड़काऊ टिप्पणी की गई, जिससे एक झूठी और भ्रामक कहानी बनाई गई। पोस्ट में हेलिकॉप्टर के गलत उपयोग का दावा करने का प्रयास किया गया, जो कि आधिकारिक रिकॉर्ड के विपरीत है।
पंजाब के नागरिक उड्डयन विभाग ने साफ किया है कि हेलिकॉप्टर का उपयोग एक अधिकारी द्वारा किया गया था, जिसे संबंधित अवधि के दौरान अधिकृत किया गया था। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि ऐसी सामग्री के प्रसार से जनता को गुमराह किया जा सकता है, संवैधानिक संस्थानों में विश्वास कम हो सकता है। आधिकारिक कामकाज बाधित हो सकता है और पंजाब जैसे सीमावर्ती राज्य में सार्वजनिक व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। पुलिस ने कहा है कि जांच के दौरान दावे को लेकर इस्तेमाल सामग्री की प्रामाणिकता, सटीकता और उत्पत्ति की पूरी तरह से जांच की जाएगी।
उधर, आरटीआई एक्टिविस्ट मानिक गोयल ने कहा कि मैंने कई बार सरकार से कई मुद्दों को लेकर सवाल किया, लेकिन कभी कोई जवाब मुझे नहीं मिला। अब यदि सवाल पूछने पर भी मामला दर्ज किया जाएगा, तो जनता कैसे अपने मुद्दे रख सकती है। सभी को पता है कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का हेलिकॉप्टर अरविंद केजरीवाल इस्तेमाल कर रहे हैं, जनता की मेहनत की कमाई को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा।
मिंटू गुरुसरिया बोले- पर्चा किस बात का
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मिंटू गुरुसरिया ने मामला दर्ज होने के बाद कहा कि जब मुख्यमंत्री भगवंत मान कोरिया और जापान के दौरे पर थे, तब उस दौरान आरटीई एक्टिविस्ट माणिक गोयल ने एक डॉक्यूमेंट निकाला था, जो एक मैप की तरह था। जिसमें यह दिखाया गया था कि मुख्यमंत्री भगवान सिंह मान का हेलिकॉप्टर चंडीगढ़ से अमृतसर और फिर चंडीगढ़ गया। यह रूट उसमें बना था। वह मैप वायरल भी हुआ। उस पर माणिक गोयल का वाटर मार्क भी लगा हुआ था। अब मेरा इसमें क्या रोल है वह मैं आपको बता देता हूं कि मैंने उस पोस्ट को सिर्फ री-पोस्ट किया था। मैंने 10 दिसंबर को सिर्फ यह लिखा था कि मुख्यमंत्री तो विदेश यात्रा पर है तो उनके पीछे से उनके हेलिकाप्टर को भट्ठे वाला रेहड़ा किसने बना दिया। यह सिर्फ एक सवाल था। यह कामन सवाल था कि सीएम विदेश है तो उनका जहाज पीछे से कौन उड़ा रहा है। क्या इस सवाल के साथ किसी चीफ मिनिस्टर की सुरक्षा दांव पर लगी है। कोई क्या हमने कोई कॉन्फिडेंशियल पत्र सीएम की सुरक्षा के मद्देनजर वायरल किया है। ऐसा कुछ भी नहीं। क्या मैंने किसी व्यक्ति का फेक नाम लिया है कि यह व्यक्ति हेलिकाप्टर उड़ा रहा है। मैंने तो यह भी नहीं कहा कि केजरीवाल उड़ा रहे है।
अब बलतेज पन्नू आधिकारिक तौर पर आप पार्टी के प्रवक्ता भी है और महासचिव भी है। उन्होंने इस पर हमें जवाब भी दिया था। उन्होंने कहा था कि फेसबुकी और हवा-हवाई पत्रकारों को यह नहीं पता कि हेलिकाप्टर गवर्नर भी उड़ा सकते है। तो ये क्लियर हो गया था कि हेलिकाप्टर गवर्नर उड़ा रहे है। मैंने एक सवाल किया था कि उस जहाज को को किसने उड़ाया। उसका जवाब भी बलतेज पन्नू ने अपने अंदाज में दिया कि वह फेरी गवर्नर की थी। इसमें पर्चे वाली तो कोई बात ही नहीं थी। पर्चा किस बात का बनता है, यह बताएं।
विपक्ष ने साधा निशाना
दस लोगों पर मामला दर्ज करने के बाद आप सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई है। मामला दर्ज होने के बाद जहां भाजपा प्रधान सुनील जाखड़़ ने सवाल खड़े किए है वहीं कांग्रेस प्रधान राजा वड़िंग ने भी सरकार को घेरा है। भाजपा प्रदेश सचिव अनिल सरीन ने इसकी कड़ी निंदा की है। यह पत्रकारिता पर अघोषित इमरजेंसी है। भाजपा इस एफआईआर को रद्द करने की मांग करती है।
कांग्रेस सांसद व पूर्व डिप्टी सीएम सुखजिंदर सिंह ने रंधावा ने ट्वीट कर कहा- क्या इस सरकार ने सवाल पूछने के अधिकार को अपराध की श्रेणी में डाल दिया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की गैरमौजूदगी के दौरान सरकारी हेलिकॉप्टरों के इस्तेमाल पर पूछे गए जायज सवालों के जवाब देने के बजाय, पत्रकारों और आरटीआई माहिरों को मुकदमों के जरिए चुप कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार की उस हर दमनकारी कार्रवाई के खिलाफ मजबूती से खड़ी है, जो लोकतंत्र को खत्म करने के इरादे से की जा रही है।
पंजाबियों को डराकर चुप नहीं करवाया जा सकता
पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष व लुधियाना से सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि सरकार में आने से पहले आम आदमी पार्टी के नेता गांवों की सभाओं में पंजाबियों को सरकार से सवाल पूछने के लिए प्रेरित करते थे, और आज उन्हीं की सरकार सवाल पूछने वाले पत्रकारों पर मुकदमे दर्ज कर रही है, जो बेहद निंदनीय है। शायद वे यह भूल गए हैं कि पंजाबियों को कभी भी डराकर चुप नहीं कराया जा सकता।