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Ludhiana News: ट्रेड यूनियनों और किसानों ने मोदी सरकार के खिलाफ किया प्रदर्शन
Mon, 10 Aug 2026 07:01 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना
Updated Mon, 10 Aug 2026 07:01 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
मानसा। देश भर की ट्रेड यूनियनों और संयुक्त किसान मोर्चे ने मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ देशव्यापी आह्वान पर मानसा में विशाल रैली की। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के बैरिकेड तोड़ते हुए कचहरी के गेट पर जोरदार नारेबाजी की। इस बीच, जिला प्रशासन की ओर से अपर जिलाधिकारी ने मौके पर आकर मांग पत्र प्राप्त किया।
नेताओं ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि मोदी सरकार कॉरपोरेट घरानों को देश बेच रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार नए रूप में देश के स्रोतों की लूट की छूट दे रही है। प्रस्तावित भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते को तुरंत रद्द करने की मांग की गई। नेताओं ने कहा कि यह समझौता छोटे और मध्यवर्गीय किसानों के हितों पर सीधा हमला है। इससे खेती, डेयरी फॉर्मिंग और पोल्ट्री फॉर्मिंग तबाह हो जाएगी। उन्होंने मजदूर विरोधी कानूनों को रद्द करने और चार लेबर कोड़ों व वीबी ग्राम जी कानून को वापस लेने की भी मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने सार्वजनिक क्षेत्र के अंधाधुंध निजीकरण को बंद करने की मांग की। उन्होंने कच्चे कर्मियों के लिए स्थायी रोजगार और न्यूनतम 42 हजार रुपये प्रति महीना मजदूरी लागू करने की बात कही। नेताओं ने बेलगाम महंगाई पर तुरंत रोक लगाने की भी मांग की। इसके साथ ही, संविधान और लोकतंत्र की रक्षा तथा पंजाब सरकार की लैंड पुलिंग नीति वापस लेने की मांग की गई।
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मानसा। देश भर की ट्रेड यूनियनों और संयुक्त किसान मोर्चे ने मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ देशव्यापी आह्वान पर मानसा में विशाल रैली की। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के बैरिकेड तोड़ते हुए कचहरी के गेट पर जोरदार नारेबाजी की। इस बीच, जिला प्रशासन की ओर से अपर जिलाधिकारी ने मौके पर आकर मांग पत्र प्राप्त किया।
नेताओं ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि मोदी सरकार कॉरपोरेट घरानों को देश बेच रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार नए रूप में देश के स्रोतों की लूट की छूट दे रही है। प्रस्तावित भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते को तुरंत रद्द करने की मांग की गई। नेताओं ने कहा कि यह समझौता छोटे और मध्यवर्गीय किसानों के हितों पर सीधा हमला है। इससे खेती, डेयरी फॉर्मिंग और पोल्ट्री फॉर्मिंग तबाह हो जाएगी। उन्होंने मजदूर विरोधी कानूनों को रद्द करने और चार लेबर कोड़ों व वीबी ग्राम जी कानून को वापस लेने की भी मांग की।
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प्रदर्शनकारियों ने सार्वजनिक क्षेत्र के अंधाधुंध निजीकरण को बंद करने की मांग की। उन्होंने कच्चे कर्मियों के लिए स्थायी रोजगार और न्यूनतम 42 हजार रुपये प्रति महीना मजदूरी लागू करने की बात कही। नेताओं ने बेलगाम महंगाई पर तुरंत रोक लगाने की भी मांग की। इसके साथ ही, संविधान और लोकतंत्र की रक्षा तथा पंजाब सरकार की लैंड पुलिंग नीति वापस लेने की मांग की गई।
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