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वृंदावन नाव हादसा: इंस्टा पर देखी रील से बची राजिंदर कौर की जान, एक युवक और महिला को भी सुरक्षित निकाला

संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब) Published by: Nivedita Updated Wed, 15 Apr 2026 10:53 AM IST
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सार

रजिंदर कौर का कहना है कि डूबते समय नाव कई बार उनके सिर से टकराई लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। वे बचाव दल की नाव का कुंडा पकड़कर मौत के मुंह से बाहर निकल आईं। इस हादसे में राजिंदर कौर ने अपनी बहादुरी का परिचय दिया। 

Vrindavan Boat Tragedy Rajinder Kaur Life Saved Thanks to an Instagram Reel
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI
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विस्तार

वृंदावन के यमुना तट पर हुए दर्दनाक नाव हादसे में लुधियाना की रजिंदर कौर को एक रील के टिप्स मौत के मुंह से निकाल लाए। सोशल मीडिया पर देखी गई एक चंद सेकंड की रील उनके लिए फरिश्ता बन गई।
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राजिंदर कौर ने बताया कि हादसे के दौरान काल बनकर यमुना की लहरें उफन रही थीं और नाव पलट चुकी थी। इस दौरान उन्हें इंस्टाग्राम पर रील में देखे जीवन रक्षक टिप्स याद आए। उन्होंने पानी के भीतर अपना मुंह बंद रखा, सांसें रोकीं और हाथ-पैर चलाकर खुद को सतह पर बनाए रखा। 
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मौत को मात देकर बाहर निकलीं रजिंदर ने न सिर्फ अपनी जान बचाई, बल्कि साहस का परिचय देते हुए एक युवक और अन्य महिला को भी सुरक्षित बाहर निकलवाने में मददगार बनीं।

रजिंदर कौर का कहना है कि डूबते समय नाव कई बार उनके सिर से टकराई लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। वे बचाव दल की नाव का कुंडा पकड़कर मौत के मुंह से बाहर निकल आईं। इस हादसे में राजिंदर कौर ने अपनी बहादुरी का परिचय दिया। 

यश भल्ला का अंतिम संस्कार 

वहीं, इस हादसे में जान गंवाने वाले लुधियाना निवासी 21 वर्षीय यश भल्ला का मंगलवार को अंतिम संस्कार किया गया। वह आठ साल की उम्र से ढोलक की थाप से लोगों मंत्रमुग्ध कर रहा था। यश पहली बार बांके बिहारी के दर्शन के लिए इतना उत्साहित था कि उसने घर से निकलते समय मां से वादा किया था कि अगली बार उन्हें भी साथ ले जाएगा।

चश्मदीदों के मुताबिक हादसे के वक्त भी यश नाव की आखिरी सीट पर बैठा प्रभु भक्ति में लीन होकर ढोलक बजा रहा था। मां सरोज को उसका आखिरी फोन कॉल आज भी याद है जिसमें उसने बस में बैठते ही कहा था कि अब फोन मत करना, मैं ढोलक बजाने जा रहा हूं। 10 अप्रैल को हुए इस हादसे के बाद 15 श्रद्धालुओं के शव मिल चुके हैं, जबकि एक व्यक्ति अब भी लापता है। रजिंदर कौर ने बताया कि हादसा स्टीमर के ओवरलोड होने से नहीं, बल्कि यमुना पर बन रहे पुल की रस्सी में नाव के फंसने और टकराने के कारण हुआ।
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