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Punjab: विधायक बिक्रमजीत चौधरी बोले- पिता के लिए एंबुलेंस बस नाम की थी, चिकित्सकों ने कुछ नहीं किया
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर, (पंजाब)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Sun, 15 Jan 2023 02:31 AM IST
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सार
उन्होंने आरोप लगाया कि उसमें कोई सुविधा नहीं थी और उलटा मौजूद चिकित्सकों ने कहा कि किनारे हो जाओ, वी नो हाऊ टू डू इट। वहीं पंजाब के सेहत मंत्री व सिविल सर्जन बोले कि चिकित्सकों ने हर संभव यत्न किया।
भारत जोड़ो यात्रा के दौरान सांसद संतोष चौधरी का निधन।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
चौधरी संतोख सिंह को जब दिल का दौरा पड़ा तो उनको तत्काल काफिले के साथ चल रही एंबुलेंस में डालकर अस्पताल ले जाया गया। इसी एंबुलेंस में सांसद के बेटे विधायक बिक्रमजीत चौधरी भी थे। बिक्रमजीत चौधरी ने राहुल गांधी के समक्ष कहा कि एंबुलेंस बस नाम की थी, उसमें कोई सुविधा नहीं थी और उलटा मौजूद चिकित्सकों ने कहा कि किनारे हो जाओ, वी नो हाऊ टू डू इट। उनके पास एमरजेंसी शॉक का भी कोई सामान नहीं था। उनको तो कभी दिल का रोग नहीं था।
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मामला तूल पकड़ा तो चिकित्सकों के पक्ष में सेहत मंत्री डॉ. बलवीर सिंह और जालंधर के सिविल सर्जन भी सामने आ गए। मंत्री डॉ. बलवीर सिंह ने कहा कि एंबुलेंस में 3 स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की टीम थी। इनमें मेडिकल स्पेशलिस्ट डॉ. सर्बजीत सिंह, ऑर्थो स्पेशलिस्ट डॉ. मोहित बंसल, एनेस्थिसियोलॉजिस्ट डॉ. संदीप और ब्लड ट्रांसफ्यूजन अफसर डॉ. नवनीत अरोड़ा शामिल थे।
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इसके अलावा पैरामेडिकल टीम भी थी।सांसद चौधरी को जब एंबुलेंस में डाला गया तो उस वक्त उनका दिल धड़क नहीं रहा था और न ही नब्ज चल रही थी। उन्हें तुरंत शॉ दिये गए और ऑक्सीजन भी लगायी। हार्ट अटैक होने पर इस्तेमाल होने वाले इंजेक्शन एड्रेनालाइन और एट्रोपिन लगाकर शॉक दिये गए।
डॉ. रमन शर्मा ने उनके विभाग की तमाम उपकरणों से लेस एंबुलेंस शनिवार को भेजी गई थी। एंबुलेंस में एडवांस लाइफ सपोर्ट सिस्टम है। एंबुलेंस में 5 स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की टीम है। उनके हार्ट में टीका भी लगाया गया। उनके बेटे के सामने ही उन्हें शॉक दिया गया।
सुबह से ही सबसे मजाक कर रहे थे सांसद चौधरी, राणा गुरजीत सिंह के साथ लगाते रहे ठहाके
सांसद चौधरी का निधन उस समय हुआ, जब वह कांग्रेसी नेताओं के साथ ही पदयात्रा कर रहे थे। जिन नेताओं ने चौधरी संतोख सिंह के साथ शनिवार को वार्ता की, उन तमाम नेताओं का कहना था कि वह अच्छे मूड में थे और मजाक के साथ ठहाके भी लगाते रहे। रोजाना एक घंटा जिम करने वाले चौधरी संतोख सिंह को उनके बेटे ने कोठी में ही एक जिम व योगा रूम तैयार करके दिया था, जहां सुबह एक घंटा लगाना चौधरी संतोख सिंह की दिनचर्या थी।
विधायक विक्रमजीत ने कहा कि शनिवार सुबह ही उन्होंने अपने लिए चाय बनाई थी और यह उनका रूटीन था।
बेशक चौधरी संतोख सिंह की उम्र 76 साल थी, लेकिन वह बिलकुल फिट थे और सूट बूट में रहना, ट्रैक सूट में घूमना उनका शौंक था। संतोख सिंह गोल्फ खेलने के भी शौकीन थे। जब भी समय मिलता था, वे जगजीत सिंह, गुलाम अली और मेहंदी हसन की गजलें सुनते थे और पत्नी डॉ. कर्मजीत कौर के साथ विचार चर्चा करना उनका रूटीन होता था। घर की रसोई में भी खाना तैयार करने में उनको कोई हिचकिचाहट नहीं होती थी।
राणा गुरजीत सिंह ने कहा कि उनके साथ शनिवार को चौधरी संतोख सिंह ने खूब ठहाके लगाये और काफी बातें की। उनकी एक अदा थी, जिसके सब मुरीद हैं। वह जिसको भी मिलते थे हंसकर पास बैठाते थे।
चौधरी साहब बिलकुल फिट थे, हमेशा चेकअप के लिए आते थे- डॉ. बलराज गुप्ता
रत्न अस्पताल बिलकुल सांसद चौधरी संतोख सिंह की कोठी के सामने स्थित है। यह ह्रदय रोग का अस्पताल है, जहां पर माहिर डॉ. बलराज गुप्ता इलाज करते हैं। सांसद चौधरी अकसर उनके पास चेकअप के लिए जाते थे। डॉ. गुप्ता ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि वह बिलकुल फिट थे, उनको हार्ट की कोई समस्या ही नहीं थी। न कोई ब्लड प्रेशर की बीमारी थी। कुछ समय पहले उनको डेंगू हुआ था और उससे पहले कोविड भी लेकिन उसके बाद जितनी बार भी चेकअप के लिए आए वह चेकअप के लिए बिलकुल फिट थे। डॉ. गुप्ता का कहना है कि उनको यकीन ही नहीं हुआ कि चौधरी संतोख सिंह को कार्डिक अरेस्ट हुआ है। उनकी डाइट भी हेल्दी थी, खाने पीने में बिलकुल चौकन्ने थे।

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