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Mohali News: सेवानिवृत्त कर्नल से धोखाधड़ी, स्काई रॉक सिटी वेलफेयर सोसाइटी के प्रमोटर पर मामला दर्ज
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मोहाली। गलत खसरा नंबरों पर रजिस्ट्री कर पहले से कब्जे में मौजूद प्लॉटों को हड़पने की साजिश रचने के आरोप में स्काई रॉक सिटी वेलफेयर सोसाइटी के प्रमोटर नवजीत सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। सेवानिवृत्त कर्नल तेजवंत सिंह सिद्धू और उनकी पत्नी डॉ. परमजीत कौर सिद्धू ने प्रमोटर नवजीत सिंह, मनजीत कौर और अमरजीत कौर पर धोखाधड़ी और कोर्ट को गुमराह करने के आरोप लगाए थे।
पीड़ित दंपती के अनुसार उन्होंने वर्ष 2011 में स्काई रॉक सिटी वेलफेयर सोसाइटी की सदस्यता लेकर 500-500 वर्ग गज के दो प्लॉट बुक किए थे। वर्ष 2016 में ड्रॉ के जरिए उन्हें प्लॉट नंबर 325 और 326 आवंटित हुए और 2017 में उन्हें भौतिक कब्जा भी दे दिया गया। इसके बावजूद प्रमोटर ने बिक्री विलेख (सेल डीड) उनके नाम पर नहीं कराई।
मामला स्थायी लोक अदालत पहुंचा, जहां 26 सितंबर 2024 को उनके पक्ष में फैसला आया और प्रमोटर को तीन माह में सेल डीड कराने के आदेश दिए गए। आदेश की अवहेलना पर अदालत ने 21 मार्च 2025 को सब-रजिस्ट्रार मोहाली को रजिस्ट्री कराने के निर्देश दिए। इसके बावजूद प्रमोटर ने कथित तौर पर मिलीभगत कर जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग से अलग आदेश हासिल कर उन्हीं प्लॉटों की रजिस्ट्री 11 सितंबर 2025 को मनजीत कौर और अमरजीत कौर के नाम करा दी।
शिकायत में आरोप है कि उपभोक्ता आयोग से आदेश लेते समय स्थायी लोक अदालत में लंबित और तय हो चुके मामलों की जानकारी छिपाई गई। गलत खसरा नंबरों पर रजिस्ट्री कर पहले से कब्जे में मौजूद प्लॉटों को हड़पने की साजिश रची गई। डिप्टी कमिश्नर मोहाली की जांच रिपोर्ट में भी धोखाधड़ी की पुष्टि की गई है। पीड़ित दंपती ने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से मामले में एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस स्तर पर जांच पूरी होने के बाद प्रमोटर नवजीत सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
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पीड़ित दंपती के अनुसार उन्होंने वर्ष 2011 में स्काई रॉक सिटी वेलफेयर सोसाइटी की सदस्यता लेकर 500-500 वर्ग गज के दो प्लॉट बुक किए थे। वर्ष 2016 में ड्रॉ के जरिए उन्हें प्लॉट नंबर 325 और 326 आवंटित हुए और 2017 में उन्हें भौतिक कब्जा भी दे दिया गया। इसके बावजूद प्रमोटर ने बिक्री विलेख (सेल डीड) उनके नाम पर नहीं कराई।
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मामला स्थायी लोक अदालत पहुंचा, जहां 26 सितंबर 2024 को उनके पक्ष में फैसला आया और प्रमोटर को तीन माह में सेल डीड कराने के आदेश दिए गए। आदेश की अवहेलना पर अदालत ने 21 मार्च 2025 को सब-रजिस्ट्रार मोहाली को रजिस्ट्री कराने के निर्देश दिए। इसके बावजूद प्रमोटर ने कथित तौर पर मिलीभगत कर जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग से अलग आदेश हासिल कर उन्हीं प्लॉटों की रजिस्ट्री 11 सितंबर 2025 को मनजीत कौर और अमरजीत कौर के नाम करा दी।
शिकायत में आरोप है कि उपभोक्ता आयोग से आदेश लेते समय स्थायी लोक अदालत में लंबित और तय हो चुके मामलों की जानकारी छिपाई गई। गलत खसरा नंबरों पर रजिस्ट्री कर पहले से कब्जे में मौजूद प्लॉटों को हड़पने की साजिश रची गई। डिप्टी कमिश्नर मोहाली की जांच रिपोर्ट में भी धोखाधड़ी की पुष्टि की गई है। पीड़ित दंपती ने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से मामले में एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस स्तर पर जांच पूरी होने के बाद प्रमोटर नवजीत सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।