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Mohali News: प्रॉपर्टी बेचने के नाम पर ठगे 25 लाख, एसएसपी के निर्देश पर मामला दर्ज
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मोहाली। प्रॉपर्टी बेचने के नाम पर करीब 25 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के निर्देश पर थाना फेज-1 में आरोपी हरजिंदर सिंह अरोड़ा के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फेज-4 निवासी तरसेम लाल ने एसएसपी को दी शिकायत में बताया कि मई 2024 में उनकी मुलाकात हरजिंदर सिंह अरोड़ा से हुई थी। उसने मकान नंबर-1019, फेज-4 (सेक्टर-59), मोहाली को बेचने की पेशकश की थी। आरोपी ने दावा किया कि मकान पूरी तरह बेदाग और किसी भी तरह के कर्ज या विवाद से मुक्त है। इसके बाद 17 जून 2024 को दोनों के बीच 4.50 करोड़ रुपये में एग्रीमेंट टू सेल हुआ।
शिकायतकर्ता के अनुसार उन्होंने 17 जून को 1100 रुपये नकद और 18 जून 2024 को आरटीजीएस के माध्यम से 20 लाख रुपये आरोपी को दिए। इसके बाद आरोपी की मांग पर 24 जून 2024 को 1.50 लाख रुपये और 29 जून 2024 को अपने बेटे के खाते से 3.52 लाख रुपये ट्रांसफर किए। इस तरह आरोपी को कुल 25 लाख रुपये दिए। एग्रीमेंट के अनुसार 16 दिसंबर 2024 को रजिस्ट्री होनी थी, लेकिन आरोपी उस दिन सब-रजिस्ट्रार कार्यालय नहीं पहुंचा। शिकायतकर्ता ने अपनी हाजिरी के लिए हलफनामा भी दर्ज कराया।
बाद में आरोपी लगातार टालमटोल करता रहा। जब शिकायतकर्ता ने गमाडा से जानकारी ली तो पता चला कि उक्त मकान पहले से ही डीआरटी के आदेश पर करीब 9 करोड़ रुपये की रिकवरी के चलते अटैच है। डीएसपी सिटी-1 की जांच में आरोप सही पाए गए। आरोपी कई बार बुलाने के बावजूद जांच में शामिल नहीं हुआ। रिपोर्ट के आधार पर एसएसपी ने मामला दर्ज करने के आदेश दिए, जिसके बाद थाना फेज-1 में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
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शिकायतकर्ता के अनुसार उन्होंने 17 जून को 1100 रुपये नकद और 18 जून 2024 को आरटीजीएस के माध्यम से 20 लाख रुपये आरोपी को दिए। इसके बाद आरोपी की मांग पर 24 जून 2024 को 1.50 लाख रुपये और 29 जून 2024 को अपने बेटे के खाते से 3.52 लाख रुपये ट्रांसफर किए। इस तरह आरोपी को कुल 25 लाख रुपये दिए। एग्रीमेंट के अनुसार 16 दिसंबर 2024 को रजिस्ट्री होनी थी, लेकिन आरोपी उस दिन सब-रजिस्ट्रार कार्यालय नहीं पहुंचा। शिकायतकर्ता ने अपनी हाजिरी के लिए हलफनामा भी दर्ज कराया।
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बाद में आरोपी लगातार टालमटोल करता रहा। जब शिकायतकर्ता ने गमाडा से जानकारी ली तो पता चला कि उक्त मकान पहले से ही डीआरटी के आदेश पर करीब 9 करोड़ रुपये की रिकवरी के चलते अटैच है। डीएसपी सिटी-1 की जांच में आरोप सही पाए गए। आरोपी कई बार बुलाने के बावजूद जांच में शामिल नहीं हुआ। रिपोर्ट के आधार पर एसएसपी ने मामला दर्ज करने के आदेश दिए, जिसके बाद थाना फेज-1 में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।