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Mohali News: हाउसिंग प्रोजेक्ट में करोड़ों की ठगी, पांच माह बाद भी दंपती पुलिस की गिरफ्त से बाहर
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जीरकपुर। हाउसिंग प्रोजेक्ट में बतौर सेल्स हेड की नौकरी कर रहे शुभम बेदी ने अपनी पत्नी मंदीप कौर के साथ मिलकर कंपनी में करोड़ों की धोखाधड़ी कर डाली। सितंबर 2025 में मामला दर्ज होने के करीब पांच माह बाद भी आरोपी दंपती अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मामला जीरकपुर स्थित एक बड़े हाउसिंग प्रोजेक्ट से जुड़ा है। कंपनी मालिक अमित दुआ ने आरोप लगाया है कि उनकी फर्म मैसर्स रोसेरो इंफ्रा एलएलपी में जनरल मैनेजर (सेल्स) के पद पर कार्यरत शुभम बेदी ने अपनी पत्नी मनदीप कौर के साथ मिलकर कंपनी के नाम और दस्तावेजों का दुरुपयोग किया। आरोप है कि दोनों ने फ्लैट अलॉटमेंट के नाम पर कई लोगों से नकद और बैंक खातों में करीब 14 करोड़ रुपये डलवाए। बाद में यह रकम कंपनी के खातों में जमा नहीं करवाई गई।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने बिना अधिकार के फर्जी अलॉटमेंट लेटर जारी किए और निवेशकों को गुमराह किया। इस मामले में थाना जीरकपुर में 18 सितंबर 2025 को भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं (316/4 (आपराधिक विश्वासघात, 318/4 (धोखाधड़ी), 61/2 (दो से अधिक लोगों का मिलकर अपराध करना) के तहत केस दर्ज किया गया था। इसके अलावा आरोपियों पर पटियाला के सिविल लाइन थाने में भी पहले से धोखाधड़ी का मामला दर्ज है। इसमें अदालत ने उनकी जमानत तक रद्द की जा चुकी है।
इतना ही नहीं कंपनी के डायरेक्टर अमित दुआ ने हाउसिंग प्रोजेक्ट से जुड़े करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के मामले में नामजद आरोपी शुभम बेदी पर अब साइबर फ्रॉड का भी आरोप लगाया है। कंपनी मालिक अमित दुआ ने एसएसपी मोहाली (साइबर क्राइम) को दी शिकायत में आरोप लगाया कि शुभम बेदी उनकी फर्म रोसेरो इंफ्रा एलएलपी के पंजीकृत ट्रेडमार्क रोसेरो-ए रिवोल्यूशनरी इरा का बिना अनुमति दुरुपयोग कर रहा है। शिकायत के अनुसार आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम और फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाकर कंपनी के नाम से मिलते-जुलते नाम का इस्तेमाल कर रहा है और झूठी व भ्रामक जानकारियां फैलाकर कंपनी की साख को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहा है। कंपनी मालिक ने साइबर फ्रॉड की जांच कर मामला दर्ज करने की मांग है।
मामला दर्ज है, जांच मुझे सौंपी गई है। यह जांच पहले फतेहगढ़ साहिब पुलिस कर रही थी लेकिन अब जीरकपुर मार्क हुई है। आरोपियों की धरपकड़ के लिए छापा मारा जा रहा है। जल्द ही उन्हें काबू कर लिया जाएगा। -गुरप्रीत सिंह, जांच अधिकारी, जीरकपुर
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मामला जीरकपुर स्थित एक बड़े हाउसिंग प्रोजेक्ट से जुड़ा है। कंपनी मालिक अमित दुआ ने आरोप लगाया है कि उनकी फर्म मैसर्स रोसेरो इंफ्रा एलएलपी में जनरल मैनेजर (सेल्स) के पद पर कार्यरत शुभम बेदी ने अपनी पत्नी मनदीप कौर के साथ मिलकर कंपनी के नाम और दस्तावेजों का दुरुपयोग किया। आरोप है कि दोनों ने फ्लैट अलॉटमेंट के नाम पर कई लोगों से नकद और बैंक खातों में करीब 14 करोड़ रुपये डलवाए। बाद में यह रकम कंपनी के खातों में जमा नहीं करवाई गई।
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पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने बिना अधिकार के फर्जी अलॉटमेंट लेटर जारी किए और निवेशकों को गुमराह किया। इस मामले में थाना जीरकपुर में 18 सितंबर 2025 को भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं (316/4 (आपराधिक विश्वासघात, 318/4 (धोखाधड़ी), 61/2 (दो से अधिक लोगों का मिलकर अपराध करना) के तहत केस दर्ज किया गया था। इसके अलावा आरोपियों पर पटियाला के सिविल लाइन थाने में भी पहले से धोखाधड़ी का मामला दर्ज है। इसमें अदालत ने उनकी जमानत तक रद्द की जा चुकी है।
इतना ही नहीं कंपनी के डायरेक्टर अमित दुआ ने हाउसिंग प्रोजेक्ट से जुड़े करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के मामले में नामजद आरोपी शुभम बेदी पर अब साइबर फ्रॉड का भी आरोप लगाया है। कंपनी मालिक अमित दुआ ने एसएसपी मोहाली (साइबर क्राइम) को दी शिकायत में आरोप लगाया कि शुभम बेदी उनकी फर्म रोसेरो इंफ्रा एलएलपी के पंजीकृत ट्रेडमार्क रोसेरो-ए रिवोल्यूशनरी इरा का बिना अनुमति दुरुपयोग कर रहा है। शिकायत के अनुसार आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम और फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाकर कंपनी के नाम से मिलते-जुलते नाम का इस्तेमाल कर रहा है और झूठी व भ्रामक जानकारियां फैलाकर कंपनी की साख को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहा है। कंपनी मालिक ने साइबर फ्रॉड की जांच कर मामला दर्ज करने की मांग है।
मामला दर्ज है, जांच मुझे सौंपी गई है। यह जांच पहले फतेहगढ़ साहिब पुलिस कर रही थी लेकिन अब जीरकपुर मार्क हुई है। आरोपियों की धरपकड़ के लिए छापा मारा जा रहा है। जल्द ही उन्हें काबू कर लिया जाएगा। -गुरप्रीत सिंह, जांच अधिकारी, जीरकपुर