{"_id":"6a25dde89f171cbb630d47bb","slug":"even-after-the-sdms-notice-the-mining-department-could-not-prepare-the-route-plan-mohali-news-c-71-1-mli1017-143338-2026-06-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mohali News: एस डी एम के नोटिस के बाद भी माइनिंग विभाग नहीं बना सका रूट प्लान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mohali News: एस डी एम के नोटिस के बाद भी माइनिंग विभाग नहीं बना सका रूट प्लान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
डेराबस्सी। क्षेत्र की सड़कों पर माइनिंग में लगे सैकड़ों टिप्पर नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाते हुए दौड़ रहे हैं। ये टिप्पर लगातार हादसों का कारण बन रहे हैं, लेकिन माइनिंग विभाग और डेराबस्सी प्रशासन इन्हें नियंत्रित करने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है। बिना ढके रेत-मिट्टी भरकर दौड़ते ये टिप्पर धूल उड़ाते हैं, जिससे वाहन चालकों की आंखों में परेशानी होती है और सड़क पर दृश्यता भी प्रभावित होती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रैफिक पुलिस कई जगह नाके लगाती है, लेकिन माइनिंग से जुड़े टिप्परों के खिलाफ कार्रवाई में ढिलाई बरती जाती है। प्रशासन की इस चुप्पी पर भी सवाल उठ रहे हैं।
कुछ समय पहले रात के नाके में माइनिंग विभाग ने मिट्टी से भरे दो टिप्पर पकड़े थे। दस्तावेज न मिलने पर एक टिप्पर पर डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। ऐसे में यदि सख्ती से कार्रवाई की जाए तो बड़ी संख्या में टिप्पर पकड़े जा सकते हैं और एक ही दिन में लाखों रुपये का राजस्व जुटाया जा सकता है।
विज्ञापन
क्षेत्र में पहले भी कई दर्दनाक हादसे हो चुके हैं। लालड़ू के पास एक स्कूल छात्रा के ऊपर टिप्पर चढ़ने से उसकी एक टांग काटनी पड़ी थी। डेराबस्सी सरकारी कॉलेज के पास दरगाह के बाहर बैठे एक मासूम बच्चे की भी टिप्पर की चपेट में आकर मौत हो गई थी। इसके अलावा लालड़ू में एक मोटरसाइकिल सवार की भी जान जा चुकी है।
स्थिति बिगड़ने पर पहले एसडीएम ने माइनिंग विभाग को रूट प्लान तैयार करने के निर्देश दिए थे, लेकिन यह योजना अब तक लागू नहीं हो सकी है। एसडीएम अमित गुप्ता ने भी सख्त कार्रवाई की बात कही थी, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति जस की तस बनी हुई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रैफिक पुलिस कई जगह नाके लगाती है, लेकिन माइनिंग से जुड़े टिप्परों के खिलाफ कार्रवाई में ढिलाई बरती जाती है। प्रशासन की इस चुप्पी पर भी सवाल उठ रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
कुछ समय पहले रात के नाके में माइनिंग विभाग ने मिट्टी से भरे दो टिप्पर पकड़े थे। दस्तावेज न मिलने पर एक टिप्पर पर डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। ऐसे में यदि सख्ती से कार्रवाई की जाए तो बड़ी संख्या में टिप्पर पकड़े जा सकते हैं और एक ही दिन में लाखों रुपये का राजस्व जुटाया जा सकता है।
Trending Videos
क्षेत्र में पहले भी कई दर्दनाक हादसे हो चुके हैं। लालड़ू के पास एक स्कूल छात्रा के ऊपर टिप्पर चढ़ने से उसकी एक टांग काटनी पड़ी थी। डेराबस्सी सरकारी कॉलेज के पास दरगाह के बाहर बैठे एक मासूम बच्चे की भी टिप्पर की चपेट में आकर मौत हो गई थी। इसके अलावा लालड़ू में एक मोटरसाइकिल सवार की भी जान जा चुकी है।
स्थिति बिगड़ने पर पहले एसडीएम ने माइनिंग विभाग को रूट प्लान तैयार करने के निर्देश दिए थे, लेकिन यह योजना अब तक लागू नहीं हो सकी है। एसडीएम अमित गुप्ता ने भी सख्त कार्रवाई की बात कही थी, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति जस की तस बनी हुई है।