Punjab: मोहाली में शुरू होगा पहला इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंस, दो अक्तूबर को सीएम करेंगे लोकार्पित
पंजाब के पहले लिवर एंड बिलियरी साइंस इंस्टीट्यूट के लिए निदेशक की नियुक्ति हो गई है। पीजीआई चंडीगढ़ के हेपेटोलॉजी विभाग प्रमुख डॉ. वीरेंद्र सिंह को डायरेक्टर लगाया गया है। वीरेंद्र सिंह 31 जुलाई को ही पीजीआई चंडीगढ़ से सेवानिवृत्त हुए थे।
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पंजाब सरकार द्वारा पहला इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज मोहाली के फेज-3बी1 डिस्पेंसरी को अपग्रेड बनाए गए अस्पताल से शुरू होगा। इसमें मरीजों को ओपीडी से लेकर लिवर ट्रांसप्लांट तक की सुविधा मिलेगी। इतना ही नहीं वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से यहां के माहिर राज्य के अन्य जिलों के अस्पतालों को भी सलाह देंगे। उम्मीद जताई जा रही है कि दो अक्तूबर को राज्य के मुख्यमंत्री भगवंत मान इसे जनता को समर्पित करेंगे।
राज्य सरकार ने जून में पास किए गए पहले बजट में इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर बनाने का एलान किया था। इसके बाद अब सरकार इस चीज को हकीकत में बदलने में जुट गई है। फेज-3बी1 के अस्पताल को चुनने के पीछे का तर्क यह है कि यह 50 बेड का बना हुआ है। अभी तक यह उचित तरीके से शुरू नहीं हो पाया है जबकि मोहल्ला क्लीनिक शुरू होने से इस पर मरीजों का बोझ कम हो गया था। इसके बाद उक्त इमारत को इंस्टीट्यूट के लिए चुना गया।
ठेकेदार को रविवार तक काम पूरा करने के आदेश
अस्पताल के माहिरों के अनुसार अक्तूबर में यहां ओपीडी शुरू की जाएगी। इसके बाद मरीजों को भर्ती किया जाएगा। अस्पताल का काम कर रहे ठेकेदार को रविवार तक इसे पूरा करने करने के आदेश दिए गए हैं। वहीं ठेकेदार का कहना है कि भले ही उन्हें रविवार तक का समय दिया गया है लेकिन अभी भी इमारत के दूसरे हिस्से में 40 प्रतिशत काम बाकी है। इसे पूरा करने में 10 से 12 दिन का समय लग सकता है।
निदेशक नियुक्त, फैकल्टी का हो रहा है चयन
पंजाब के पहले लिवर एंड बिलियरी साइंस इंस्टीट्यूट के लिए निदेशक की नियुक्ति हो गई है। पीजीआई चंडीगढ़ के हेपेटोलॉजी विभाग प्रमुख डॉ. वीरेंद्र सिंह को डायरेक्टर लगाया गया है। वीरेंद्र सिंह 31 जुलाई को ही पीजीआई चंडीगढ़ से सेवानिवृत्त हुए थे। वहीं उनकी देखरेख में ही भारत के हिस्सों से बेहतरीन फैकल्टी को चुना जाएगा। इसकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
संस्थान में मिलेंगी ये सुविधाएं
शुरुआती दौर में यहां सिर्फ स्पेशलिस्ट डॉक्टरों द्वारा मरीजों को देखा जाएगा। वहीं आने दिनों में बीमार चल रहे मरीजों को यहां भर्ती भी किया जाएगा। इसके साथ ही हेप्टोलॉजी, एचपीबी सर्जरी, रेडियोलॉजी एंड इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी, विभाग यहां मुख्य रहेंगे। इसके साथ ही एडवांस टेस्टिंग लैब को भी स्थापित किया जाएगा। इसमें लेबोरेटरी मेडिसिन, पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, वीरोलॉजी, हेमाटोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, क्लीनिकल एंड सेलुलर ट्रांसप्लांट इम्यूनोलॉजी, जेनेटिक्स, ट्रांसफूज्यन मेडिसिन, एनेस्थीसिया एंड क्रिटिकल केयर, सुपर स्पेशयलिटी आदि एडवांस सुविधाएं होंगी।
पंजाब में लिवर रोग से पीड़ित मरीजों की संख्या देशभर में सबसे अधिक है। कुछ दिनों पहले ही पंजाब सरकार और पंजाब स्वास्थ्य विभाग ने मोहाली के 3बी1 की बिल्डिंग को पंजाब के पहले लिवर संस्थान में बदलने का फैसला किया है। आठ एकड़ में फैले इस हेल्थ सेंटर को एक महत्वपूर्ण जगह में बदलते हुए स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की कोशिश रहेगी। फिलहाल यहां कुछ समय तक ओपीडी चलाई जाएगी। -डॉ. वीरेंद्र सिंह डायरेक्टर ऑफ पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर