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Mohali: बाल यौन शोषण सामग्री की थी अपलोड, कोर्ट ने दोषी को सुनाई उम्रकैद की सजा; 50 हजार रुपये जुर्माना
Mon, 03 Aug 2026 07:45 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली
संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली
Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 03 Aug 2026 07:45 AM IST
सार
अदालत ने संदीप सिंह को सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) एक्ट की धारा 67-बी के तहत पांच वर्ष के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने से भी दंडित किया। मामले में सरकारी पक्ष की पैरवी उप जिला अटॉर्नी हरदीप सिंह रोमाणा ने की।
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court room
- फोटो : ANI
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विस्तार
बाल यौन शोषण से जुड़ी अश्लील सामग्री (सीएसएएम) अपलोड करने के मामले में मोहाली अदालत ने एक दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश विक्रांत वर्मा की अदालत ने संदीप सिंह को पॉक्सो एक्ट की धारा-6 के तहत दोषी करार दिया। उसे 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
अदालत ने संदीप सिंह को सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) एक्ट की धारा 67-बी के तहत पांच वर्ष के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने से भी दंडित किया। मामले में सरकारी पक्ष की पैरवी उप जिला अटॉर्नी हरदीप सिंह रोमाणा ने की। राज्य साइबर क्राइम पुलिस को बाल यौन शोषण से संबंधित सामग्री अपलोड होने की सूचना मिली थी। जांच के दौरान संदिग्ध मोबाइल नंबर और डिजिटल गतिविधियों का विश्लेषण किया गया। इससे आरोपी संदीप सिंह की पहचान हुई।
कई तस्वीरें और वीडियो किए थे अपलोड
जांच में सामने आया कि आरोपी के अकाउंट से बच्चों के यौन शोषण से संबंधित कई तस्वीरें और वीडियो अपलोड किए गए थे। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ की। जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी ने डिजिटल माध्यमों पर आपत्तिजनक सामग्री संग्रहीत करने और अलग-अलग ई-मेल आईडी बनाकर उसे सुरक्षित रखने की बात स्वीकार की। जांच के दौरान पीड़ित नाबालिगों की पहचान भी स्थापित की गई। अदालत ने उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों, फोरेंसिक रिपोर्ट और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराया। अदालत ने कहा कि बच्चों के यौन शोषण से जुड़े अपराध अत्यंत गंभीर हैं और ऐसे मामलों में कठोर दंड आवश्यक है।
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अदालत ने संदीप सिंह को सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) एक्ट की धारा 67-बी के तहत पांच वर्ष के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने से भी दंडित किया। मामले में सरकारी पक्ष की पैरवी उप जिला अटॉर्नी हरदीप सिंह रोमाणा ने की। राज्य साइबर क्राइम पुलिस को बाल यौन शोषण से संबंधित सामग्री अपलोड होने की सूचना मिली थी। जांच के दौरान संदिग्ध मोबाइल नंबर और डिजिटल गतिविधियों का विश्लेषण किया गया। इससे आरोपी संदीप सिंह की पहचान हुई।
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कई तस्वीरें और वीडियो किए थे अपलोड
जांच में सामने आया कि आरोपी के अकाउंट से बच्चों के यौन शोषण से संबंधित कई तस्वीरें और वीडियो अपलोड किए गए थे। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ की। जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी ने डिजिटल माध्यमों पर आपत्तिजनक सामग्री संग्रहीत करने और अलग-अलग ई-मेल आईडी बनाकर उसे सुरक्षित रखने की बात स्वीकार की। जांच के दौरान पीड़ित नाबालिगों की पहचान भी स्थापित की गई। अदालत ने उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों, फोरेंसिक रिपोर्ट और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराया। अदालत ने कहा कि बच्चों के यौन शोषण से जुड़े अपराध अत्यंत गंभीर हैं और ऐसे मामलों में कठोर दंड आवश्यक है।
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