{"_id":"6a6fa9898944b9c3da0498c9","slug":"late-night-mobile-use-and-daytime-fatigue-have-disrupted-the-sleep-cycle-mohali-news-c-71-1-mli1018-145506-2026-08-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mohali News: रात भर मोबाइल, दिन भर थकान ने बिगाड़ा नींद चक्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mohali News: रात भर मोबाइल, दिन भर थकान ने बिगाड़ा नींद चक्र
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मोहाली। देर रात तक मोबाइल का उपयोग और पढ़ाई का दबाव युवाओं की नींद छीन रहा है। अनियमित नींद चक्र के कारण उनमें थकान, एकाग्रता की कमी और तनाव जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। मनोरोग विशेषज्ञों के अनुसार, हर महीने करीब 100 युवा नींद और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए परामर्श ले रहे हैं। पहले यह परेशानी नौकरीपेशा लोगों में अधिक थी, लेकिन अब बड़ी संख्या में युवा इसकी चपेट में हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि अधिकांश छात्र रात दो से तीन बजे तक मोबाइल पर वेब सीरीज देखते हैं या ऑनलाइन गेम खेलते हैं। सुबह जल्दी कॉलेज जाने के कारण उनकी नींद पूरी नहीं हो पाती। लगातार कम नींद लेने से दिमाग और शरीर दोनों प्रभावित होते हैं। इसका असर पढ़ाई, याददाश्त, मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। मोबाइल और लैपटॉप की स्क्रीन ब्लू लाइट दिमाग को सक्रिय रखती है।
इससे शरीर को समय पर सोने का संकेत नहीं मिल पाता और धीरे-धीरे नींद चक्र पूरी तरह बिगड़ जाता है। एम्स मोहाली फेज 6 की मनोरोग विभाग की सीनियर रेजिडेंट डॉ. प्रिया अरोड़ा ने बताया कि युवाओं के लिए प्रतिदिन सात से आठ घंटे की नींद जरूरी है। सोने से कम से कम एक घंटा पहले डिजिटल स्क्रीन का उपयोग बंद कर दें। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
विशेषज्ञों का कहना है कि अधिकांश छात्र रात दो से तीन बजे तक मोबाइल पर वेब सीरीज देखते हैं या ऑनलाइन गेम खेलते हैं। सुबह जल्दी कॉलेज जाने के कारण उनकी नींद पूरी नहीं हो पाती। लगातार कम नींद लेने से दिमाग और शरीर दोनों प्रभावित होते हैं। इसका असर पढ़ाई, याददाश्त, मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। मोबाइल और लैपटॉप की स्क्रीन ब्लू लाइट दिमाग को सक्रिय रखती है।
विज्ञापन
इससे शरीर को समय पर सोने का संकेत नहीं मिल पाता और धीरे-धीरे नींद चक्र पूरी तरह बिगड़ जाता है। एम्स मोहाली फेज 6 की मनोरोग विभाग की सीनियर रेजिडेंट डॉ. प्रिया अरोड़ा ने बताया कि युवाओं के लिए प्रतिदिन सात से आठ घंटे की नींद जरूरी है। सोने से कम से कम एक घंटा पहले डिजिटल स्क्रीन का उपयोग बंद कर दें। संवाद
विज्ञापन