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Mohali News: गमाडा शहर के विकास और जमीन खरीद के लिए जुटाएगा 15 हजार करोड़ रुपये
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मोहाली। ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) शहर के विकास कार्यों और जमीन खरीदने के लिए 15 हजार करोड़ रुपये जुटाएगा। यह पहली बार है जब गमाडा इतने बड़े पैमाने पर कोष जुटाने का प्रयास कर रहा है। इसके लिए गमाडा ने मर्चेंट बैंकर सह फंड अरेंजर एवं वित्तीय सलाहकार के चयन हेतु रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) जारी की है। इच्छुक संस्थाओं से निर्धारित शर्तों के अनुसार आवेदन मांगे गए हैं। मर्चेंट बैंकर यह तय करेगा कि सबसे सस्ते ब्याज पर कौन से बैंक से यह धन लिया जाएगा।
आरएफपी के अनुसार, चयनित मर्चेंट बैंकर को बॉन्ड, नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (एनसीडी), बैंकों के कंसोर्टियम या अन्य उपयुक्त ऋण साधनों के माध्यम से धन जुटाने की रणनीति बनानी होगी। उसे निवेशकों से संपर्क, क्रेडिट रेटिंग, नियामकीय मंजूरियां और बॉन्ड सूचीबद्ध कराने जैसी पूरी प्रक्रिया का संचालन भी करना होगा। गमाडा के चीफ अकाउंटेंट ऑफिसर अजय मित्तल ने इस पहल की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चयनित एजेंसी को अनुबंध पर हस्ताक्षर होने के नौ माह के भीतर कम से कम 15 हजार करोड़ रुपये जुटाने की गारंटी देनी होगी। पहली किस्त के रूप में 5 हजार करोड़ रुपये निवेश-योग्य क्रेडिट रेटिंग मिलने के तीन माह के भीतर जुटाने होंगे। इसके बाद अगले तीन माह में 5 हजार करोड़ रुपये और शेष 5 हजार करोड़ रुपये निर्धारित अवधि में जुटाने होंगे। यह पहल क्षेत्र में बुनियादी ढांचे, शहरी विकास और अन्य विकास परियोजनाओं के लिए दीर्घकालिक वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराएगी।
मर्चेंट बैंकर का चयन
मर्चेंट बैंकर के चयन के लिए क्वालिटी एंड कॉस्ट बेस्ड सेलेक्शन (क्यूसीबीएस) पद्धति अपनाई जाएगी। तकनीकी मूल्यांकन को 70 फीसदी और वित्तीय बोली को 30 फीसदी वेटेज दिया जाएगा। तकनीकी मूल्यांकन में मर्चेंट बैंकर का अनुभव देखा जाएगा। राज्य स्तरीय संस्थाओं के लिए धन जुटाने का रिकॉर्ड भी महत्वपूर्ण होगा। बॉन्ड इश्यू में भागीदारी और प्रस्तुतीकरण के आधार पर अंक दिए जाएंगे। इस प्रक्रिया में भाग लेने के लिए 50 लाख रुपये की अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट (ईएमडी) जमा करनी होगी। सफल बोलीदाता को कुल उद्धृत शुल्क का 2.5 फीसदी प्रदर्शन सुरक्षा के रूप में जमा कराना होगा। यह सुनिश्चित करेगा कि चयनित एजेंसी अपने दायित्वों को पूरा करे।
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प्रमुख विकास परियोजनाएं
गमाडा इस कोष का उपयोग कई बड़े प्रोजेक्ट पूरे करने के लिए करेगा। इनमें एरोट्रोपोलिस ब्लॉक ई, एफ, जी, एच, आई, जे शामिल हैं। सेक्टर-101 औद्योगिक सेक्टर्स और इको सिटी-2 जैसी परियोजनाएं भी इसमें शामिल हैं। इन परियोजनाओं से शहर के विकास को गति मिलेगी। अजय मित्तल ने कहा कि पैसा आने के बाद सभी विकसित प्रोजेक्टों की रफ्तार तेजी से हो सकेगी। सभी संशोधन, स्पष्टीकरण और आगे की सूचनाएं निर्धारित पोर्टल पर जारी की जाएंगी।
शहर में नए प्रोजेक्ट और विकास कार्यों के लिए गमाड़ा की ओर से 15 हजार करोड़ रुपये जुटाए जाने हैं। इसके लिए जल्द ही सलाहकार नियुक्त किए जाएंगे। सभी विकसित प्रोजेक्टर की रफ्तार पैसा आने के बाद तेजी से हो सकेगी। - अजय मित्तल, चीफ अकाउंट ऑफिसर, गमाडा
आरएफपी के अनुसार, चयनित मर्चेंट बैंकर को बॉन्ड, नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (एनसीडी), बैंकों के कंसोर्टियम या अन्य उपयुक्त ऋण साधनों के माध्यम से धन जुटाने की रणनीति बनानी होगी। उसे निवेशकों से संपर्क, क्रेडिट रेटिंग, नियामकीय मंजूरियां और बॉन्ड सूचीबद्ध कराने जैसी पूरी प्रक्रिया का संचालन भी करना होगा। गमाडा के चीफ अकाउंटेंट ऑफिसर अजय मित्तल ने इस पहल की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चयनित एजेंसी को अनुबंध पर हस्ताक्षर होने के नौ माह के भीतर कम से कम 15 हजार करोड़ रुपये जुटाने की गारंटी देनी होगी। पहली किस्त के रूप में 5 हजार करोड़ रुपये निवेश-योग्य क्रेडिट रेटिंग मिलने के तीन माह के भीतर जुटाने होंगे। इसके बाद अगले तीन माह में 5 हजार करोड़ रुपये और शेष 5 हजार करोड़ रुपये निर्धारित अवधि में जुटाने होंगे। यह पहल क्षेत्र में बुनियादी ढांचे, शहरी विकास और अन्य विकास परियोजनाओं के लिए दीर्घकालिक वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराएगी।
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मर्चेंट बैंकर का चयन
मर्चेंट बैंकर के चयन के लिए क्वालिटी एंड कॉस्ट बेस्ड सेलेक्शन (क्यूसीबीएस) पद्धति अपनाई जाएगी। तकनीकी मूल्यांकन को 70 फीसदी और वित्तीय बोली को 30 फीसदी वेटेज दिया जाएगा। तकनीकी मूल्यांकन में मर्चेंट बैंकर का अनुभव देखा जाएगा। राज्य स्तरीय संस्थाओं के लिए धन जुटाने का रिकॉर्ड भी महत्वपूर्ण होगा। बॉन्ड इश्यू में भागीदारी और प्रस्तुतीकरण के आधार पर अंक दिए जाएंगे। इस प्रक्रिया में भाग लेने के लिए 50 लाख रुपये की अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट (ईएमडी) जमा करनी होगी। सफल बोलीदाता को कुल उद्धृत शुल्क का 2.5 फीसदी प्रदर्शन सुरक्षा के रूप में जमा कराना होगा। यह सुनिश्चित करेगा कि चयनित एजेंसी अपने दायित्वों को पूरा करे।
प्रमुख विकास परियोजनाएं
गमाडा इस कोष का उपयोग कई बड़े प्रोजेक्ट पूरे करने के लिए करेगा। इनमें एरोट्रोपोलिस ब्लॉक ई, एफ, जी, एच, आई, जे शामिल हैं। सेक्टर-101 औद्योगिक सेक्टर्स और इको सिटी-2 जैसी परियोजनाएं भी इसमें शामिल हैं। इन परियोजनाओं से शहर के विकास को गति मिलेगी। अजय मित्तल ने कहा कि पैसा आने के बाद सभी विकसित प्रोजेक्टों की रफ्तार तेजी से हो सकेगी। सभी संशोधन, स्पष्टीकरण और आगे की सूचनाएं निर्धारित पोर्टल पर जारी की जाएंगी।
शहर में नए प्रोजेक्ट और विकास कार्यों के लिए गमाड़ा की ओर से 15 हजार करोड़ रुपये जुटाए जाने हैं। इसके लिए जल्द ही सलाहकार नियुक्त किए जाएंगे। सभी विकसित प्रोजेक्टर की रफ्तार पैसा आने के बाद तेजी से हो सकेगी। - अजय मित्तल, चीफ अकाउंट ऑफिसर, गमाडा