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शंभू ब्लास्ट केस: अब NIA के शिकंजे में आरोपी, विदेशी हैंडलर्स से कनेक्शन पर होगी पूछताछ; खुलेंगे कई राज
संवाद न्यूज एजेंसी/ब्यूरो मोहाली/पटियाला
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Tue, 16 Jun 2026 09:04 PM IST
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सार
जांच में सामने आया है कि इस मॉड्यूल के तार जनवरी 2026 में सरहिंद में रेलवे ट्रैक पर हुए विस्फोट और मोगा ग्रेनेड हमले से भी जुड़े हैं। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि ये घटनाएं विदेशी हैंडलरों के निर्देश पर अंजाम दी गई थीं।
NIA
- फोटो : सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शंभू बैरियर के पास रेलवे ट्रैक पर हुए विस्फोट मामले में नामजद आरोपी गुरजिंदर सिंह उर्फ बाबा बेअंत को गिरफ्तार कर लिया है। उसे पटियाला जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाकर विशेष एनआईए अदालत में पेश किया गया। अदालत ने आरोपी को आठ दिन के रिमांड पर भेज दिया है।
एनआईए ने अदालत से 14 दिन की रिमांड मांगी थी। बचाव पक्ष की दलीलों के बाद विशेष (ड्यूटी) जज हरदीप सिंह की अदालत ने आठ दिन की रिमांड मंजूर की। जांच एजेंसियों के अनुसार रिमांड के दौरान आरोपी से पाकिस्तान और मलेशिया में बैठे विदेशी हैंडलरों से उसके कथित संबंधों तथा पूरे साजिशी नेटवर्क के बारे में पूछताछ की जाएगी। इससे पहले मामले की जांच पंजाब पुलिस और खुफिया रोधी विभाग की संयुक्त टीम कर रही थी।
विस्फोट के दौरान एक आरोपी की हुई थी मौत
जांच के अनुसार 27 अप्रैल की देर रात पटियाला जिले के शंभू क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पर आईईडी लगाने के दौरान विस्फोट समय से पहले हो गया था। इस घटना में तरनतारन जिले के जगरूप सिंह उर्फ जूपा की मौत हो गई थी। जांच एजेंसियों के मुताबिक जगरूप सिंह इस साजिश का प्रमुख किरदार था और रेलवे ट्रैक को निशाना बनाने की योजना में शामिल था।
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एनआईए ने अदालत से 14 दिन की रिमांड मांगी थी। बचाव पक्ष की दलीलों के बाद विशेष (ड्यूटी) जज हरदीप सिंह की अदालत ने आठ दिन की रिमांड मंजूर की। जांच एजेंसियों के अनुसार रिमांड के दौरान आरोपी से पाकिस्तान और मलेशिया में बैठे विदेशी हैंडलरों से उसके कथित संबंधों तथा पूरे साजिशी नेटवर्क के बारे में पूछताछ की जाएगी। इससे पहले मामले की जांच पंजाब पुलिस और खुफिया रोधी विभाग की संयुक्त टीम कर रही थी।
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विस्फोट के दौरान एक आरोपी की हुई थी मौत
जांच के अनुसार 27 अप्रैल की देर रात पटियाला जिले के शंभू क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पर आईईडी लगाने के दौरान विस्फोट समय से पहले हो गया था। इस घटना में तरनतारन जिले के जगरूप सिंह उर्फ जूपा की मौत हो गई थी। जांच एजेंसियों के मुताबिक जगरूप सिंह इस साजिश का प्रमुख किरदार था और रेलवे ट्रैक को निशाना बनाने की योजना में शामिल था।
पांच आरोपी पहले ही हो चुके हैं गिरफ्तार
इस मामले में पंजाब पुलिस और खुफिया रोधी विभाग की संयुक्त टीम पहले ही पांच लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें कथित मास्टरमाइंड गुरजिंदर सिंह उर्फ बाबा बेअंत भी शामिल है। उसे अमृतसर से गिरफ्तार किया गया था। वह गुरदासपुर जिले के धारीवाल का रहने वाला है। इसके अलावा प्रदीप सिंह खालसा, कुलविंदर सिंह बग्गा, सतनाम सिंह सत्ता और गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी को भी गिरफ्तार किया गया था। आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में हथियार, आईईडी और ग्रेनेड बरामद हुए थे।
अन्य आतंकी घटनाओं से भी जुड़े मिले तार
जांच में सामने आया है कि इस मॉड्यूल के तार जनवरी 2026 में सरहिंद में रेलवे ट्रैक पर हुए विस्फोट और मोगा ग्रेनेड हमले से भी जुड़े हैं। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि ये घटनाएं विदेशी हैंडलरों के निर्देश पर अंजाम दी गई थीं। एनआईए अब पूरे नेटवर्क, फंडिंग, हथियारों की आपूर्ति और विदेश में बैठे संचालकों की भूमिका की गहन जांच कर रही है।
इस मामले में पंजाब पुलिस और खुफिया रोधी विभाग की संयुक्त टीम पहले ही पांच लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें कथित मास्टरमाइंड गुरजिंदर सिंह उर्फ बाबा बेअंत भी शामिल है। उसे अमृतसर से गिरफ्तार किया गया था। वह गुरदासपुर जिले के धारीवाल का रहने वाला है। इसके अलावा प्रदीप सिंह खालसा, कुलविंदर सिंह बग्गा, सतनाम सिंह सत्ता और गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी को भी गिरफ्तार किया गया था। आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में हथियार, आईईडी और ग्रेनेड बरामद हुए थे।
अन्य आतंकी घटनाओं से भी जुड़े मिले तार
जांच में सामने आया है कि इस मॉड्यूल के तार जनवरी 2026 में सरहिंद में रेलवे ट्रैक पर हुए विस्फोट और मोगा ग्रेनेड हमले से भी जुड़े हैं। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि ये घटनाएं विदेशी हैंडलरों के निर्देश पर अंजाम दी गई थीं। एनआईए अब पूरे नेटवर्क, फंडिंग, हथियारों की आपूर्ति और विदेश में बैठे संचालकों की भूमिका की गहन जांच कर रही है।