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Mohali News: अब सरकारी फाइलें नहीं अटकेंगी, देरी पर लगेगा 10 हजार तक जुर्माना
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मोहाली। सरकारी दफ्तरों में फाइलें लटकाने और नागरिकों को बार-बार आपत्तियों के नाम पर दौड़ाने की शिकायतों पर पंजाब ट्रांसपेरेंसी एंड अकाउंटेबिलिटी कमीशन ने सख्त रुख अपनाया है। कमीशन ने साफ कर दिया है कि अब बिना ठोस कारण आवेदन लंबित रखने वाले अधिकारियों पर प्रति मामला 10 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसी के तहत जिले में नामित अधिकारियों और अपीलीय प्राधिकरणों के लिए जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कमीशन के मुख्य आयुक्त वीके जंजुआ (सेवानिवृत्त आईएएस) ने की। उन्होंने कहा कि आवेदनों पर टुकड़ों में आपत्तियां उठाना कानून का उल्लंघन है। इससे आम जनता अनावश्यक रूप से परेशान होती है। यदि आवेदन पूर्ण है तो उसका निपटारा तय समय-सीमा में करना अनिवार्य है, जबकि आपत्ति होने की स्थिति में उसे एक बार में स्पष्ट रूप से दर्ज करना होगा। ऐसा न करने पर यह वैधानिक कर्तव्यों में लापरवाही मानी जाएगी और आयोग कार्रवाई करेगा।
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को ‘कनेक्ट पंजाब’ पोर्टल पर उपलब्ध अपील मॉड्यूल की जानकारी दी गई, जिससे नागरिक समय पर सेवा न मिलने की स्थिति में सीधे अपील कर सकेंगे। साथ ही यह भी बताया गया कि फरवरी 2026 तक 50 सेवाओं को ऑनलाइन करने के लिए एक केंद्रीकृत डिजिटल सेवा वितरण पोर्टल विकसित किया जा रहा है, ताकि फाइलों की पेंडेंसी कम हो सके। कार्यक्रम में डीसी कोमल मित्तल, आयोग के सचिव डॉ. नयन सहित जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।
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प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को ‘कनेक्ट पंजाब’ पोर्टल पर उपलब्ध अपील मॉड्यूल की जानकारी दी गई, जिससे नागरिक समय पर सेवा न मिलने की स्थिति में सीधे अपील कर सकेंगे। साथ ही यह भी बताया गया कि फरवरी 2026 तक 50 सेवाओं को ऑनलाइन करने के लिए एक केंद्रीकृत डिजिटल सेवा वितरण पोर्टल विकसित किया जा रहा है, ताकि फाइलों की पेंडेंसी कम हो सके। कार्यक्रम में डीसी कोमल मित्तल, आयोग के सचिव डॉ. नयन सहित जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।
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