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भाजपा मुख्यालय ग्रेनेड ब्लास्ट: दो मुख्य आरोपी गिरफ्तार, दो लाख में हुआ था साैदा; वीडियो पर मिली थी ट्रेनिंग

संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो Updated Mon, 06 Apr 2026 02:08 AM IST
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सार

एक अप्रैल को अमनप्रीत सिंह ने भाजपा कार्यालय के बाहर हैंड ग्रेनेड फेंका था, जबकि गुरतेज सिंह ने इस पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किया।  

Two main accused in the grenade blast at BJP headquarters arrested
पकड़े गए आरोपी - फोटो : संवाद
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विस्तार

चंडीगढ़ के सेक्टर-37 में भाजपा कार्यालय के बाहर हुए ग्रेनेड हमले के मामले में मोहाली की काउंटर इंटेलिजेंस पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। 
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दोनों आरोपियों को चंडीगढ़ और हरियाणा पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन चलाकर रेवाड़ी से काबू किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गुरतेज सिंह और अमनप्रीत सिंह के रूप में हुई है, जो रूपनगर जिले के रत्तनगढ़ गांव के रहने वाले हैं। पुलिस के अनुसार, अमनप्रीत सिंह का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से मौजूद है। उस पर चोरी और छीनाझपटी के मामले दर्ज हैं।
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अब तक कुल सात आरोपी गिरफ्तार

इस कार्रवाई के साथ ही मामले में अब तक कुल सात आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं। छह आरोपियों को रविवार देर शाम मोहाली अदालत में ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। सभी तीन दिन के पुलिस रिमांड पर हैं। एक आरोपी को शनिवार कोर्ट में पेश किया गया था, जो पहले से पुलिस रिमांड पर है।

इन दोनों के अलावा इससे पहले बलविंदर लाल उर्फ शम्मी, जसवीर सिंह उर्फ जस्सी, चरणजीत सिंह उर्फ चन्नी, रूबल चौहान और मंदीप उर्फ अभिजोत गिरफ्तार किए जा चुके हैं। उनके कब्जे से एक हैंड ग्रेनेड और .30 बोर की जिगाना पिस्टल भी बरामद हुई थी। एक अप्रैल को अमनप्रीत सिंह ने भाजपा कार्यालय के बाहर हैंड ग्रेनेड फेंका था, जबकि गुरतेज सिंह ने इस पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किया। हमले में मौके पर खड़ी कई कारों के शीशे टूट गए थे। आसपास की दीवार पर छर्रो के निशान बन गए थे।

खालिस्तानी संगठन ने ली थी जिम्मेदारी

घटना की दो वीडियो वारदात के बाद सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए थे। वहीं, सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी वायरल हुई थी, इसमें इस हमले की जिम्मेदारी खालिस्तानी संगठन ने ली थी। यह सब विदेशी हैंडलर्स के निर्देश पर किया गया था। डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि सभी सातों आरोपी अब पुलिस हिरासत में हैं। उनसे गहन पूछताछ जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि इस पूछताछ में और भी अहम खुलासे हो सकते हैं, जिससे इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचा जा सकेगा।

उन्होंने कहा कि यह मामला केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में भय और अस्थिरता पैदा करना था। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही हैं और विदेशी कनेक्शन को लेकर भी सख्ती से कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि तीनों एजेंसियों के तालमेल से ही यह ऑपरेशन संभव हुआ है।

ग्रेनेड फेंकने के लिए दो लाख में हुआ था सौदा

ग्रेनेड हमले के आरोपियों को दो लाख रुपये का लालच दिया गया था, हालांकि अब तक किसी को दो हजार, किसी को पांच हजार और किसी को दस हजार रुपये ही मिले हैं। किसी आरोपी को पूरी दो लाख रुपये की रकम नहीं मिली है।

जांच में विदेशी हैंडलर बलजोत लाड़ी की भूमिका सामने आई है जिसके तार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े बताए जा रहे हैं। यह कार्रवाई मोहाली काउंटर इंटेलिजेंस ने चंडीगढ़ और हरियाणा पुलिस के साथ संयुक्त ऑपरेशन में की है। दोनों आरोपी रूपनगर के रत्तनगढ़ गांव के रहने वाले हैं और अमनप्रीत के खिलाफ पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं।

ग्रेनेड की पिन कैसे हटानी, वीडियो भेजकर दी ट्रेनिंग  

डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि आरोपियों को हैंडलरों ने फोन और वीडियो भेजकर ट्रेनिंग दी थी कि ग्रेनेड की पिन कैसे हटानी है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी गुरतेज सिंह ने खुलासा किया कि वह लगभग छह महीने पहले सोशल मीडिया के माध्यम से एक विदेशी हैंडलर के संपर्क में आया था। उसके निर्देश पर गुरतेज ने अपने साथियों रूबल चौहान और मनदीप उर्फ अभिजोत शर्मा के साथ मिलकर 28 मार्च 2026 को एसबीएस नगर के गांव भरापुर में जसवीर उर्फ जस्सी से हथियार और ग्रेनेड की खेप प्राप्त की थी और बाद में अमनप्रीत सिंह को साथ लेकर वारदात को अंजाम दिया। वारदात के लिए अमनप्रीत का चयन गुरतेज ने ही किया था।

आईएसआई माहौल खराब करने का कर रहा प्रयास 

डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि पहले सुखजिंदर सिंह बब्बर ने और फिर सिख टाइगर ऑफ खालिस्तान ने वारदात की जिम्मेदारी ली थी। पुलिस को भ्रमित करने के लिए नाम इस्तेमाल किए जाते हैं। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के निर्देशों पर यह काम कर रहे हैं और आईएसआई पंजाब का माहौल खराब करने का प्रयास कर रही है।

सभी आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है। यह मामला सुनियोजित साजिश का हिस्सा है। बॉर्डर पार से ग्रेनेड कैसे आए, इसकी भी जांच की जा रही है ताकि इसमें शामिल अन्य लोगों का भी पता लगाया जा सके। विदेशी नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ते हुए सुरक्षा एजेंसियां पूरे मॉड्यूल को खत्म करने में जुटी हैं। - गौरव यादव, डीजीपी
 
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