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गणतंत्र दिवस परेड: मानव एकता व दया-भाव पर आधारित होगी पंजाब की झांकी, ट्रैक्टर और ट्रेलर में तैयार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो Updated Thu, 22 Jan 2026 08:14 PM IST
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सार

झांकी को दो हिस्सों में विभाजित किया गया है। पहले हिस्से में एक विशाल हाथ का प्रतीक दर्शाया गया है, जो मानवता, करुणा और दया-भावना का संदेश देता है। यह आध्यात्मिक प्रकाश फैलाने वाले मानवीय दृष्टिकोण का प्रतीक है।

Punjab's tableau in the Republic Day parade will be based on human unity and compassion.
गणतंत्र दिवस परेड में पंजाब की झांकी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

दिल्ली में आयोजित होने वाली गणतंत्र दिवस परेड में इस वर्ष भी पंजाब की झांकी अपनी विशिष्ट पहचान के साथ शामिल होगी। राज्य सरकार की ओर से तैयार की गई यह झांकी मानव एकता, दया-भाव और धार्मिक मूल्यों की रक्षा के लिए आध्यात्मिक चेतना व निस्वार्थ बलिदान की भावना को दर्शाती है। झांकी के माध्यम से पंजाब की समृद्ध आध्यात्मिक और ऐतिहासिक विरासत को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा।
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झांकी को दो हिस्सों में विभाजित किया गया है। पहले हिस्से में एक विशाल हाथ का प्रतीक दर्शाया गया है, जो मानवता, करुणा और दया-भावना का संदेश देता है। यह आध्यात्मिक प्रकाश फैलाने वाले मानवीय दृष्टिकोण का प्रतीक है। इसी भाग में आगे की ओर एक ओंकार का घूमता हुआ चिह्न उकेरा गया है जो ईश्वर की एकता और सार्वभौमिक सत्य को दर्शाता है। इसके साथ कपड़े के एक विशेष पैनल पर ‘हिंद दी चादर’ अंकित है, जो अत्याचार से पीड़ितों की रक्षा और धार्मिक स्वतंत्रता के लिए खड़े होने का संदेश देता है।
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कीर्तन और खालसा परंपरा की झलक

झांकी के मध्य भाग में रागी सिंहों द्वारा शब्द कीर्तन प्रस्तुत किया गया है। इसके पीछे खंडा साहिब का प्रतीक सुशोभित है, जो पूरे दृश्य को आध्यात्मिक और अलौकिक वातावरण प्रदान करता है। यह दृश्य दिल्ली के ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री सीस गंज साहिब के समक्ष प्रतिदिन होने वाले कीर्तन की अनुभूति कराता है।

शहादत की अमर गाथा

झांकी के एक हिस्से में गुरुद्वारा श्री सीस गंज साहिब का मॉडल दर्शाया गया है, जहां नौवें सिख गुरु श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी ने धर्म और मानवता की रक्षा के लिए शहादत दी थी। साइड पैनलों में गुरु साहिब के श्रद्धालु भाई मती दास जी, भाई सती दास जी और भाई दयाला जी की शहादत को चित्रित किया गया है, जिन्होंने गुरु के आदर्शों की रक्षा करते हुए बलिदान का मार्ग चुना।

350वां शहीदी वर्ष

पंजाब सरकार ने श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी का 350वां शहीदी दिवस 23 से 29 नवंबर 2025 तक श्री आनंदपुर साहिब में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया था। इस दौरान अनेक धार्मिक समागम और आयोजन किए गए, जिनकी झलक झांकी में भी दिखाई देगी।
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