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दोहरी खुशी: मान सीएम बने तो सात साल बाद हुई बच्चों से मुलाकात, पत्नी की एक शर्त नहीं मानने पर टूटा था परिवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
Published by: जयदेव सिंह
Updated Thu, 17 Mar 2022 04:57 PM IST
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बेटे दिलशान मान और बेटी सीरत कौर मान के साथ भगवंत मान।
- फोटो :
अमर उजाला
विस्तार
भगवंत मान पंजाब के नए मुख्यमंत्री बन गए है। शपथ ग्रहण समारोह में लाखों लोग शामिल हुए। इसमें दो लोगों की चर्चा सबसे ज्यादा रही। ये दोनों शपथ ग्रहण में शामिल होने के लिए अमेरिका से आए थे। हम बात कर रहे हैं भगवंत मान के बच्चों की। दोनों सात साल बाद अपने पिता से मिले।भगवंत मान के बेटे दिलशान मान (17) और बेटी सीरत कौर मान (21) अमेरिका में अपनी मां इंद्रप्रीत कौर के साथ रहते हैं। मान और इंद्रप्रीत 2015 में अलग हो गए थे। तब से दिलप्रीत अपने दोनों बच्चों के साथ अमेरिका में ही रहती हैं।
कभी मान की जीत के लिए पूर्व पत्नी ने बहाया था पसीना
भगवंत मान ने जब पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ने का फैसला लिया था। उस समय उनकी पत्नी ने भी उनका पूरा साथ दिया था। उनके लोकसभा क्षेत्र में उन्होंने भी कई रैलियां की थी। चुनाव प्रचार के दौरान इंद्रप्रीत के प्रभावी भाषणों की खूब चर्चा होती थी। उस दौर में तो यहां तक कहा जाता था कि अगर इंद्रप्रीत को आप विधानसभा चुनाव में टिकट दे देती है तो वो बड़ी आसानी से चुनाव जीत सकती हैं।
पंजाब पहुंचे सीरत कौर और दिलशान मान।
- फोटो :
bbc
सासंद बनने के एक साल बाद ही डाली तलाक की अर्जी
20 मार्च 2015 को भगवंत मान इंद्रप्रीत कौर ने कोर्ट में आपसी सहमति से तलाक की अर्जी लगाई थी। इस अर्जी में मान का तर्क था कि वे राजनीति के चलते अपनी पत्नी से तलाक ले रहे हैं। लोगों ने विश्वास से उन्हें चुना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कोर्ट में दी गई अर्जी में भगवंत मान की पत्नी ने शर्त रखी थी कि वे अगर मान भारत छोड़कर कैलिफोर्निया शिफ्ट हो जाते हैं तो तलाक की अर्जी वापस ले लेंगी। दूसरी ओर मान राजनीति छोड़कर विदेश नहीं जाना चाहते थे। मान का तर्क था कि वे लोगों का विश्वास नहीं तोड़ सकते। अगर उनकी पत्नी उनके साथ भारत में सैटल होना चाहती हैं तो वे तलाक की अर्जी वापस ले लेंगे।
भगवंत मान ने अपने तलाक का कारण अपने फेसबुक पेज पर भी शेयर किया था। इमसें उन्होंने लिखा था, 'जो लटका समय से था वह हल हो गया, कोर्ट विच्च फैसला यह कल हो गया, इक पासे परिवार, दूजे पासे सी पंजाब, मै तो यारो अपने पंजाब वल्ल हो गया।'
20 मार्च 2015 को भगवंत मान इंद्रप्रीत कौर ने कोर्ट में आपसी सहमति से तलाक की अर्जी लगाई थी। इस अर्जी में मान का तर्क था कि वे राजनीति के चलते अपनी पत्नी से तलाक ले रहे हैं। लोगों ने विश्वास से उन्हें चुना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कोर्ट में दी गई अर्जी में भगवंत मान की पत्नी ने शर्त रखी थी कि वे अगर मान भारत छोड़कर कैलिफोर्निया शिफ्ट हो जाते हैं तो तलाक की अर्जी वापस ले लेंगी। दूसरी ओर मान राजनीति छोड़कर विदेश नहीं जाना चाहते थे। मान का तर्क था कि वे लोगों का विश्वास नहीं तोड़ सकते। अगर उनकी पत्नी उनके साथ भारत में सैटल होना चाहती हैं तो वे तलाक की अर्जी वापस ले लेंगे।
भगवंत मान ने अपने तलाक का कारण अपने फेसबुक पेज पर भी शेयर किया था। इमसें उन्होंने लिखा था, 'जो लटका समय से था वह हल हो गया, कोर्ट विच्च फैसला यह कल हो गया, इक पासे परिवार, दूजे पासे सी पंजाब, मै तो यारो अपने पंजाब वल्ल हो गया।'
भगवंत मान के शपथ ग्रहण के दौरान मौजूद सीरत और दिलशान(सबसे दाएं) और भगवंत की मां (बाएं)।
- फोटो :
pti
राजनीति में कद बढ़ा, लेकिन परिवार छूटने की कसक आज भी
परिवार के अमेरिका शिफ्ट होने के बाद भी भगवंत मान राजनीति में उनका कद बढ़ता गया। 2019 में दूसरी बार मान लोकसभा सांसद बने। अब पंजाब के 25वें मुख्यमंत्री बने हैं। इसके बाद भी परिवार के दूर होने की कसक आज भी उनके दिल में है। एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा था कि राजनीति की वजह से मैंने अपने बच्चों परिवार को खो दिया। वो अब अमेरिकी नागरिक हैं। उन्होंने इस इंटरव्यू में यहां तक कहा था कि उनके बच्चों से अब बात तक नहीं होती।
परिवार के अमेरिका शिफ्ट होने के बाद भी भगवंत मान राजनीति में उनका कद बढ़ता गया। 2019 में दूसरी बार मान लोकसभा सांसद बने। अब पंजाब के 25वें मुख्यमंत्री बने हैं। इसके बाद भी परिवार के दूर होने की कसक आज भी उनके दिल में है। एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा था कि राजनीति की वजह से मैंने अपने बच्चों परिवार को खो दिया। वो अब अमेरिकी नागरिक हैं। उन्होंने इस इंटरव्यू में यहां तक कहा था कि उनके बच्चों से अब बात तक नहीं होती।