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पंजाब में बड़ा सड़क हादसा: आम आदमी पार्टी के तीन कार्यकर्ताओं की मौत, वित्त मंत्री हरपाल चीमा के थे करीबी
Thu, 13 Aug 2026 10:17 AM IST
शाहिल शर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, हलवारा (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, हलवारा (पंजाब)
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Thu, 13 Aug 2026 10:17 AM IST
सार
तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पानी से भरे तालाब में गिरने से आप के तीन कार्यकर्ताओं की मौत हो गई। हादसे के वक्त गाड़ी में पांच लोग सवार थे जिनमें से दो की जान बच गई।
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सड़क हादसे में तीन आप कार्यकर्ताओं की मौत
- फोटो : संवाद
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विस्तार
रायकोट-जगरांव रोड पर गांव बस्सियां के पास बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात करीब सवा एक बजे एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पानी से भरे तालाब में जा गिरी। हादसा इतना भीषण था कि कार में सवार पांच लोगों में से तीन की मौत हो गई, जबकि दो लोग बाल-बाल बच गए। मृतकों की पहचान बलकार सिंह, विशाल और संदीप के रूप में हुई है। तीनों के आम आदमी पार्टी से जुड़े होने और पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के करीबी साथी होने की जानकारी सामने आई है।
जानकारी के अनुसार, पांचों लोग नकोदर से कार में सवार होकर दिड़बा क्षेत्र की ओर लौट रहे थे। बस्सियां के पास मोड़ पर तेज रफ्तार कार चालक के नियंत्रण से बाहर हो गई और सड़क किनारे स्थित पानी से भरे तालाब में गिर गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई।
पुलिस और राहत दल ने संभाला मोर्चा
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंच गए। काफी मशक्कत के बाद कार और उसमें फंसे लोगों को बाहर निकाला गया। तीन लोगों की मौत हो चुकी थी, जबकि दो अन्य को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। पुलिस ने मृतकों के शव कब्जे में लेकर सरकारी अस्पताल जगरांव में रखवा दिए हैं। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।प्रारंभिक तौर पर हादसे की वजह कार की तेज रफ्तार और मोड़ पर नियंत्रण बिगड़ना बताई जा रही है। हालांकि पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
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जानकारी के अनुसार, पांचों लोग नकोदर से कार में सवार होकर दिड़बा क्षेत्र की ओर लौट रहे थे। बस्सियां के पास मोड़ पर तेज रफ्तार कार चालक के नियंत्रण से बाहर हो गई और सड़क किनारे स्थित पानी से भरे तालाब में गिर गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई।
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पुलिस और राहत दल ने संभाला मोर्चा
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंच गए। काफी मशक्कत के बाद कार और उसमें फंसे लोगों को बाहर निकाला गया। तीन लोगों की मौत हो चुकी थी, जबकि दो अन्य को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। पुलिस ने मृतकों के शव कब्जे में लेकर सरकारी अस्पताल जगरांव में रखवा दिए हैं। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।प्रारंभिक तौर पर हादसे की वजह कार की तेज रफ्तार और मोड़ पर नियंत्रण बिगड़ना बताई जा रही है। हालांकि पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
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सवालों के घेरे में प्रशासन, पहले भी हो चुके हैं हादसे
इस हादसे ने रायकोट-जगरांव रोड पर बस्सियां के पास सड़क सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों के अनुसार जिस स्थान पर कार तालाब में गिरी, वहां पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। ग्रामीणों का दावा है कि दुर्घटना संभावित इस स्थान को लेकर वे कई बार सरकार और प्रशासन के समक्ष शिकायत कर चुके हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि सड़क के खतरनाक मोड़, तालाब के किनारे सुरक्षा इंतजाम, पर्याप्त चेतावनी संकेत, रिफ्लेक्टर और अन्य जरूरी सुरक्षा उपाय समय रहते किए जाते तो शायद हादसे को टाला जा सकता था। अब तीन लोगों की जान जाने के बाद एक बार फिर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
तीन परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
रात के अंधेरे में हुए इस हादसे ने तीन परिवारों को गहरा सदमा दिया है। हादसे की खबर फैलते ही क्षेत्र में शोक की लहर है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि दुर्घटना संभावित इस स्थान की तत्काल जांच कराकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।
इस हादसे ने रायकोट-जगरांव रोड पर बस्सियां के पास सड़क सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों के अनुसार जिस स्थान पर कार तालाब में गिरी, वहां पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। ग्रामीणों का दावा है कि दुर्घटना संभावित इस स्थान को लेकर वे कई बार सरकार और प्रशासन के समक्ष शिकायत कर चुके हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि सड़क के खतरनाक मोड़, तालाब के किनारे सुरक्षा इंतजाम, पर्याप्त चेतावनी संकेत, रिफ्लेक्टर और अन्य जरूरी सुरक्षा उपाय समय रहते किए जाते तो शायद हादसे को टाला जा सकता था। अब तीन लोगों की जान जाने के बाद एक बार फिर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
तीन परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
रात के अंधेरे में हुए इस हादसे ने तीन परिवारों को गहरा सदमा दिया है। हादसे की खबर फैलते ही क्षेत्र में शोक की लहर है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि दुर्घटना संभावित इस स्थान की तत्काल जांच कराकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।