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Educational Quotes

									
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने यूजीसी नेट जून 2026 के अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र विषयों की परीक्षा दोबारा कराने का फैसला किया है। इन तीनों विषयों के प्रश्नपत्रों में कई तरह की गंभीर खामियां सामने आई थीं। दोबारा परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। एनटीए ने यूजीसी नेट जून 2026 की परीक्षा 22 से 30 जून 2026 के बीच 87 विषयों के लिए आयोजित की थी। यह परीक्षा जूनियर रिसर्च फेलोशिप (जेआरएफ), असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए पात्रता और पीएचडी कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित की गई थी।
आखिर तीन विषयों के प्रश्नपत्रों में क्या-क्या गलतियां मिलीं?
एनटीए की ओर से जारी बयान के मुताबिक, अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र के प्रश्नपत्रों में गलतियों को लेकर कई शिकायतें मिली थीं। इसके बाद एनटीए ने एक समिति बनाकर इन प्रश्नपत्रों की जांच कराई। जांच में तथ्यात्मक, टाइपिंग और अनुवाद संबंधी गलतियां मिलीं। मशहूर विद्वानों के नाम गलत लिखे गए थे। किताबों के शीर्षक भी गलत थे। सवालों की भाषा में कमियां मिलीं। व्याकरण, लिंग और वचन से जुड़ी गलतियां भी सामने आईं। इसके अलावा स्थापित अवधारणाओं के लिए गैर-मानक शब्दों का इस्तेमाल किया गया था। पहले पूछे जा चुके कई सवालों को दोबारा शामिल किए जाने की बात भी सामने आई।
 

एनटीए ने कहा कि इतनी बड़ी गलतियों को केवल चैलेंज प्रोसेस के बाद सवाल हटाकर ठीक नहीं किया जा सकता। इसलिए एनटीए ने फैसला किया है कि इन तीन पेपरों को दोबारा आयोजित किया जाएगा। एनटीए की ओर से इन विषयों की पुनर्परीक्षा की शेड्यूल जारी किया है। अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र, शहर और एडमिट कार्ड से जुड़ी जानकारी अलग से आधिकारिक वेबसाइट पर दी जाएगी।
कब होगी दोबारा परीक्षा?
अंग्रेजी: 9 सितंबर 2026, शिफ्ट-1, सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक  
कॉमर्स: 9 सितंबर 2026, शिफ्ट-2, दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक
समाजशास्त्र: 10 सितंबर 2026, शिफ्ट-1, सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक 
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84 विषयों के नतीजे तय कार्यक्रम के अनुसार आएंगे
एनटीए की ओर से कहा गया है कि जिन 84 विषयों के लिए आज आंसर की चैलेंज विंडो खुली है, उनके नतीजे शेड्यूल के अनुसार घोषित किए जाएंगे। इन विषयों में जेआरएफ सीटों का आवंटन और असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए योग्यता और पीएचडी में एडमिशन के लिए ई-सर्टिफिकेट जारी करने में दोबारा परीक्षा के कारण कोई देरी नहीं होगी।
वहीं, अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र में असिस्टेंट प्रोफेसर की पात्रता के लिए सफल अभ्यर्थियों की संख्या जून 2026 की परीक्षा या दोबारा आयोजित परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों की संख्या में से जो अधिक होगी, उसके छह प्रतिशत के बराबर होगी। जेआरएफ, असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए योग्यता और  पीएचडी एडमिशन के लिए योग्यता का विषय-वार आवंटन इंफॉर्मेशन बुलेटिन में बताए अनुसार किया जाएगा। हर विषय के लिए पहले से तय किए गए नंबरों में किसी भी हालत में कोई कटौती नहीं की जाएगी। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे केवल https://nta.ac.in और https://ugcnet.nta.nic.in तथा NTA की आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
									
बिहार सरकार ने शिक्षकों की वरिष्ठता और सेवा से जुड़ी लंबित समस्याओं के समाधान के लिए बड़ा कदम उठाया है। शिक्षा विभाग ने इस संबंध में नौ सदस्यीय समिति का गठन किया है। यह समिति शिक्षकों की सेवा निरंतरता, वेतन संरचना, प्रोन्नति और वरिष्ठता जैसे मामलों पर विचार कर विभाग को रिपोर्ट सौंपेगी।
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शिक्षा विभाग के आदेश के अनुसार, स्थानीय निकाय शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद नियुक्त हुए शिक्षक विशिष्ट शिक्षक का दर्जा पाते हैं। बाद में जब वे विद्यालय अध्यापक, प्रधान शिक्षक या प्राचार्य के रूप में नियुक्त होते हैं तो उनकी सेवा निरंतरता और वरिष्ठता को लेकर कई तरह की दिक्कतें सामने आती हैं। इन विवादों के समाधान के लिए यह समिति गठित की गई है। समिति में निदेशक, प्राथमिक शिक्षा को अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं, उप निदेशक, संयुक्त सचिव, क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक समेत कई वरीय अधिकारियों को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
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समिति के सदस्य इस प्रकार हैं –
पंकज कुमार (परामर्शी)
मनोरंजन कुमार (निदेशक, प्रशासन)
अमरेश कुमार मिश्र (संयुक्त सचिव)
अमित कुमार (क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक, सहरसा)
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संजय कुमार चौधरी (उप निदेशक)
अब्दुल सलाम अंसारी (उप निदेशक, मगध)
संजय कुमार सिंह (आर्थिक वित्तीय सलाहकार, शिक्षा विभाग)
योगेश कुमार (जिला शिक्षा पदाधिकारी, गोपालगंज)
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि समिति अपनी रिपोर्ट जल्द प्रस्तुत करेगी। इसके बाद विभाग आवश्यक कार्रवाई करेगा।
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