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Ajmer News: डिलीवरी के बाद महिला की मौत पर हंगामा, JLN मोर्चरी के बाहर आपस में जमकर भिड़े पीहर और ससुराल पक्ष
Wed, 12 Aug 2026 08:36 AM IST
अजमेर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
Published by: अजमेर ब्यूरो
Updated Wed, 12 Aug 2026 08:36 AM IST
सार
डिलीवरी के बाद 24 वर्षीय महिला की मौत ने परिवार में कोहराम मचा दिया। जेएलएन अस्पताल की मोर्चरी के बाहर पीहर और ससुराल पक्ष के बीच जमकर विवाद हुआ और कई बार हाथापाई की नौबत आई।
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डिलीवरी के बाद महिला की मौत पर बवाल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अजमेर के जेएलएन अस्पताल में मंगलवार को डिलीवरी के बाद 24 वर्षीय महिला की मौत होने पर अस्पताल की मोर्चरी के बाहर जमकर हंगामा हुआ। शव मोर्चरी में रखे जाने के बाद मृतका के पीहर और ससुराल पक्ष के लोग आमने-सामने आ गए। करीब 3 से 4 घंटे तक दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा। इस दौरान 2-3 बार हाथापाई की नौबत भी आई। मौके पर मौजूद रिश्तेदारों ने बीच-बचाव कर कई बार मामला शांत कराया।
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जानकारी के अनुसार मृतका प्रीति राव (24) की शादी नवंबर 2024 में ब्यावर निवासी सुनील राव (30) से हुई थी। पति सुनील के अनुसार प्रीति गर्भवती थी। प्रसव पीड़ा होने पर उसे ब्यावर के अमृत कौर अस्पताल ले जाया गया, जहां हालत गंभीर होने पर अजमेर के जनाना अस्पताल रेफर किया गया। सुनील के मुताबिक 10 अगस्त को दोपहर करीब 4 बजे प्रीति की ऑपरेशन से डिलीवरी हुई और उसने बेटे को जन्म दिया। ऑपरेशन के दौरान प्रीति को कई बार पैनिक अटैक आया। देर रात उसकी तबीयत फिर बिगड़ने पर उसे जेएलएन अस्पताल रेफर किया गया। मंगलवार सुबह करीब 9 बजे इलाज के दौरान प्रीति की मौत हो गई।
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पति सुनील का कहना है कि डॉक्टरों ने दोबारा पैनिक अटैक आने की बात बताई थी। हालांकि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। सुनील ने पीहर पक्ष की ओर से लगाए जा रहे लापरवाही के आरोपों को गलत बताया।
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पीहर पक्ष ने लगाए लापरवाही के आरोप
वहीं प्रीति के भाई और बहन ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। भाई का आरोप है कि प्रीति की तबीयत बिगड़ने और अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी पीहर पक्ष को समय पर नहीं दी गई। डिलीवरी के बाद प्रीति को वेंटिलेटर पर रखे जाने की जानकारी भी परिवार को नहीं दी गई। परिजनों ने ससुराल पक्ष की लापरवाही को प्रीति की मौत के लिए जिम्मेदार बताया। प्रीति की बहन सोनू ने बताया कि सोमवार सुबह प्रीति ने फोन कर उसे अस्पताल बुलाया था। वह मसूदा स्थित ससुराल से अस्पताल पहुंची लेकिन आरोप है कि उसे प्रीति से मिलने नहीं दिया गया। सोनू का कहना है कि उसे लगातार मिलने से रोका गया और धमकाया भी गया।
मोर्चरी के बाहर कई बार बढ़ा विवाद
प्रीति की मौत के बाद शव को जेएलएन अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया। शव देखने के बाद पीहर पक्ष के परिजन भावुक हो गए। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हुई और देखते ही देखते विवाद बढ़ गया। करीब 3-4 घंटे के दौरान दोनों पक्ष 2-3 बार आमने-सामने आए और हाथापाई की स्थिति बनी। रिश्तेदारों ने दोनों पक्षों को अलग कर कई बार मामला शांत कराया लेकिन कुछ देर बाद फिर बहस शुरू हो जाती। पीहर पक्ष कार्रवाई की मांग करता रहा, जबकि बीच में समझौते को लेकर भी बातचीत होती रही।
थाना क्षेत्र को लेकर भी रहा असमंजस
अस्पताल प्रशासन की सूचना पर पादूकलां थाना पुलिस मोर्चरी पहुंची। इसके बाद पति के दस्तावेज और घटनाक्रम सामने आने पर मामला किस थाना क्षेत्र में आता है, इसे लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही। कभी ब्यावर, कभी पीसांगन तो कभी पादूकलां थाना क्षेत्र की बात सामने आती रही। मोर्चरी के बाहर विवाद और हाथापाई के बावजूद पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी परिजनों ने सवाल उठाए। अस्पताल चौकी प्रभारी मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाकर लौट गए लेकिन उनके जाने के बाद दोनों पक्ष फिर आमने-सामने आ गए।
फिलहाल प्रीति का शव जेएलएन अस्पताल की मोर्चरी में रखा हुआ है। बुधवार को थाना क्षेत्र स्पष्ट होने के बाद पोस्टमार्टम और आगे की कानूनी कार्रवाई की स्थिति साफ होने की संभावना है। मंगलवार शाम तक किसी भी पक्ष की ओर से संबंधित थाने में शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी। मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।