Ajmer News: अजमेर दरगाह में अकीदत के साथ अदा हुई ईद की नमाज, अमन-चैन और भाईचारे की दुआ
Ajmer News: अजमेर दरगाह में ईद की नमाज़ अकीदतमंदों ने बड़े उल्लास और श्रद्धा के साथ अदा की। देश-विदेश से आए जायरीन ने आपसी भाईचारे और अमन-चैन की दुआ की। दरगाह का माहौल उत्सव और आध्यात्मिक रंग से भरपूर रहा, प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था भी पूरी तरह पुख्ता रही।
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देशभर में ईद-उल-फितर का पर्व हर्षोल्लास, आपसी भाईचारे और धार्मिक आस्था के साथ मनाया जा रहा है। इसी क्रम में राजस्थान के अजमेर स्थित विश्व प्रसिद्ध सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह में ईद के मौके पर विशेष रौनक देखने को मिली।
सुबह से लगा रहा जायरीनों का तांता
दरगाह परिसर में स्थित ऐतिहासिक शाहजहानी मस्जिद में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने ईद की नमाज अदा की और देश में अमन-चैन, खुशहाली तथा भाईचारे की दुआ मांगी। सुबह से ही दरगाह शरीफ में जायरीनों का तांता लगा रहा। देश के अलग-अलग हिस्सों से आए लोगों ने नमाज में शिरकत की और एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी। पूरे दरगाह क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल नजर आया, जहां हर ओर खुशी और भाईचारे का संदेश गूंजता रहा। नमाज के बाद लोगों ने मिठाइयां बांटी और आपसी प्रेम का इजहार किया।
दरगाह के खादिम सैयद नफीस मियां चिश्ती ने बताया कि मुस्लिम समुदाय ने पूरे एक महीने तक रोजे रखकर इबादत की है, जिसके बाद आज ईद का त्योहार मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह त्योहार आपसी मोहब्बत, भाईचारे और इंसानियत का संदेश देता है। ईद के मौके पर सभी लोग एक-दूसरे को गले लगाकर खुशियां साझा कर रहे हैं।
अमन-चैन, भाईचारे और खुशहाली की दुआ
अजमेर दरगाह के गद्दीनशीन एवं चिश्ती फाउंडेशन के चेयरमैन हाजी सैयद सलमान चिश्ती ने बताया कि ईद के अवसर पर दरगाह में विशेष नमाज अदा की गई, जिसमें देश और दुनिया में अमन-चैन, भाईचारे और खुशहाली की दुआ मांगी गई। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं, ऐसे में सभी मुल्कों में शांति स्थापित हो और इंसानियत का संदेश कायम रहे, यही कामना की गई है।
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प्रशासन की ओर से पुख्ता इंतजाम
ईद के इस पावन अवसर पर अजमेर दरगाह का माहौल पूरी तरह आध्यात्मिक रंग में रंगा नजर आया। प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्थाओं के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे जायरीनों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। कुल मिलाकर, ईद का यह त्योहार दरगाह में श्रद्धा, आस्था और भाईचारे के संगम के रूप में मनाया गया।