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Alwar: हाईकोर्ट में नौकरी का झांसा देकर लाखों की ठगी, 25 हजार के इनामी पति-पत्नी गिरफ्तार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलवर Published by: अलवर ब्यूरो Updated Sun, 08 Feb 2026 08:51 PM IST
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सार

Alwar: अलवर पुलिस ने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले शातिर दंपती ओमप्रकाश और पूनम गुप्ता को उत्तर प्रदेश के अमरोहा से गिरफ्तार किया है।

Couple arrested for defrauding people of lakhs of rupees by promising jobs in  High Court bounty of 25000
हथकड़ी। सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

राजस्थान उच्च न्यायालय में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक शातिर दंपती को तिजारा पुलिस ने गिरफ्तार कर बड़ी कामयाबी हासिल की है। आरोपी पति-पत्नी पिछले कई वर्षों से फरार चल रहे थे और पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे।

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उत्तर प्रदेश से हुई गिरफ्तारी
भिवाड़ी पुलिस अधीक्षक द्वारा दोनों आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से उन्हें उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के गजरौला क्षेत्र से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ओमप्रकाश गुप्ता (57) और उनकी पत्नी पूनम गुप्ता (42) के रूप में हुई है, जो अलवर की 'अपना घर शालीमार' सोसाइटी के निवासी हैं।
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कोर्ट कर्मचारी होने का फायदा उठाया
मुख्य आरोपी ओमप्रकाश गुप्ता तिजारा न्यायालय के पूर्व कर्मचारी रह चुके हैं, जिसके कारण वह कोर्ट की कार्यप्रणाली से अच्छी तरह वाकिफ थे। इसी का फायदा उठाकर उन्होंने लोगों का विश्वास जीता। आरोपियों के खिलाफ तिजारा, अलवर सदर और जोधपुर के कुड़ी भगतासनी थाने में धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं।

ठगी का तरीका: फर्जी पेपर और फर्जी लेटर
मामले का खुलासा पीड़िता शिखा यादव की शिकायत पर हुआ। घटनाक्रम इस प्रकार रहा:

मुलाकात: दिसंबर 2020 में पीड़िता की मुलाकात तिजारा कोर्ट के रिकॉर्ड रूम में आरोपियों से हुई।

झांसा: आरोपियों ने राजस्थान उच्च न्यायालय में क्लर्क के पद पर 'सेटिंग' से नौकरी लगवाने का दावा किया।

लेन-देन: नौकरी के नाम पर आरोपियों ने 3.45 लाख रुपये ऐंठ लिए।

साजिश: फरवरी 2021 में आरोपियों ने अपने फ्लैट पर पीड़िता का फर्जी पेपर करवाया। आरोपियों ने रजिस्ट्रार जनरल, राजस्थान उच्च न्यायालय के फर्जी हस्ताक्षरों वाला नियुक्ति पत्र (जॉइनिंग लेटर) भी पीड़िता को थमाया।

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पुलिस की कार्रवाई
जब पीड़िता को दस्तावेजों के फर्जी होने का पता चला, तो उसने तिजारा थाने में आईपीसी की धाराओं 420, 406, 467, 468, 471 और 120बी के तहत मामला दर्ज कराया। भिवाड़ी एसपी के निर्देशानुसार गठित विशेष टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस को अंदेशा है कि यह दंपती एक बड़े गिरोह का हिस्सा हो सकता है। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ जारी है, जिससे ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य पीड़ितों और सहयोगियों का खुलासा होने की उम्मीद है।

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