ओपन जेल से होटल तक: दो चर्चित हत्याकांड के आरोपियों ने अलवर में रचाई शादी, खून से सने हाथों पर रची मेहंदी
Priya Seth Hanuman Prasad Marriage: अलवर में बसंत पंचमी पर जयपुर की ओपन जेल में सजा काट रहे दो हत्याकांडों के दोषी प्रिया सेठ और हनुमान चौधरी ने 15 दिन की पैरोल पर गुपचुप होटल में शादी की। दोनों अब नई जिंदगी जीना चाहते हैं।
विस्तार
राजस्थान के अलवर में बसंत पंचमी के अवसर पर एक ऐसी अनोखी और सनसनीखेज शादी हुई, जिसकी चर्चा अब पूरे प्रदेश ही नहीं बल्कि देशभर में हो रही है। जयपुर की ओपन जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रही पाली निवासी प्रिया सेठ और अलवर जिले के बड़ौदामेव निवासी हनुमान चौधरी विवाह के बंधन में बंध गए। दोनों हत्या के मामलों में दोषी ठहराए जा चुके हैं और फिलहाल सजा काट रहे हैं। इसके बावजूद दोनों ने अपने बीते अपराधों पर पश्चाताप जताते हुए नई जिंदगी शुरू करने का फैसला किया।
बसंत पंचमी की रात सीमित रिश्तेदारों की मौजूदगी में अलवर के एक निजी होटल में दोनों ने सात फेरे लिए। शुरुआत में शादी का कार्यक्रम बड़ौदामेव में आयोजित किया जाना था, लेकिन जैसे ही मामला मीडिया में आया, परिजनों ने आनन-फानन में कार्यक्रम स्थल बदल दिया। पूरी शादी को गोपनीय रखा गया, ताकि किसी तरह का विवाद न खड़ा हो। परिवार की महिलाओं को जयपुर जाने की जानकारी दी गई, जबकि असल में अलवर शहर के रेलवे स्टेशन के पास स्थित एक होटल में सीमित लोगों के बीच विवाह संपन्न कराया गया।
शादी के जोड़े में दूल्हा-दुल्हन को देखकर रिश्तेदार भी भावुक नजर आए। परिजनों के बीच यह चर्चा रही कि शादी के बाद दोनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ सकता है। चूंकि दोनों को अलग-अलग मामलों में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है, इसलिए अच्छे आचरण और दांपत्य जीवन के आधार पर भविष्य में सजा में राहत की संभावना भी जताई जा रही है। वरमाला के दौरान दोनों के चेहरे पर पश्चाताप का भाव साफ झलक रहा था।
शादी में शामिल लोगों को न तो फोटो खींचने की अनुमति दी गई और न ही मीडिया से बातचीत करने की। विवाह के बाद दुल्हन भी ससुराल नहीं पहुंची, जिससे यह पूरी शादी लंबे समय तक चर्चा का विषय बनी रही। इस मामले में दूल्हे की मां चंद्रकला ने बताया कि गलतियां इंसान से हो जाती हैं। बच्चों को अपने किए पर बहुत पछतावा है। परिवार में खुशी का माहौल जरूर है, लेकिन बेटे के भविष्य को लेकर चिंता भी बनी हुई है।
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जेल में हुई मुलाकात, प्यार में बदली बातचीत
प्रिया सेठ और हनुमान चौधरी की मुलाकात जयपुर की ओपन जेल में हुई थी। करीब छह महीने तक दोनों के बीच बातचीत और मुलाकात का सिलसिला चला। पहले प्यार में मिले धोखे और जीवन के दुख साझा करते-करते दोनों एक-दूसरे के करीब आए और साथ जीने-मरने की कसमें खाते हुए विवाह का फैसला लिया।
दोनों ने अदालत में 15 दिन की पैरोल के लिए आवेदन किया था। राजस्थान हाईकोर्ट के निर्देश पर जिला पैरोल एडवाइजरी कमेटी ने दोनों की रिप्रजेंटेशन स्वीकार करते हुए पैरोल मंजूर की। दोनों की ओर से अधिवक्ता विश्राम प्रजापत ने पैरवी की। पैरोल मिलने के बाद परिवार की सहमति से हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार अलवर के निर्वाणा पैलेस होटल में विवाह कराया गया।
दो चर्चित हत्याकांड, एक नई शुरुआत
प्रिया सेठ वर्ष 2018 के चर्चित दुष्यंत शर्मा हत्याकांड की मुख्य आरोपी है। उसने डेटिंग ऐप के जरिए दिल्ली निवासी दुष्यंत शर्मा को प्रेमजाल में फंसाया था। फिरौती की रकम लेने के बाद उसकी हत्या कर शव को सूटकेस में भरकर आमेर की पहाड़ियों में फेंक दिया गया था। इस मामले में प्रिया के साथ उसके प्रेमी दीक्षांत कामरा और साथी लक्ष्य वालिया भी शामिल थे। कोर्ट ने 24 नवंबर 2023 को तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
वहीं हनुमान चौधरी पर अक्टूबर 2017 में प्रेमिका संतोष के कहने पर उसके पति बनवारी और चार मासूम बच्चों की बेरहमी से हत्या करने का आरोप है। वारदात के वक्त संतोष भी मौके पर मौजूद थी। जांच के बाद पुलिस ने संतोष, हनुमान और उनके साथियों को गिरफ्तार किया। न्यायालय ने सभी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। फिलहाल प्रिया सेठ और हनुमान चौधरी दोनों जयपुर की ओपन जेल में सजा काट रहे हैं। जेल में हुई मुलाकात अब विवाह में बदल गई है, जिसने कानून, समाज और नैतिकता को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।
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