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Banswara News: साइबर फ्रॉड केस से नाम हटाने के लिए मांगी रिश्वत, साइबर थाने का एएसआई और पूर्व पार्षद गिरफ्तार
Wed, 06 May 2026 11:23 AM IST
बांसवाड़ा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, डूंगरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, डूंगरपुर
Published by: बांसवाड़ा ब्यूरो
Updated Wed, 06 May 2026 11:23 AM IST
सार
साइबर फ्रॉड के मामले से नाम हटाने और राहत दिलाने के नाम पर रिश्वत मांगने के आरोप में डूंगरपुर एसीबी ने दो आरोपियों को हिरासत में लिया है। कार्रवाई के दौरान एसीबी ने रिश्वत की रकम भी बरामद की है।
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एक लाख की रिश्वत लेते दो आरोपी गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
डूंगरपुर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने मंगलवार को एक अहम कार्रवाई करते हुए साइबर थाने में तैनात सहायक उपनिरीक्षक और उसके दलाल पूर्व पार्षद को 1 लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
एसीबी चौकी प्रभारी रतनसिंह राजपुरोहित ने बताया कि एक परिवादी ने शिकायत दी थी कि साइबर फ्रॉड के एक मामले में उसकी बेटी और दामाद का नाम हटाने तथा केस में राहत दिलाने के बदले एएसआई मदनलाल पूर्व पार्षद डायालाल पाटीदार के जरिए 2 लाख रुपए की मांग कर रहा है। इसके बाद एसीबी ने शिकायत का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत की मांग सही पाई गई।
ये भी पढ़ें: Alwar News: अलवर में ACB की बड़ी कार्रवाई, PWD के एक्सईएन कृष्ण कुमार 25 हजार की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार
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मामले में आरोपियों ने एक लाख रुपए में सौदा तय किया। इसके बाद एसीबी टीम ने योजनाबद्ध तरीके से मंगलवार को ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया और दोनों आरोपियों को रिश्वत लेते हुए मौके पर ही दबोच लिया। कार्रवाई के दौरान एसीबी टीम ने मौके से रिश्वत की रकम भी बरामद की।
अब एसीबी टीम आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और मामले में अन्य संभावित संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया है। उल्लेखनीय है कि एएसआई मदनलाल का करीब चार महीने पहले ही हेड कॉन्स्टेबल से एएसआई पद पर प्रमोशन हुआ था, लेकिन प्रमोशन के बाद भी वह साइबर सेल में ही कार्यरत था।
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एसीबी चौकी प्रभारी रतनसिंह राजपुरोहित ने बताया कि एक परिवादी ने शिकायत दी थी कि साइबर फ्रॉड के एक मामले में उसकी बेटी और दामाद का नाम हटाने तथा केस में राहत दिलाने के बदले एएसआई मदनलाल पूर्व पार्षद डायालाल पाटीदार के जरिए 2 लाख रुपए की मांग कर रहा है। इसके बाद एसीबी ने शिकायत का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत की मांग सही पाई गई।
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मामले में आरोपियों ने एक लाख रुपए में सौदा तय किया। इसके बाद एसीबी टीम ने योजनाबद्ध तरीके से मंगलवार को ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया और दोनों आरोपियों को रिश्वत लेते हुए मौके पर ही दबोच लिया। कार्रवाई के दौरान एसीबी टीम ने मौके से रिश्वत की रकम भी बरामद की।
अब एसीबी टीम आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और मामले में अन्य संभावित संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया है। उल्लेखनीय है कि एएसआई मदनलाल का करीब चार महीने पहले ही हेड कॉन्स्टेबल से एएसआई पद पर प्रमोशन हुआ था, लेकिन प्रमोशन के बाद भी वह साइबर सेल में ही कार्यरत था।