{"_id":"6968eec2afe5694e3505b131","slug":"drops-of-blood-on-the-clothes-proved-the-murderer-guilty-banswara-news-c-1-1-noi1402-3844992-2026-01-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Banswara: कपड़ों पर खून की बूंदों ने साबित किया हत्या का दोषी, कोर्ट ने दी आजीवन कारावास की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Banswara: कपड़ों पर खून की बूंदों ने साबित किया हत्या का दोषी, कोर्ट ने दी आजीवन कारावास की सजा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांसवाड़ा
Published by: बांसवाड़ा ब्यूरो
Updated Thu, 15 Jan 2026 10:45 PM IST
विज्ञापन
सार
Banswara: बांसवाड़ा जिले में एक हत्या के आरोपी को उसके कपड़ों पर लगे खून के धब्बों ने जेल के पीछे पहुंचा दिया। इतना ही नहीं कोर्ट ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा भी सुनाई है।
जिला एवं सेशन न्यायालय।
विज्ञापन
विस्तार
बांसवाड़ा: कहा जाता है कि अपराधी चाहे कितना ही शातिर क्यों न हो, कोई न कोई सबूत उसे कानून के शिकंजे तक पहुंचा ही देता है। बांसवाड़ा जिले में ऐसे ही एक हत्या के मामले में न्यायालय ने खून के धब्बों से मिले साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी करार दिया है। अदालत ने आरोपी को आजीवन कारावास और एक लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
20 अक्टूबर 2023 की है घटना
प्रकरण के अनुसार 20 अक्टूबर 2023 को आम्बापुरा थाना क्षेत्र में भोजिया खुर्द गांव निवासी वागजी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका पुत्र जीवणा 19 अक्टूबर की सुबह घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। अगले दिन उसका शव नई रेलवे लाइन के पास झाड़ियों में पड़ा मिला। मृतक के दोनों हाथ शर्ट और बनियान से बंधे हुए थे। रिपोर्ट में वागजी ने संदेह जताया कि एक वर्ष पूर्व दीपावली मेले में नरेंद्र और गौतम नामक युवकों से हुए विवाद के चलते यह हत्या की गई है। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और बाद में नरेंद्र माईड़ा और गौतम माईड़ा को गिरफ्तार कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया।
कपड़ों पर मिले खून के अहम सबूत
लोक अभियोजक योगेश सोमपुरा ने बताया कि सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों में सबसे अहम सबूत आरोपी के कपड़ों पर मिले खून के धब्बे रहे। घटना के समय मृतक द्वारा पहने गए कपड़ों पर लगे खून का ग्रुप वही पाया गया, जो आरोपी नरेंद्र के कपड़ों पर मिला। विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) जांच में यह पुष्टि हुई। जांच में यह भी सामने आया कि जीवणा की हत्या सिर पर ईंट से वार कर की गई थी। वारदात में प्रयुक्त ईंट पर लगा खून भी मामले में निर्णायक साक्ष्य साबित हुआ।
ये भी पढ़ें: उदयपुर में चलती ट्रेन पर पथराव, कोच के कांच टूटे, 3 यात्री घायल
यह दिया न्यायालय ने आदेश
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामसुरेश प्रसाद ने आरोपी गौतम माईड़ा को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। वहीं, आरोपी नरेंद्र माईड़ा को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और एक लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। न्यायालय ने आदेश दिया कि अर्थदंड जमा नहीं करने की स्थिति में आरोपी को दो वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
Trending Videos
20 अक्टूबर 2023 की है घटना
प्रकरण के अनुसार 20 अक्टूबर 2023 को आम्बापुरा थाना क्षेत्र में भोजिया खुर्द गांव निवासी वागजी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका पुत्र जीवणा 19 अक्टूबर की सुबह घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। अगले दिन उसका शव नई रेलवे लाइन के पास झाड़ियों में पड़ा मिला। मृतक के दोनों हाथ शर्ट और बनियान से बंधे हुए थे। रिपोर्ट में वागजी ने संदेह जताया कि एक वर्ष पूर्व दीपावली मेले में नरेंद्र और गौतम नामक युवकों से हुए विवाद के चलते यह हत्या की गई है। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और बाद में नरेंद्र माईड़ा और गौतम माईड़ा को गिरफ्तार कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
कपड़ों पर मिले खून के अहम सबूत
लोक अभियोजक योगेश सोमपुरा ने बताया कि सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों में सबसे अहम सबूत आरोपी के कपड़ों पर मिले खून के धब्बे रहे। घटना के समय मृतक द्वारा पहने गए कपड़ों पर लगे खून का ग्रुप वही पाया गया, जो आरोपी नरेंद्र के कपड़ों पर मिला। विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) जांच में यह पुष्टि हुई। जांच में यह भी सामने आया कि जीवणा की हत्या सिर पर ईंट से वार कर की गई थी। वारदात में प्रयुक्त ईंट पर लगा खून भी मामले में निर्णायक साक्ष्य साबित हुआ।
ये भी पढ़ें: उदयपुर में चलती ट्रेन पर पथराव, कोच के कांच टूटे, 3 यात्री घायल
यह दिया न्यायालय ने आदेश
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामसुरेश प्रसाद ने आरोपी गौतम माईड़ा को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। वहीं, आरोपी नरेंद्र माईड़ा को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और एक लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। न्यायालय ने आदेश दिया कि अर्थदंड जमा नहीं करने की स्थिति में आरोपी को दो वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।