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'सर, मत जाओ...': शिक्षक के तबादले पर बिलख-बिलख कर रोए बच्चे, वीडियो वायरल होते ही राजस्थान में गरमाई सियासत
Sun, 16 Aug 2026 10:29 AM IST
हिमांशु सिंह बघेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, डूंगरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, डूंगरपुर
Published by: हिमांशु सिंह बघेल
Updated Sun, 16 Aug 2026 10:29 AM IST
सार
डूंगरपुर के एक सरकारी स्कूल में शिक्षक राजेश कोटेड के तबादले के दौरान बच्चों के भावुक होने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो के बाद सांसद राजकुमार रोत और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सरकार पर सवाल उठाए और तबादले में राजनीतिक दबाव का आरोप लगाया।
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शिक्षक के तबादले पर रो पड़े छात्र
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
डूंगरपुर के गड़ा वाटेश्वर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय का बताया जा रहा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में शिक्षक राजेश कोटेड के तबादले के दौरान छात्र-छात्राएं भावुक नजर आ रहे हैं। कई बच्चे उनसे लिपटकर रोते और उन्हें रोकने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं। आमतौर पर सरकारी कर्मचारियों का तबादला सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा होता है, लेकिन इस मामले में बच्चों की प्रतिक्रिया ने इसे चर्चा में ला दिया है। वीडियो सामने आने के बाद शिक्षक के तबादले के कारणों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
सांसद रोत ने लगाया राजनीतिक दबाव का आरोप
बांसवाड़ा-डूंगरपुर सांसद राजकुमार रोत ने शिक्षक के तबादले को लेकर भाजपा सरकार और स्थानीय भाजपा नेताओं पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राजेश कोटेड का तबादला राजनीतिक स्वार्थों के चलते करवाया गया। रोत ने कहा कि कोटेड बच्चों की पढ़ाई के प्रति समर्पित शिक्षक रहे हैं और अपनी वेतन राशि से भी आदिवासी विद्यार्थियों की जरूरतों में सहयोग करते रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या आदिवासी क्षेत्रों में बच्चों के हित में काम करने वाले शिक्षकों को राजनीतिक हस्तक्षेप का सामना करना पड़ेगा? रोत ने इस मामले को कालीबाई कलासुआ के शिक्षा के लिए दिए गए बलिदान से जोड़ते हुए कहा कि आदिवासी क्षेत्र में शिक्षा से जुड़े फैसले बच्चों के हित को ध्यान में रखकर होने चाहिए।
डोटासरा ने भी सरकार पर साधा निशाना
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भी वीडियो को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बच्चों की प्रतिक्रिया से स्पष्ट है कि शिक्षक राजेश कोटेड का विद्यार्थियों से गहरा जुड़ाव रहा है। डोटासरा ने सवाल किया कि शिक्षा व्यवस्था और बच्चों की भावनाओं से जुड़े ऐसे फैसले क्यों लिए जा रहे हैं। उन्होंने सरकार से तबादले के फैसले को लेकर जवाब मांगा।
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ये भी पढ़ें- राजस्थान के झालावाड़ में दर्दनाक हादसा: दरगाह के पास ढलान पर बेकाबू हुई बस ने 9 को रौंदा; तीन की मौत
वायरल वीडियो के बाद उठे सवाल
वीडियो वायरल होने के बाद मामला स्थानीय स्कूल से निकलकर राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया है। सोशल मीडिया पर अब इस मुद्दे को लेकर लोग अपनी-अपनी राय रख रहे हैं। विपक्ष शिक्षक के तबादले को राजनीतिक हस्तक्षेप से जोड़ रहा है, जबकि सरकार या भाजपा की ओर से अब तक इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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सांसद रोत ने लगाया राजनीतिक दबाव का आरोप
बांसवाड़ा-डूंगरपुर सांसद राजकुमार रोत ने शिक्षक के तबादले को लेकर भाजपा सरकार और स्थानीय भाजपा नेताओं पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राजेश कोटेड का तबादला राजनीतिक स्वार्थों के चलते करवाया गया। रोत ने कहा कि कोटेड बच्चों की पढ़ाई के प्रति समर्पित शिक्षक रहे हैं और अपनी वेतन राशि से भी आदिवासी विद्यार्थियों की जरूरतों में सहयोग करते रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या आदिवासी क्षेत्रों में बच्चों के हित में काम करने वाले शिक्षकों को राजनीतिक हस्तक्षेप का सामना करना पड़ेगा? रोत ने इस मामले को कालीबाई कलासुआ के शिक्षा के लिए दिए गए बलिदान से जोड़ते हुए कहा कि आदिवासी क्षेत्र में शिक्षा से जुड़े फैसले बच्चों के हित को ध्यान में रखकर होने चाहिए।
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डोटासरा ने भी सरकार पर साधा निशाना
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भी वीडियो को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बच्चों की प्रतिक्रिया से स्पष्ट है कि शिक्षक राजेश कोटेड का विद्यार्थियों से गहरा जुड़ाव रहा है। डोटासरा ने सवाल किया कि शिक्षा व्यवस्था और बच्चों की भावनाओं से जुड़े ऐसे फैसले क्यों लिए जा रहे हैं। उन्होंने सरकार से तबादले के फैसले को लेकर जवाब मांगा।
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वायरल वीडियो के बाद उठे सवाल
वीडियो वायरल होने के बाद मामला स्थानीय स्कूल से निकलकर राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया है। सोशल मीडिया पर अब इस मुद्दे को लेकर लोग अपनी-अपनी राय रख रहे हैं। विपक्ष शिक्षक के तबादले को राजनीतिक हस्तक्षेप से जोड़ रहा है, जबकि सरकार या भाजपा की ओर से अब तक इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।