{"_id":"6968b308a5fa22cd170ed0ea","slug":"what-happened-that-two-presidents-are-sitting-in-sagwara-municipality-banswara-news-c-1-1-noi1402-3844366-2026-01-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Banswara: सागवाड़ा नगरपालिका में अध्यक्ष पद को लेकर सियासी घमासान, एक ही दिन दो अध्यक्षों ने संभाली कुर्सी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Banswara: सागवाड़ा नगरपालिका में अध्यक्ष पद को लेकर सियासी घमासान, एक ही दिन दो अध्यक्षों ने संभाली कुर्सी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांसवाड़ा
Published by: बांसवाड़ा ब्यूरो
Updated Thu, 15 Jan 2026 05:19 PM IST
विज्ञापन
सार
Banswara: सागवाड़ा नगरपालिका में अध्यक्ष पद को लेकर विवाद गहरा गया है। गुरुवार को कांग्रेस और भाजपा पार्षद दोनों ने खुद को अध्यक्ष घोषित किया। ऐसे में दफ्तर में मौजूद कर्मचारियों ने अध्यक्ष के कमरे में दोनों नेताओं के लिए कुर्सियां लगा दी। जिसके बाद दोनों नेताओं ने कार्यभार संभाला।
भाजपा और कांग्रेस पार्षद
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
विस्तार
जिले की सागवाड़ा नगरपालिका में अध्यक्ष पद को लेकर गुरुवार को राजनीतिक घटनाक्रम ने रोचक मोड़ ले लिया। हालात ऐसे बने कि अध्यक्ष कक्ष में दो कुर्सियां लगाई गईं और कांग्रेस व भाजपा के पार्षदों ने खुद को नगरपालिका अध्यक्ष बताया।
दोनों नेताओं के लिए आमने-सामने लगाई गईं कुर्सियां
गुरुवार को सागवाड़ा नगरपालिका कार्यालय में कांग्रेस पार्षद नरेंद्र खोड़निया और भाजपा पार्षद आशीष गांधी पहुंचे। अध्यक्ष कक्ष में दोनों के लिए आमने-सामने कुर्सियां लगाई गईं। दोनों नेताओं ने स्वयं को अध्यक्ष बताते हुए कार्यभार संभालने का दावा किया। इस दौरान कार्यालय में लगी अध्यक्षों के कार्यकाल की सूची को भी अपडेट कर 14 जनवरी से नरेंद्र खोड़निया को अध्यक्ष दर्शाया गया। कक्ष के बाहर खोड़निया की नामपट्टिका भी लगा दी गई। बताया जा रहा है कि नरेंद्र खोड़निया पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के करीबी माने जाने वाले दिनेश खोड़निया के भाई हैं।
कोर्ट से स्टे मिलने के बाद कुर्सी संभालने का दावा
दरअसल, सागवाड़ा नगरपालिका अध्यक्ष नरेंद्र खोड़निया और उपाध्यक्ष मोहम्मद इस्माइल घांची को नौ माह पूर्व स्वायत्त शासन विभाग ने निलंबित कर दिया था। इसके बाद राज्य सरकार ने 2 मई 2025 को भाजपा पार्षद आशीष गांधी को नगरपालिका अध्यक्ष मनोनीत किया था।
कांग्रेस नेता ने दिया ये तर्क
14 जनवरी को निलंबित अध्यक्ष नरेंद्र खोड़निया ने हाईकोर्ट से निलंबन पर स्थगन आदेश मिलने के बाद खुद को पुनः अध्यक्ष बताते हुए कार्यभार संभाल लिया। खोड़निया का कहना है कि न्यायालय द्वारा निलंबन पर रोक लगाए जाने के बाद वे स्वतः ही अध्यक्ष पद पर बहाल हो गए हैं।
भाजपा नेता को सरकार के आदेश का इंतजार
वहीं भाजपा पार्षद आशीष गांधी ने कहा कि राज्य सरकार से अभी तक कोई नया आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में सरकार से मार्गदर्शन मांगा गया है और जब तक स्पष्ट निर्देश नहीं मिलते, तब तक वे अध्यक्ष पद पर बने हुए हैं।
यह था पूरा मामला
सागवाड़ा नगरपालिका अध्यक्ष नरेंद्र खोड़निया और उपाध्यक्ष मोहम्मद इस्माइल घांची पर वर्ष 2017 में बने नगरपालिका भवन को नियमों के विरुद्ध ध्वस्त करने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगे थे। इसके अलावा उपाध्यक्ष मोहम्मद इस्माइल पर राष्ट्रीय राजमार्ग 927-ए के किनारे नियमों के खिलाफ पट्टा जारी करवाने का भी आरोप था। जिसके बाद क्षेत्रीय उपनिदेशक द्वारा जांच के बाद स्वायत्त शासन विभाग ने दोनों को निलंबित कर दिया था। जिसके बाद सरकार ने आशीष गांधी को नगरपालिका अध्यक्ष मनोनीत किया था।
यह भी पढ़ें: खनन परियोजना के खिलाफ जनआंदोलन तेज, 28 जनवरी से अनिश्चितकालीन महाआंदोलन का एलान
आयुक्त ने मांगा मार्गदर्शन
इस पूरे मामले में नगरपालिका आयुक्त मोहम्मद सुहैल शेख ने बताया कि नरेंद्र खोड़निया ने न्यायालय के स्थगन आदेश की प्रति प्रस्तुत की है। मामले को लेकर विभाग और राज्य सरकार से मार्गदर्शन मांगा गया है। उच्चाधिकारियों के निर्देश मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Trending Videos
दोनों नेताओं के लिए आमने-सामने लगाई गईं कुर्सियां
गुरुवार को सागवाड़ा नगरपालिका कार्यालय में कांग्रेस पार्षद नरेंद्र खोड़निया और भाजपा पार्षद आशीष गांधी पहुंचे। अध्यक्ष कक्ष में दोनों के लिए आमने-सामने कुर्सियां लगाई गईं। दोनों नेताओं ने स्वयं को अध्यक्ष बताते हुए कार्यभार संभालने का दावा किया। इस दौरान कार्यालय में लगी अध्यक्षों के कार्यकाल की सूची को भी अपडेट कर 14 जनवरी से नरेंद्र खोड़निया को अध्यक्ष दर्शाया गया। कक्ष के बाहर खोड़निया की नामपट्टिका भी लगा दी गई। बताया जा रहा है कि नरेंद्र खोड़निया पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के करीबी माने जाने वाले दिनेश खोड़निया के भाई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
कोर्ट से स्टे मिलने के बाद कुर्सी संभालने का दावा
दरअसल, सागवाड़ा नगरपालिका अध्यक्ष नरेंद्र खोड़निया और उपाध्यक्ष मोहम्मद इस्माइल घांची को नौ माह पूर्व स्वायत्त शासन विभाग ने निलंबित कर दिया था। इसके बाद राज्य सरकार ने 2 मई 2025 को भाजपा पार्षद आशीष गांधी को नगरपालिका अध्यक्ष मनोनीत किया था।
कांग्रेस नेता ने दिया ये तर्क
14 जनवरी को निलंबित अध्यक्ष नरेंद्र खोड़निया ने हाईकोर्ट से निलंबन पर स्थगन आदेश मिलने के बाद खुद को पुनः अध्यक्ष बताते हुए कार्यभार संभाल लिया। खोड़निया का कहना है कि न्यायालय द्वारा निलंबन पर रोक लगाए जाने के बाद वे स्वतः ही अध्यक्ष पद पर बहाल हो गए हैं।
भाजपा नेता को सरकार के आदेश का इंतजार
वहीं भाजपा पार्षद आशीष गांधी ने कहा कि राज्य सरकार से अभी तक कोई नया आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में सरकार से मार्गदर्शन मांगा गया है और जब तक स्पष्ट निर्देश नहीं मिलते, तब तक वे अध्यक्ष पद पर बने हुए हैं।
यह था पूरा मामला
सागवाड़ा नगरपालिका अध्यक्ष नरेंद्र खोड़निया और उपाध्यक्ष मोहम्मद इस्माइल घांची पर वर्ष 2017 में बने नगरपालिका भवन को नियमों के विरुद्ध ध्वस्त करने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगे थे। इसके अलावा उपाध्यक्ष मोहम्मद इस्माइल पर राष्ट्रीय राजमार्ग 927-ए के किनारे नियमों के खिलाफ पट्टा जारी करवाने का भी आरोप था। जिसके बाद क्षेत्रीय उपनिदेशक द्वारा जांच के बाद स्वायत्त शासन विभाग ने दोनों को निलंबित कर दिया था। जिसके बाद सरकार ने आशीष गांधी को नगरपालिका अध्यक्ष मनोनीत किया था।
यह भी पढ़ें: खनन परियोजना के खिलाफ जनआंदोलन तेज, 28 जनवरी से अनिश्चितकालीन महाआंदोलन का एलान
आयुक्त ने मांगा मार्गदर्शन
इस पूरे मामले में नगरपालिका आयुक्त मोहम्मद सुहैल शेख ने बताया कि नरेंद्र खोड़निया ने न्यायालय के स्थगन आदेश की प्रति प्रस्तुत की है। मामले को लेकर विभाग और राज्य सरकार से मार्गदर्शन मांगा गया है। उच्चाधिकारियों के निर्देश मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।