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61 दिन का संघर्ष सफल: खत्म हुआ गिरल आंदोलन; रविंद्र भाटी ने की धरना समाप्ति की घोषणा, 24 मांगों पर बनी सहमति
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाड़मेर
Published by: बाड़मेर ब्यूरो
Updated Sat, 06 Jun 2026 05:40 PM IST
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सार
भीषण गर्मी के बीच करीब दो महीने से जारी गिरल माइंस श्रमिक आंदोलन आखिरकार समाप्त हो गया। प्रशासन द्वारा श्रमिकों की 24 सूत्रीय मांगों पर सहमति बनने के बाद विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने धरना स्थल पहुंचकर आंदोलन समाप्ति की घोषणा की।
विधायक रविंद्र भाटी ने की गिरल आंदोलन समाप्ति की घोषणा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बीते दो महीने से चल रहा गिरल माइंस श्रमिक आंदोलन आज शनिवार को समाप्त हो गया। श्रमिकों की विभिन्न मांगों को लेकर चल रहे धरने की समाप्ति की घोषणा शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने धरना स्थल पर पहुंचकर की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रमिक, ग्रामीण और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। साथ ही विधायक ने आंदोलन के दौरान दिवंगत हुए मजदूर जैसाराम के परिजनों को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का पत्र भी सौंपा।
विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने अपने संबोधन ने धरने पर बैठे श्रमिक जैसाराम के आकस्मिक निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने श्रमिकों की 24 सूत्रीय मांगों को स्वीकार कर लिया है। यह सफलता किसी एक व्यक्ति की नहीं बल्कि भीषण गर्मी में लगातार संघर्ष करने वाले श्रमिकों, ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।
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भाटी ने कहा कि गिरल और आसपास के गांवों के लोगों की एकजुटता ने आंदोलन को मजबूती प्रदान की। उन्होंने बताया कि आंदोलन के समाधान के लिए प्रशासन के साथ कई दौर की वार्ताएं हुईं, जिनमें कई वरिष्ठ लोग शामिल रहे। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि स्वीकृत मांगों को जल्द धरातल पर लागू किया जाए। विधायक ने माइंस प्रबंधन को चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में श्रमिकों के अधिकारों और हितों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
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उल्लेखनीय है कि गिरल माइंस में 100 से अधिक श्रमिकों को हटाए जाने के बाद स्थानीय लोगों ने गांव में धरना शुरू किया था। यह धरना धीरे-धीरे बड़ा जन आंदोलन बन गया। विधायक रविंद्र सिंह भाटी स्वयं करीब एक माह तक धरने पर मौजूद रहे। श्रमिकों की आवाज को बुलंद करने के लिए उन्होंने बाड़मेर कूच के दौरान अपने ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डालकर विरोध भी दर्ज कराया था, जिससे यह मामला प्रदेशभर में चर्चा का विषय बन गया।
धरने के दौरान एक दिन पूर्व श्रमिक जैसाराम की अचानक तबियत बिगड़ने से मौत हो गई थी। इसके बाद शुक्रवार को दिनभर प्रशासन जनप्रतिनिधि और श्रमिक प्रतिनिधियों के बीच वार्ताओं का दौर चला। श्रमिक की मौत से जुड़े मामले और श्रमिकों की मांगों पर सहमति बनने के बाद आंदोलन समाप्त करने का रास्ता साफ हुआ।
शनिवार दोपहर को विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने गिरल धरना स्थल पहुंचकर औपचारिक रूप से आंदोलन की समाप्ति की घोषणा कर दी। इसके बाद विधायक भाटी ने मृतक मजदूर जैसाराम के घर पहुंचकर उनके परिवारजनों को 10 लाख रुपए की राशि का सहायता पत्र सुपुर्द किया।