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भीलवाड़ा: मंदिर से चांदी के गहने चुराने के दो दिन बाद लौटाए, 201 रुपये का लिफाफा भी छोड़ा
Fri, 06 Nov 2026 09:12 AM IST
प्रतीक कुमार पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भीलवाड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भीलवाड़ा
Published by: प्रतीक कुमार पाण्डेय
Updated Fri, 06 Nov 2026 09:12 AM IST
सार
भीलवाड़ा के मांडल कस्बे में सांवरिया सेठ मंदिर से चोरी हुए करीब दो लाख रुपये के चांदी के आभूषण दो दिन बाद वापस मिल गए। आरोपी गहनों की पोटली मंदिर परिसर में फेंक गया। इसके साथ 201 रुपये का लिफाफा भी मिला। चोरी और गहने लौटाने की दोनों घटनाएं सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई हैं, लेकिन आरोपी अब तक गिरफ्तार नहीं हुआ है।
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मंदिर में चोरी करता युवक
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मांडल कस्बे की मोहन कॉलोनी स्थित सांवरिया सेठ मंदिर से चुराए गए करीब दो लाख रुपये मूल्य के चांदी के आभूषण चोर दो दिन बाद वापस लौटा गया। आरोपी मंदिर परिसर में चोरी किए गए गहनों की पोटली फेंकने के साथ ही 201 रुपये का लिफाफा भी छोड़ गया। वारदात के बाद से मंदिर प्रबंधन और श्रद्धालुओं में गहरा आक्रोश व्याप्त था।
परिसर में फेंकी गहनों की पोटली
आरोपी मोटरसाइकिल पर आया और उसने मंदिर के पीछे वाली गली में अपना वाहन खराब होने का बहाना बनाया। उस समय मंदिर का मुख्य द्वार बंद था और उस पर ताला लगा हुआ था। आरोपी ने गहनों से भरी पोटली को मंदिर परिसर के भीतर उछालकर फेंक दिया और वहां से चला गया। शाम करीब पांच बजे जब मंदिर के पुजारी पहुंचे तो उन्हें परिसर में पोटली पड़ी मिली। पोटली खोलने पर उसमें मंगलवार को चोरी गया भगवान का चांदी का मुकुट, बांसुरी, हाथों के आठ कड़े और पैरों के दो कड़े पूरी तरह सुरक्षित पाए गए। इसके साथ ही पोटली में 201 रुपये का एक लिफाफा भी मिला।
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प्रणाम और परिक्रमा के बाद चोरी
इससे पूर्व, मंगलवार दोपहर लगभग तीन बजे टोपी तथा काली टी-शर्ट पहने आरोपी पीठ पर बैग टांगकर मंदिर में दाखिल हुआ था। उसने गर्भगृह में प्रवेश करने से पहले भगवान सांवरिया सेठ को प्रणाम किया और मंदिर की परिक्रमा लगाई। उसने मूर्तियों से चांदी के आभूषण उतारे और मौके से फरार हो गया। मांडल थाने से महज 50 मीटर की दूरी पर स्थित मंदिर में दिनदहाड़े हुई इस चोरी से स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में भारी चिंता थी। आभूषण चुराने और फिर उन्हें लौटाने की दोनों घटनाएं मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई हैं। इसके बावजूद पुलिस आरोपी को अभी तक गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
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परिसर में फेंकी गहनों की पोटली
आरोपी मोटरसाइकिल पर आया और उसने मंदिर के पीछे वाली गली में अपना वाहन खराब होने का बहाना बनाया। उस समय मंदिर का मुख्य द्वार बंद था और उस पर ताला लगा हुआ था। आरोपी ने गहनों से भरी पोटली को मंदिर परिसर के भीतर उछालकर फेंक दिया और वहां से चला गया। शाम करीब पांच बजे जब मंदिर के पुजारी पहुंचे तो उन्हें परिसर में पोटली पड़ी मिली। पोटली खोलने पर उसमें मंगलवार को चोरी गया भगवान का चांदी का मुकुट, बांसुरी, हाथों के आठ कड़े और पैरों के दो कड़े पूरी तरह सुरक्षित पाए गए। इसके साथ ही पोटली में 201 रुपये का एक लिफाफा भी मिला।
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प्रणाम और परिक्रमा के बाद चोरी
इससे पूर्व, मंगलवार दोपहर लगभग तीन बजे टोपी तथा काली टी-शर्ट पहने आरोपी पीठ पर बैग टांगकर मंदिर में दाखिल हुआ था। उसने गर्भगृह में प्रवेश करने से पहले भगवान सांवरिया सेठ को प्रणाम किया और मंदिर की परिक्रमा लगाई। उसने मूर्तियों से चांदी के आभूषण उतारे और मौके से फरार हो गया। मांडल थाने से महज 50 मीटर की दूरी पर स्थित मंदिर में दिनदहाड़े हुई इस चोरी से स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में भारी चिंता थी। आभूषण चुराने और फिर उन्हें लौटाने की दोनों घटनाएं मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई हैं। इसके बावजूद पुलिस आरोपी को अभी तक गिरफ्तार नहीं कर सकी है।