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राजस्थान: टेलीग्राम पर ‘पेपर माफिया’ चैनल में बिक रहा था री-नीट का फर्जी प्रश्नपत्र, VPN से छिपाई पहचान; जानें
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भीलवाड़ा
Published by: भीलवाड़ा ब्यूरो
Updated Fri, 19 Jun 2026 11:54 AM IST
सार
RE-NEET Fake Paper: री-नीट परीक्षा से तीन दिन पहले भीलवाड़ा पुलिस ने टेलीग्राम पर ‘पेपर माफिया’ चैनल चलाकर फर्जी प्रश्नपत्र बेचने वाले 19 वर्षीय छात्र को गिरफ्तार किया है। आरोपी अभ्यर्थियों से प्रति पेपर 4 हजार रुपये वसूलता था। पुलिस बैंक खातों, मोबाइल डेटा और नेटवर्क की जांच कर रही है।
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टेलीग्राम में चैनल बनाकर बेच रहा था फर्जी प्रश्नपत्र
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
री-नीट परीक्षा से महज तीन दिन पहले भीलवाड़ा पुलिस ने फर्जी पेपर बेचने वाले एक छात्र को गिरफ्तार कर बड़ा खुलासा किया है। आरोपी टेलीग्राम चैनल के माध्यम से अभ्यर्थियों को असली प्रश्नपत्र देने का झांसा देकर ठगी कर रहा था। पुलिस ने उसके कब्जे से मोबाइल फोन, नीट की तैयारी संबंधी किताब और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपी की पहचान 19 वर्षीय आकाश चौधरी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार उसे गुरुवार देर रात पटेल नगर स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया गया। आकाश वर्तमान में जयपुर में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था।
‘पेपर माफिया’ नाम से बना रखा था टेलीग्राम चैनल
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने टेलीग्राम पर ‘पेपर माफिया’ नाम से एक चैनल बना रखा था, जिससे 52 सदस्य जुड़े हुए थे। वह री-नीट परीक्षा का कथित प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का दावा करते हुए प्रत्येक अभ्यर्थी से चार-चार हजार रुपये वसूलता था। भुगतान के लिए आरोपी छात्रों को क्यूआर कोड भेजता था और राशि अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करवाता था।
एस-मेक पोर्टल से मिली थी सूचना
प्रताप नगर थाना प्रभारी सुनील ताड़ा ने बताया कि भारत सरकार के एस-मेक पोर्टल के माध्यम से एसपी कार्यालय की विशेष शाखा को सोशल मीडिया पर संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी। इसके साथ ही जिला स्पेशल टीम (DST) को भी इनपुट मिला कि पटेल नगर क्षेत्र में रहने वाला एक युवक ऑनलाइन माध्यम से फर्जी प्रश्नपत्र बेच रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने देर रात कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान उसने टेलीग्राम चैनल के जरिए गतिविधियां संचालित करने की बात स्वीकार की।
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पहचान छिपाने के लिए VPN और प्रॉक्सी नेटवर्क का इस्तेमाल
पुलिस के अनुसार आरोपी अपनी पहचान छिपाने के लिए अमेरिका आधारित वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) और प्रॉक्सी नेटवर्क का उपयोग कर रहा था। इसी तकनीक के जरिए वह टेलीग्राम अकाउंट संचालित कर अभ्यर्थियों से संपर्क करता था।
तलाशी के दौरान पुलिस ने उसका मोबाइल फोन, नीट की तैयारी संबंधी किताब और कई दस्तावेज जब्त किए। जांच में पता चला कि आरोपी किताब के पन्नों को स्कैन कर डमी प्रश्नपत्र तैयार करता था और उन्हें असली परीक्षा पेपर बताकर छात्रों को भेजता था।
बैंक खातों और नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस के मुताबिक, आकाश चौधरी मूल रूप से चूरू जिले के रावतसर क्षेत्र से जुड़े परिवार का है। उसका परिवार पिछले करीब 25 वर्षों से भीलवाड़ा में रह रहा है। स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए जयपुर चला गया था और हाल ही में वापस भीलवाड़ा लौटा था। थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी प्रश्नपत्र बेचने, आईटी एक्ट और सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस उसके बैंक खातों के लेन-देन, मोबाइल डेटा और पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों और ठगी के शिकार अभ्यर्थियों की संख्या का भी खुलासा हो सकता है।
ये भी पढ़ें- नीट री-एग्जाम से पहले NTA का बड़ा फैसला, बिना बैंक डिटेल अपडेट किए भी मिलेगा एडमिट कार्ड; छात्रों को बड़ी राहत
इन चीजों पर सख्त प्रतिबंध
सुरक्षा के नए इंतजाम
परीक्षा में किए गए बदलाव
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‘पेपर माफिया’ नाम से बना रखा था टेलीग्राम चैनल
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने टेलीग्राम पर ‘पेपर माफिया’ नाम से एक चैनल बना रखा था, जिससे 52 सदस्य जुड़े हुए थे। वह री-नीट परीक्षा का कथित प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का दावा करते हुए प्रत्येक अभ्यर्थी से चार-चार हजार रुपये वसूलता था। भुगतान के लिए आरोपी छात्रों को क्यूआर कोड भेजता था और राशि अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करवाता था।
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एस-मेक पोर्टल से मिली थी सूचना
प्रताप नगर थाना प्रभारी सुनील ताड़ा ने बताया कि भारत सरकार के एस-मेक पोर्टल के माध्यम से एसपी कार्यालय की विशेष शाखा को सोशल मीडिया पर संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी। इसके साथ ही जिला स्पेशल टीम (DST) को भी इनपुट मिला कि पटेल नगर क्षेत्र में रहने वाला एक युवक ऑनलाइन माध्यम से फर्जी प्रश्नपत्र बेच रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने देर रात कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान उसने टेलीग्राम चैनल के जरिए गतिविधियां संचालित करने की बात स्वीकार की।
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पहचान छिपाने के लिए VPN और प्रॉक्सी नेटवर्क का इस्तेमाल
पुलिस के अनुसार आरोपी अपनी पहचान छिपाने के लिए अमेरिका आधारित वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) और प्रॉक्सी नेटवर्क का उपयोग कर रहा था। इसी तकनीक के जरिए वह टेलीग्राम अकाउंट संचालित कर अभ्यर्थियों से संपर्क करता था।
तलाशी के दौरान पुलिस ने उसका मोबाइल फोन, नीट की तैयारी संबंधी किताब और कई दस्तावेज जब्त किए। जांच में पता चला कि आरोपी किताब के पन्नों को स्कैन कर डमी प्रश्नपत्र तैयार करता था और उन्हें असली परीक्षा पेपर बताकर छात्रों को भेजता था।
बैंक खातों और नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस के मुताबिक, आकाश चौधरी मूल रूप से चूरू जिले के रावतसर क्षेत्र से जुड़े परिवार का है। उसका परिवार पिछले करीब 25 वर्षों से भीलवाड़ा में रह रहा है। स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए जयपुर चला गया था और हाल ही में वापस भीलवाड़ा लौटा था। थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी प्रश्नपत्र बेचने, आईटी एक्ट और सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस उसके बैंक खातों के लेन-देन, मोबाइल डेटा और पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों और ठगी के शिकार अभ्यर्थियों की संख्या का भी खुलासा हो सकता है।
ये भी पढ़ें- नीट री-एग्जाम से पहले NTA का बड़ा फैसला, बिना बैंक डिटेल अपडेट किए भी मिलेगा एडमिट कार्ड; छात्रों को बड़ी राहत
इन चीजों पर सख्त प्रतिबंध
- 22 जून 2026 तक टेलीग्राम एप पर अस्थायी प्रतिबंध
- परीक्षा से जुड़े फर्जी पेपर लीक चैनल, ग्रुप और बॉट्स पर कार्रवाई
- प्रश्नपत्र तैयार करने वाले विशेषज्ञों, मॉडरेटर्स और अनुवादकों के लिए मोबाइल फोन रखने पर प्रतिबंध
- पेपर सेटिंग टीम के लिए लैपटॉप और इंटरनेट उपयोग पर प्रतिबंध
- प्रश्नपत्र निर्माण प्रक्रिया के दौरान बाहरी व्यक्तियों से संपर्क पर रोक
- पेपर निर्माण और वितरण की पूरी जानकारी किसी एक व्यक्ति या एजेंसी के पास नहीं होगी
सुरक्षा के नए इंतजाम
- भारतीय वायुसेना (IAF) के विमानों और हेलीकॉप्टरों से प्रश्नपत्रों का सुरक्षित परिवहन
- सीआरपीएफ, सीआईएसएफ और राज्य पुलिस की मल्टी-लेयर सुरक्षा व्यवस्था
- पांच लाख से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती
- बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन अनिवार्य
- फेशियल रिकग्निशन (Face Recognition) तकनीक का उपयोग
- AI आधारित निगरानी प्रणाली
- एक लाख से अधिक सीसीटीवी कैमरों से मॉनिटरिंग
- आईबी और CBI द्वारा रीयल-टाइम निगरानी
परीक्षा में किए गए बदलाव
- परीक्षा अवधि 180 मिनट से बढ़ाकर 195 मिनट
- अभ्यर्थियों को 4 अतिरिक्त रफ वर्क शीट
- उत्तर पुस्तिका में रफ वर्क के लिए अधिक स्थान
- वर्ष 2027 से NEET को पूरी तरह सीबीटी (Computer Based Test) मोड में लाने की तैयारी