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Rajasthan: बीज घोटाले में बड़ा खुलासा! पूर्व निदेशक ने खोले कई राज, घूसखोरी नेटवर्क की जांच में जुटी एसीबी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेर
Published by: बीकानेर ब्यूरो
Updated Sat, 13 Jun 2026 09:30 AM IST
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सार
Bikaner: राजस्थान बीज निगम से जुड़े करीब 2.5 करोड़ रुपये के कथित घूसखोरी मामले में एसीबी की जांच तेज हो गई है। कोर्ट ने छह आरोपियों की पुलिस रिमांड दो दिन और बढ़ा दी है। पूछताछ में पूर्व निदेशक जुगल किशोर ने कई अहम खुलासे किए हैं।
दो दिन की रिमांड पर आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजस्थान बीज निगम से जुड़े करीब ढाई करोड़ रुपये के कथित घूसखोरी प्रकरण में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की जांच लगातार नए खुलासे कर रही है। शुक्रवार को पांच दिन की पुलिस रिमांड पूरी होने पर एसीबी ने छह आरोपियों को अदालत में पेश कर आगे पूछताछ के लिए अतिरिक्त समय मांगा। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी आरोपियों की पुलिस रिमांड दो दिन और बढ़ा दी। अब उन्हें रविवार को दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा।
उगाही तंत्र और आर्थिक नेटवर्क तक पहुंची जांच
एसीबी की जांच अब कथित उगाही तंत्र, नकली बीज कारोबार और उससे जुड़े आर्थिक लेन-देन के नेटवर्क तक पहुंच चुकी है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे खेल में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा कथित रूप से वसूली गई रकम किन-किन माध्यमों से आगे पहुंचाई गई।
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पूर्व निदेशक के बयान से मिले कई अहम सुराग
पूछताछ के दौरान बीज निगम के पूर्व निदेशक जुगल किशोर ने कई अहम खुलासे किए हैं। बताया जा रहा है कि उसने स्वीकार किया कि वह बीज संबंधी कार्रवाई के दौरान अधिकारियों के साथ रहता था और बाद में अपने भांजे स्वतंत्र तथा सुनील के जरिए फर्म संचालकों से मामले दबाने के नाम पर राशि वसूलता था। उल्लेखनीय है कि शुरुआती पूछताछ में उसने सभी आरोपियों को पहचानने से ही इनकार कर दिया था, लेकिन फोन सर्विलांस और अन्य तकनीकी साक्ष्य सामने आने के बाद उसने कई महत्वपूर्ण तथ्य स्वीकार किए।
आमने-सामने पूछताछ में सामने आईं नई जानकारियां
एसीबी ने जुगल किशोर, कथित दलाल सुनील सेतिया और बीज कंपनी के संचालक किरण कपाड़िया से अलग-अलग पूछताछ करने के बाद उन्हें आमने-सामने बैठाकर भी सवाल-जवाब किए। जांच एजेंसी को इस प्रक्रिया में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने की उम्मीद है।
मोबाइल फोन बने जांच की सबसे अहम कड़ी
वहीं, स्वतंत्र से जब्त किए गए दो मोबाइल फोन भी जांच के केंद्र में हैं। हालांकि उसने मोबाइल के पासवर्ड बताने से इनकार कर दिया है। जांच एजेंसियां मोबाइल डेटा तक पहुंचने के प्रयास में जुटी हुई हैं।
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वीडियो कॉल रिकॉर्ड से खुल रही साजिश की परतें
स्वतंत्र की गिरफ्तारी के बाद उसके मोबाइल पर जुगल किशोर, सुनीता और एफसीओ विजय के वीडियो कॉल लगातार आते रहे, जिससे जांच एजेंसी को कई नई कड़ियां मिली हैं। इन कॉल रिकॉर्ड्स और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है।