कॉमनवेल्थ गोल्ड विजेता का स्वागत: अरुंधति चौधरी का बूंदी में सम्मान, बोलीं- राजस्थान में तैयार करूंगी नई पीढ़ी
कॉमनवेल्थ स्वर्ण पदक विजेता मुक्केबाज अरुंधति चौधरी का बूंदी में भव्य नागरिक सम्मान हुआ। उन्होंने राजस्थान में बॉक्सिंग की नई पीढ़ी तैयार करने का संकल्प जताया, खेल सुविधाओं और खिलाड़ियों के सम्मान पर जोर दिया तथा एयरपोर्ट पर स्वागत नहीं होने का दुख भी साझा किया।
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कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर देश, प्रदेश और बूंदी का नाम रोशन करने वाली अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज अरुंधति चौधरी का गुरुवार को बूंदी में भव्य नागरिक सम्मान किया गया। जिला प्रशासन ने नगर परिषद टाउन हॉल में सम्मान समारोह आयोजित किया, जबकि शहर में विजय जुलूस निकालकर उनका ऐतिहासिक स्वागत किया गया। अपनी इस उपलब्धि पर पूरा शहर गौरव से झूम उठा।
जैसे ही अरुंधति बूंदी जिले की सीमा में पहुंचीं, सामाजिक संगठनों, खेल प्रेमियों और स्थानीय लोगों ने फूल-मालाओं और जयघोष के साथ उनका स्वागत किया। इसके बाद शहर के प्रमुख मार्गों से विजय जुलूस निकाला गया। जगह-जगह पुष्पवर्षा कर उनका अभिनंदन किया गया। लोगों में उनके साथ तस्वीर खिंचवाने और एक झलक पाने का खास उत्साह दिखाई दिया।
टाउन हॉल में आयोजित समारोह में जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधि, खेल प्रेमी, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में खिलाड़ी मौजूद रहे। इस दौरान अरुंधति को शॉल, स्मृति चिन्ह और सम्मान पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का सबसे खास पल तब रहा, जब जिले के विभिन्न खेलों से जुड़े युवा खिलाड़ियों ने अरुंधति से मुलाकात की। खिलाड़ियों ने उनके साथ सेल्फी ली, सवाल पूछे और उनके अनुभव जाने। अरुंधति ने अपने संघर्ष, कठिन प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के अनुभव साझा करते हुए कहा कि किसी भी खिलाड़ी के लिए अनुशासन, निरंतर अभ्यास और खुद पर अटूट विश्वास सबसे बड़ी ताकत है। हार से सीखकर लगातार मेहनत करने वाला खिलाड़ी ही सफलता हासिल करता है।
अब राजस्थान में बॉक्सिंग की नई पीढ़ी तैयार करना लक्ष्य
अरुंधति ने कहा कि बूंदी और पूरे प्रदेश से मिल रहे सम्मान से वह बेहद भावुक हैं। उनका मानना है कि कॉमनवेल्थ स्वर्ण पदक राजस्थान में खासकर बॉक्सिंग के विकास को नई दिशा देगा। उन्होंने कहा कि कुछ दिन सम्मान समारोहों में शामिल होने के बाद उनका पूरा ध्यान नवंबर में होने वाले वर्ल्ड कप की तैयारी पर रहेगा।
उन्होंने युवा खिलाड़ियों से कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। अनुशासन, निरंतरता और आत्मविश्वास ही खिलाड़ी को मंजिल तक पहुंचाते हैं। अब उनका लक्ष्य सिर्फ खुद पदक जीतना नहीं, बल्कि राजस्थान में बॉक्सिंग की मजबूत नई पीढ़ी तैयार करना है।
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राजस्थान की बॉक्सिंग पर जताई चिंता
अरुंधति ने कहा कि बॉक्सिंग के मामले में राजस्थान अभी भी दूसरे राज्यों से पीछे है। राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रदेश के खिलाड़ियों की संख्या और पदक दोनों कम हैं। कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में वह अकेले राजस्थान का प्रतिनिधित्व करती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार, खेल विभाग और समाज को मिलकर ऐसा माहौल तैयार करना होगा, जिससे प्रदेश के अधिक खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच सकें।
एयरपोर्ट पर स्वागत नहीं होने का रहा मलाल
अरुंधति ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए कहा कि स्वर्ण पदक जीतकर भारत लौटने पर उन्होंने देखा कि दूसरे राज्यों के खिलाड़ियों के स्वागत के लिए उनके मंत्री और जनप्रतिनिधि एयरपोर्ट पहुंचे थे, लेकिन राजस्थान की ओर से उनका स्वागत करने कोई नहीं आया। उन्होंने कहा कि इससे उन्हें दुख हुआ, क्योंकि खिलाड़ियों का सम्मान उनके मनोबल को बढ़ाता है और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करता है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने केवल खिलाड़ियों को मिलने वाली पुरस्कार राशि और खेल सुविधाओं को लेकर अपनी बात रखी थी, लेकिन उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया। उन्होंने कहा कि वह एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली राजस्थान की पहली पुरुष या महिला बॉक्सर हैं। इसके अलावा वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं, लेकिन कई बार उपलब्धियों के अनुरूप सम्मान और प्रोत्साहन नहीं मिलता।
बूंदी की ब्रांड एम्बेसडर बनने पर जताई खुशी
जिला प्रशासन द्वारा बूंदी का ब्रांड एम्बेसडर बनाए जाने पर अरुंधति ने खुशी जताई। उन्होंने जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जिस आत्मीयता और सम्मान के साथ उनका अभिनंदन किया गया, उससे वह अभिभूत हैं। उन्होंने कहा कि बूंदी ने उन्हें पहचान दी है और वह जीवनभर अपने जिले, प्रदेश और देश का नाम रोशन करने के लिए पूरी मेहनत करती रहेंगी।
समारोह के अंत में खिलाड़ियों और नागरिकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच अरुंधति का अभिनंदन किया। पूरे आयोजन में खेल भावना, देशभक्ति और अपनी बेटी की सफलता पर गर्व का माहौल देखने को मिला। अब उनकी निगाहें नवंबर में होने वाले वर्ल्ड कप पर हैं, जहां उनसे एक और स्वर्णिम प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।