बूंदी में आवारा कुत्तों का आतंक: 12 साल की बच्ची पर झुंड ने किया हमला, नोच-नोचकर मार डाला; परिजन हुए बेसुध
बूंदी के अलकोदिया गांव में 12 वर्षीय रिंकू भील की आवारा कुत्तों के हमले में मौत हो गई। पहले भी शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। घटना से ग्रामीणों में आक्रोश है और प्रशासन से ठोस कदम उठाने की मांग तेज हो गई।
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बूंदी जिले के तालेड़ा उपखंड क्षेत्र के अलकोदिया गांव में सोमवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया। गांव की 12 वर्षीय बालिका रिंकू भील आवारा कुत्तों के हमले का शिकार हो गई और उसकी मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि रिंकू सुबह अपनी झोपड़ी से कुछ दूरी पर खुले में शौच के लिए गई थी। इसी दौरान कुत्तों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया। हमले में बच्ची के शरीर पर गहरे घाव हो गए। घटनास्थल से चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक कुत्ते उसे गंभीर रूप से घायल कर चुके थे। परिजन तुरंत रिंकू को तालेड़ा अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस दर्दनाक घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसपी, डीएसपी और थाना प्रभारी ने परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। बच्ची के शव का पोस्टमॉर्टम मेडिकल बोर्ड द्वारा कराया गया।
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ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में आवारा कुत्तों की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इससे पहले भी इसी क्षेत्र के बरुंधन मॉडल स्कूल में 9 वर्षीय बालिका तृप्ती सैन पर कुत्तों ने हमला किया था, जो गंभीर रूप से घायल हुई थी और उसका इलाज अभी भी जारी है। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से ग्रामीणों में डर और नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि आवारा कुत्तों की समस्या पर तुरंत ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।