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Chittorgarh News: 15 हजार की रिश्वत लेते एएसआई गिरफ्तार, एसीबी की टीम ने रंगे हाथों पकड़ा, क्यों मांगी थी घूस?
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्तौड़गढ़
Published by: चित्तौड़गढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 26 Mar 2025 10:40 PM IST
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सार
एसीबी उदयपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार ने बताया कि परिवादी ने आकोला थाने के एएसआई बाबूलाल मीणा के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी। जांच के बाद आरोपी को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है।
चित्तौड़गढ़ पुलिस का एएसआई रिश्वत लेते गिरफ्तार।
- फोटो : credit
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विस्तार
चित्तौड़गढ़ जिले में जहां एक ओर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) मामलों की सुनवाई के लिए न्यायालय की बेंच स्थापित हो गई है। वहीं, दूसरी ओर भ्रष्टाचार और रिश्वत के मामले भी लगातार सामने आ रहे हैं। हाल ही में कोटा ACB की टीम ने रेंजर और सहायक वनपाल को रिश्वत के मामलों में गिरफ्तार किया था। इसी बीच भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो उदयपुर की टीम ने चित्तौड़गढ़ जिले के आकोला थाने के एएसआई को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
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रिश्वत लेते पकड़ा गया एएसआई
ACB उदयपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार ने बताया कि परिवादी प्रकाश गाडरी ने आकोला थाने के एएसआई बाबूलाल मीणा के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में बताया गया कि उसकी नाता विवाह से जुड़ी एक एफआईआर के मामले में एएसआई ने रिश्वत की मांग की थी। ACB ने शिकायत का सत्यापन करवाया, जिसमें यह सामने आया कि एएसआई बाबूलाल ने पहले ही परिवादी से 2 हजार रुपये ले लिए थे। वहीं, बीते मंगलवार की शाम उसने परिवादी से 15 हजार रुपये की रिश्वत ली, तभी ACB उदयपुर की टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। पुलिस निरीक्षक नरपत सिंह के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। जानकारी के अनुसार, एएसआई बाबूलाल मीणा ने मामला निपटाने और राजीनामे के लिए पहले ही 50 हजार रुपये ले लिए थे।
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नाते के बाद पत्नी फिर चली गई पूर्व पति के पास
जानकारी के अनुसार, प्रकाश गाडरी ने अपनी नाता विवाह की पत्नी के वापस पूर्व पति के पास चले जाने को लेकर आकोला थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाने की कोशिश की थी। लेकिन, जब पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की, तो न्यायालय के आदेश पर एफआईआर दर्ज की गई। प्रकाश गाडरी ने अपनी एफआईआर में आरोप लगाया कि उसकी पत्नी ने परिवारवालों के साथ मिलकर षड्यंत्र रचते हुए उसके खिलाफ झूठा बलात्कार और छेड़खानी का केस दर्ज कराया, जिससे नाता विवाह करने का दबाव बनाया जा सके। प्रकाश गाडरी ने यह भी आरोप लगाया कि वल्लभनगर थाने में दर्ज मामला उच्च न्यायालय से रद्द हो गया था। इसके बाद षड्यंत्र के तहत विवाह कराया गया और पूर्व पति को छोड़ने के एवज में 7 लाख 11 हजार रुपये वसूले गए।
कुछ समय बाद उसकी पत्नी ने एक बच्चे को जन्म दिया, लेकिन सात माह बाद वह अपने पूर्व पति के पास भाग गई। साथ ही वह 2 लाख रुपये नकद और गहने भी लेकर चली गई। इस मामले को लेकर प्रकाश गाडरी ने आकोला थाने में रिपोर्ट दी थी, लेकिन एएसआई बाबूलाल मीणा ने इस मामले में रिश्वत की मांग की, जिसके चलते ACB ने उसे ट्रैप कर लिया।
न्यायालय में पेश किया गया एएसआई
आकोला थाने में कार्रवाई पूरी होने के बाद ACB टीम अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार के नेतृत्व में आरोपी एएसआई को एसीबी चौकी चित्तौड़गढ़ लेकर आई। वहां से आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद हाल ही में स्थापित ACB न्यायालय चित्तौड़गढ़ में पेश किया गया। यह ACB न्यायालय में दर्ज हुआ लगातार दूसरा मामला है।
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