Rajasthan: चित्तौड़गढ़ में यूपी CM योगी ने जौहर वीरांगनाओं को किया नमन, जालौर में बोले- राष्ट्र प्रथम, फिर हम
Yogi Adityanath Rajasthan Visit: चित्तौड़गढ़ में आयोजित जौहर श्रद्धांजलि समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीरांगनाओं को नमन करते हुए चित्तौड़ दुर्ग को भारत की अस्मिता का प्रतीक बताया। वहीं, सीएम योगी जालौर के सिरे मंदिर में आयोजित दो दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम में भी शामिल हुए।
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में पहुंचे। यहां आयोजित जौहर श्रद्धांजलि समारोह में उन्होंने मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लिया। इस दौरान सीएम योगी ने वीरता, त्याग और स्वाभिमान की प्रतीक चित्तौड़गढ़ की पावन भूमि को नमन करते हुए जौहर की ज्वालाओं में सर्वस्व समर्पित करने वाली वीरांगनाओं को श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म, मर्यादा और मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाली इन वीरांगनाओं की स्मृति इतिहास में अद्वितीय है और ऐसा उदाहरण पूरे विश्व में मिलना कठिन है। उन्होंने कहा कि त्याग और बलिदान की परंपरा क्या होती है, यह चित्तौड़ दुर्ग से सीखा जा सकता है।
चित्तौड़ दुर्ग को बताया भारत की अस्मिता का प्रतीक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि चित्तौड़ का दुर्ग केवल पत्थरों से बना किला नहीं है, बल्कि यह भारत की अस्मिता और स्वाभिमान का प्रतीक है। उन्होंने अपने दादा गुरु के राजस्थान से संबंध का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में जो भी सकारात्मक कार्य हो रहे हैं, उनकी प्रेरणा में राजस्थान और विशेष रूप से चित्तौड़गढ़ की तेजस्वी परंपरा का योगदान है।
जौहर को भारतीय अस्मिता और नारी सम्मान का प्रतीक बताया
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि जौहर सत्ता या साम्राज्य के संघर्ष का प्रतीक नहीं है, बल्कि भारतीय अस्मिता, नारी सम्मान और सुरक्षा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह केवल इतिहास का स्मरण नहीं, बल्कि इतिहास रचने वाली इस धरती का साक्षात्कार है। उन्होंने यह भी कहा कि यह कार्यक्रम इस संदेश को भी आगे बढ़ाता है कि भविष्य में किसी भी बहन या बेटी को जौहर व्रत के उस दौर से न गुजरना पड़े और हर बेटी को सुरक्षा तथा सम्मान की गारंटी मिले।
विरासत को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी: विश्वराज सिंह मेवाड़
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मेवाड़ महाराणा विश्वराज सिंह मेवाड़ ने कहा कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक और गौरवमयी विरासत को संभालना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि इतिहास किसी एक जाति या समुदाय का नहीं बल्कि हम सभी का है। यदि हम अपने पूर्वजों की विरासत को सुरक्षित नहीं रख पाए तो यह हम सभी के लिए प्रश्नचिह्न होगा। उन्होंने यह भी कहा कि ऐतिहासिक स्थलों को इतिहास की दृष्टि से देखा जाना चाहिए, मनोरंजन की दृष्टि से नहीं, क्योंकि इतिहास हमें पूर्वावलोकन का अवसर देता है।
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पर्यटन और विरासत संरक्षण पर केंद्र की पहल
केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि चित्तौड़गढ़ दुर्ग भारत के स्वाभिमान, अस्मिता और अदम्य जिजीविषा का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि चित्तौड़गढ़ दुर्ग यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल होने के कारण यहां विकास कार्यों की कुछ सीमाएं हैं, लेकिन प्रयास है कि यहां आने वाले पर्यटक राष्ट्रप्रेम, गौरव और गर्व की भावना के साथ लौटें। इसी उद्देश्य से दुर्ग परिसर में एक्सपीरियंस सेंटर स्थापित करने की पहल प्रस्तावित है।
जालौर के सिरे मंदिर के धार्मिक कार्यक्रम में शामिल हुए सीएम योगी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को जालौर स्थित सिरे मंदिर में आयोजित दो दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सिरे मंदिर मार्ग स्थित श्री शांतिनाथ आदर्श विद्या मंदिर विद्यालय भवन का अवलोकन किया। साथ ही विद्यालय परिसर में अशोक का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
विद्यालय परिसर में कार्यक्रम को किया संबोधित
विद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत वीर-वीरांगनाओं की भूमि है। देश की अखंडता और एकता को बनाए रखने के लिए अनेक वीरों ने अपने जीवन का बलिदान दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है।
जालौर की सांस्कृतिक विरासत का किया उल्लेख
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जालौर योगी जलंधरनाथ की पावन भूमि है और वे पीर शांतिनाथ की धरा को कोटि-कोटि नमन करते हैं। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए शैक्षणिक संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उनके अनुसार विद्या भारती जैसे संस्थान समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं और राष्ट्रवादी शिक्षा व संस्कारों से ही योग्य नागरिकों का निर्माण संभव है।
केंद्रीय मंत्री ने भी रखा अपना पक्ष
कार्यक्रम में केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जालोर की धरती जौहर और वीरता की साक्षी रही है। उन्होंने वीर वीरमदेव का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने अलाउद्दीन खिलजी के प्रलोभनों को ठुकराकर धर्म, संस्कृति और राष्ट्र की रक्षा के लिए युद्ध का मार्ग चुना।
अलवर विधायक योगी बालकनाथ ने भी पीर शांतिनाथ की पुण्य धरा को नमन करते हुए कहा कि इस पावन भूमि का आशीर्वाद केवल सौभाग्यशाली लोगों को ही प्राप्त होता है।
सिरे मंदिर धाम में की पूजा-अर्चना
विद्यालय परिसर से पैदल प्रस्थान करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सिरे मंदिर की तलहटी पहुंचे। वहां उन्होंने ब्रह्मलीन पीर शांतिनाथ महाराज की प्रतिमा के समक्ष श्रद्धा अर्पित की। इसके बाद सीढ़ियां चढ़कर सिरे मंदिर धाम पहुंचे, जहां उन्होंने देवी-देवताओं तथा पीर शांतिनाथ महाराज की समाधि के दर्शन किए और पीर गंगानाथ महाराज से भेंट कर देश में सुख-समृद्धि और शांति की कामना की।
अगले दिन के कार्यक्रम की रूपरेखा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 16 मार्च को प्रातः 6:30 बजे श्री रत्नेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना कर महायज्ञ की पूर्णाहुति देंगे। इसके बाद सिरे मंदिर धाम स्थित कन्यागिरी प्रांगण में प्रातः 10 बजे विशाल धर्मसभा को संबोधित करेंगे। धर्मसभा के समापन के बाद वे प्रातः 11:50 बजे हेलिपैड पहुंचेंगे, जहां से हेलीकॉप्टर के माध्यम से जोधपुर हवाई अड्डे के लिए प्रस्थान करेंगे और वहां से उत्तर प्रदेश रवाना होंगे।