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10 हजार की रिश्वत लेते ब्रांच मैनेजर रंगे हाथों गिरफ्तार, कर्मचारी के मेडिकल बिल पास करने के बदले मांगी थी घूस

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्तौड़गढ़ Published by: चित्तौड़गढ़ ब्यूरो Updated Sat, 30 May 2026 09:17 PM IST
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सार

चित्तौड़गढ़ में एसीबी ने ईएसआईसी शाखा प्रबंधक संदीपा वोहरा को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। आरोप है कि लकवाग्रस्त कर्मचारी के मेडिकल बिल और अवकाश भुगतान स्वीकृत करने के बदले रिश्वत मांगी गई थी। मामले में आगे की जांच जारी है।

ESIC Branch Manager Caught Red-Handed Taking ten thousand Bribe for Approving Employee's Medical Bills
एसीबी की गिरफ्त में आरोपी महिला - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार

चित्तौड़गढ़ में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने शनिवार को चित्तौड़गढ़ में बड़ी कार्रवाई करते हुए कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) की शाखा प्रबंधक संदीपा वोहरा को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी अधिकारी पर एक कर्मचारी के मेडिकल बिल और अवकाश भुगतान स्वीकृत करने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है। एसीबी को मिली शिकायत और खुफिया सूचना के अनुसार, हिन्दुस्तान जिंक चंदेरिया में कार्यरत एल एंड टी कंपनी का एक कर्मचारी वर्ष 2025 में ड्यूटी के दौरान लकवाग्रस्त हो गया था। कर्मचारी के उपचार से जुड़े मेडिकल बिलों और मेडिकल अवकाश के भुगतान की प्रक्रिया लंबित थी।


लगातार रिश्वत मांग रही थी शाखा प्रबंधक
आरोप है कि इन दावों को स्वीकृत करने के एवज में ईएसआईसी की शाखा प्रबंधक संदीपा वोहरा लगातार रिश्वत की मांग कर रही थीं। यह दबाव कर्मचारी के परिजनों और कंपनी के एचआर प्रबंधक पर भी बनाया जा रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीबी के उप महानिरीक्षक डॉ. रामेश्वर सिंह के निर्देशन में शिकायत का सत्यापन कराया गया। जांच के दौरान रिश्वत मांगने के आरोप सही पाए गए। इसके बाद एसीबी स्पेशल यूनिट उदयपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल जोशी के नेतृत्व में ट्रैप की योजना बनाई गई।
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10 हजार की रिश्वत लेते धराई महिला अधिकारी
शनिवार को परिवादी तय राशि लेकर शाखा कार्यालय पहुंचा। जैसे ही आरोपी अधिकारी ने 10 हजार रुपये की रिश्वत स्वीकार की, एसीबी की टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया। टीम ने रिश्वत की पूरी राशि भी बरामद कर ली। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी अधिकारी पर पहले भी कर्मचारियों के विभिन्न क्लेम पास करने के बदले अवैध राशि लेने के आरोप लग चुके हैं। एसीबी अब इस पहलू की भी जांच कर रही है।
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फिलहाल आरोपी महिला अधिकारी से पूछताछ जारी है। एसीबी अधिकारियों के अनुसार मामले से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर उनके कार्यालय एवं अन्य ठिकानों पर भी तलाशी की कार्रवाई की जा सकती है।
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