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इधर खाली करवाए कुएं, उधर नागौर में सुरक्षित मिला लापता युवक: धरने की तैयारी थी, पुलिस ने खोल दी पोल
Tue, 07 Jul 2026 10:16 AM IST
चित्तौड़गढ़ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्तौड़गढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्तौड़गढ़
Published by: चित्तौड़गढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 07 Jul 2026 10:16 AM IST
सार
चित्तौड़गढ़ में सात दिन से लापता व्यक्ति की तलाश में पुलिस ने दो कुओं का पानी तक खाली करा दिया, लेकिन बाद में वह नागौर से सकुशल मिला। जांच में खुलासा हुआ कि कर्ज और कोर्ट केस से बचने के लिए उसने खुद के लापता होने की साजिश रची थी। परिवार भी पूरी सच्चाई जानते हुए पुलिस को गुमराह करता रहा।
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नागौर से जिंदा मिला चित्तौड़गढ़ का युवक
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
चित्तौड़गढ़ जिले के चंदेरिया थाना क्षेत्र में सात दिन से लापता एक व्यक्ति की तलाश के दौरान ऐसा खुलासा हुआ, जिसने पुलिस के साथ-साथ आम लोगों को भी हैरान कर दिया। जिस व्यक्ति को पुलिस कुओं में तलाश रही थी, वह दरअसल कर्ज और अदालती विवादों से बचने के लिए नागौर में छिपा बैठा था। इतना ही नहीं, जांच में सामने आया कि उसके परिजनों को भी उसकी पूरी जानकारी थी, लेकिन वे लगातार पुलिस को गुमराह करते रहे। अब पुलिस पूरे मामले में कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह यादव के निर्देशन में चंदेरिया थाना पुलिस इस मामले की जांच कर रही थी। जानकारी के अनुसार, चित्तौड़गढ़ निवासी 40 वर्षीय रतनलाल पुत्र ओंकार गाडरी 28 जून को अचानक घर से लापता हो गया था। परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज कराते हुए आशंका जताई थी कि वह किसी कुएं में गिर गया है।
मोबाइल और बाइक ने बढ़ाई अनहोनी की आशंका
तलाशी के दौरान पुलिस को एक कुएं के पास रतनलाल का मोबाइल फोन और दूसरे कुएं के पास उसकी मोटरसाइकिल मिली। इन परिस्थितियों को देखते हुए किसी गंभीर हादसे की आशंका जताई गई। पुलिस ने उसी रात मौके पर पहुंचकर तलाशी अभियान शुरू किया। अगले दिन सिविल डिफेंस और पेशेवर गोताखोरों की टीम को बुलाया गया। दो बड़े मोटर पंपों की मदद से दोनों कुओं का पानी बाहर निकाला गया। घंटों तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन और गहन तलाशी के बावजूद कुओं से कोई सुराग नहीं मिला।
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तकनीकी जांच में खुली पूरी साजिश
जब तलाशी अभियान बेनतीजा रहा तो पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और रतनलाल की पृष्ठभूमि की जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि उस पर विभिन्न बैंकों और फाइनेंस कंपनियों का भारी कर्ज था। उसने पांच ट्रैक्टर, एक पिकअप, एक कार, बुलेट मोटरसाइकिल और प्लेटिना बाइक समेत कई वाहन फाइनेंस पर ले रखे थे। इसके अलावा अन्य ऋण भी बकाया थे। पुलिस जांच में यह भी पता चला कि रतनलाल का पड़ोसियों के साथ जमीन विवाद चल रहा था, जिसमें हाल ही में अदालत का फैसला उसके खिलाफ आया था। इन परिस्थितियों से बचने के लिए उसने खुद के लापता होने और हादसे का शिकार होने की झूठी कहानी रच दी।
परिवार को थी पूरी जानकारी
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि रतनलाल नागौर जिले में सुरक्षित रह रहा था और लगातार अपने परिवार के संपर्क में था। उसका बेटा शंकरलाल समेत अन्य परिजनों को उसकी लोकेशन की पूरी जानकारी थी। इसके बावजूद परिवार ने प्रशासन को गुमराह किया और रतनलाल की बरामदगी की मांग को लेकर जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन भी सौंपे।इतना ही नहीं, सोमवार को कलेक्ट्रेट पर बड़े धरना-प्रदर्शन की तैयारी भी की जा चुकी थी।
नागौर के कुचेरा से किया गया दस्तयाब
थानाधिकारी मोतीराम सारण ने बताया कि तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों से सूचना मिली कि रतनलाल पहले नागौर जिले के कुचेरा क्षेत्र में रह चुका है। इसके बाद चंदेरिया पुलिस ने कुचेरा थाना पुलिस के सहयोग से संभावित ठिकानों पर दबिश दी और रतनलाल को सकुशल दस्तयाब कर लिया। उसे चित्तौड़गढ़ लाया जा रहा है।
सरकारी संसाधनों का हुआ दुरुपयोग
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस झूठी कहानी के कारण सात दिनों तक पुलिस, सिविल डिफेंस, गोताखोरों और अन्य सरकारी संसाधनों का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग हुआ। यदि समय रहते सच्चाई सामने नहीं आती, तो यह मामला कानून-व्यवस्था के लिए भी चुनौती बन सकता था। पुलिस अब रतनलाल और उसके परिजनों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, जांच को गुमराह करने और अन्य संबंधित धाराओं में कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है।
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पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह यादव के निर्देशन में चंदेरिया थाना पुलिस इस मामले की जांच कर रही थी। जानकारी के अनुसार, चित्तौड़गढ़ निवासी 40 वर्षीय रतनलाल पुत्र ओंकार गाडरी 28 जून को अचानक घर से लापता हो गया था। परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज कराते हुए आशंका जताई थी कि वह किसी कुएं में गिर गया है।
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मोबाइल और बाइक ने बढ़ाई अनहोनी की आशंका
तलाशी के दौरान पुलिस को एक कुएं के पास रतनलाल का मोबाइल फोन और दूसरे कुएं के पास उसकी मोटरसाइकिल मिली। इन परिस्थितियों को देखते हुए किसी गंभीर हादसे की आशंका जताई गई। पुलिस ने उसी रात मौके पर पहुंचकर तलाशी अभियान शुरू किया। अगले दिन सिविल डिफेंस और पेशेवर गोताखोरों की टीम को बुलाया गया। दो बड़े मोटर पंपों की मदद से दोनों कुओं का पानी बाहर निकाला गया। घंटों तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन और गहन तलाशी के बावजूद कुओं से कोई सुराग नहीं मिला।
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तकनीकी जांच में खुली पूरी साजिश
जब तलाशी अभियान बेनतीजा रहा तो पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और रतनलाल की पृष्ठभूमि की जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि उस पर विभिन्न बैंकों और फाइनेंस कंपनियों का भारी कर्ज था। उसने पांच ट्रैक्टर, एक पिकअप, एक कार, बुलेट मोटरसाइकिल और प्लेटिना बाइक समेत कई वाहन फाइनेंस पर ले रखे थे। इसके अलावा अन्य ऋण भी बकाया थे। पुलिस जांच में यह भी पता चला कि रतनलाल का पड़ोसियों के साथ जमीन विवाद चल रहा था, जिसमें हाल ही में अदालत का फैसला उसके खिलाफ आया था। इन परिस्थितियों से बचने के लिए उसने खुद के लापता होने और हादसे का शिकार होने की झूठी कहानी रच दी।
परिवार को थी पूरी जानकारी
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि रतनलाल नागौर जिले में सुरक्षित रह रहा था और लगातार अपने परिवार के संपर्क में था। उसका बेटा शंकरलाल समेत अन्य परिजनों को उसकी लोकेशन की पूरी जानकारी थी। इसके बावजूद परिवार ने प्रशासन को गुमराह किया और रतनलाल की बरामदगी की मांग को लेकर जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन भी सौंपे।इतना ही नहीं, सोमवार को कलेक्ट्रेट पर बड़े धरना-प्रदर्शन की तैयारी भी की जा चुकी थी।
नागौर के कुचेरा से किया गया दस्तयाब
थानाधिकारी मोतीराम सारण ने बताया कि तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों से सूचना मिली कि रतनलाल पहले नागौर जिले के कुचेरा क्षेत्र में रह चुका है। इसके बाद चंदेरिया पुलिस ने कुचेरा थाना पुलिस के सहयोग से संभावित ठिकानों पर दबिश दी और रतनलाल को सकुशल दस्तयाब कर लिया। उसे चित्तौड़गढ़ लाया जा रहा है।
सरकारी संसाधनों का हुआ दुरुपयोग
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस झूठी कहानी के कारण सात दिनों तक पुलिस, सिविल डिफेंस, गोताखोरों और अन्य सरकारी संसाधनों का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग हुआ। यदि समय रहते सच्चाई सामने नहीं आती, तो यह मामला कानून-व्यवस्था के लिए भी चुनौती बन सकता था। पुलिस अब रतनलाल और उसके परिजनों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, जांच को गुमराह करने और अन्य संबंधित धाराओं में कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है।