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Dausa News: शिक्षा विभाग के एसीएस राजेश यादव का औचक निरीक्षण, जर्जर स्कूल भवन तुरंत ढहाने के निर्देश
Wed, 15 Jul 2026 06:50 PM IST
दौसा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दौसा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दौसा
Published by: दौसा ब्यूरो
Updated Wed, 15 Jul 2026 06:50 PM IST
सार
दौसा दौरे पर शिक्षा विभाग के एसीएस राजेश यादव ने स्कूलों का औचक निरीक्षण कर जर्जर भवन तत्काल ढहाने, क्षतिग्रस्त भवनों की मरम्मत, निर्माणाधीन भवनों का एनडीटी टेस्ट कराने, डिजिटल मॉनिटरिंग बढ़ाने और विद्यार्थियों की सुरक्षा से समझौता नहीं करने के निर्देश दिए।
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दौसा स्कूलों का निरीक्षण करते ए सी एस
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) राजेश यादव ने बुधवार को दौसा जिले में स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने कलेक्ट्रेट सभागार में शिक्षा अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर बच्चों की सुरक्षा, शैक्षणिक गुणवत्ता और स्कूलों के बुनियादी ढांचे को लेकर सख्त निर्देश दिए।
बैठक में एसीएस ने स्पष्ट कहा कि बच्चों की सुरक्षा के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि जो स्कूल भवन पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं और विद्यार्थियों के लिए खतरा बने हुए हैं, उन्हें तत्काल खाली कराकर बिना देरी ध्वस्त किया जाए। वहीं जिन भवनों में मामूली क्षति है, उनकी शीघ्र मरम्मत कर उन्हें सुरक्षित बनाया जाए।
पढ़ें: 12 दिन बाद भी पुलिस की पकड़ से दूर अहम आरोपी बलराम, मास्टरमाइंड की तलाश में ताबड़तोड़ दबिश
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शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और तकनीक के उपयोग पर जोर देते हुए राजेश यादव ने राजशाला संबलन ऐप के माध्यम से निजी स्कूलों की नियमित डिजिटल मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि 'एसीएस एजुकेशन संपर्क फॉर्म' के तहत क्यूआर (QR) कोड स्कैन कर शिक्षक, कर्मचारी और आमजन घर बैठे ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं, जिनका त्वरित एवं पारदर्शी समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ाने, शौचालयों के समुचित रखरखाव और विद्यार्थियों के लिए हर समय स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक के बाद एसीएस ने पालावास और भण्डाना राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माणाधीन स्कूल भवनों की गुणवत्ता की जांच के लिए नॉन-डिस्ट्रक्टिव टेस्ट (NDT) कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि यदि कोई निर्माणाधीन भवन गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरता या एनडीटी जांच में फेल पाया जाता है, तो संबंधित निर्माण एजेंसी को अपने खर्च पर उसका पुनर्निर्माण करना होगा। गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। बैठक में मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी रामनिवास शर्मा सहित जिला एवं ब्लॉक स्तर के सभी शिक्षा अधिकारी मौजूद रहे।
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बैठक में एसीएस ने स्पष्ट कहा कि बच्चों की सुरक्षा के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि जो स्कूल भवन पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं और विद्यार्थियों के लिए खतरा बने हुए हैं, उन्हें तत्काल खाली कराकर बिना देरी ध्वस्त किया जाए। वहीं जिन भवनों में मामूली क्षति है, उनकी शीघ्र मरम्मत कर उन्हें सुरक्षित बनाया जाए।
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शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और तकनीक के उपयोग पर जोर देते हुए राजेश यादव ने राजशाला संबलन ऐप के माध्यम से निजी स्कूलों की नियमित डिजिटल मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि 'एसीएस एजुकेशन संपर्क फॉर्म' के तहत क्यूआर (QR) कोड स्कैन कर शिक्षक, कर्मचारी और आमजन घर बैठे ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं, जिनका त्वरित एवं पारदर्शी समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ाने, शौचालयों के समुचित रखरखाव और विद्यार्थियों के लिए हर समय स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक के बाद एसीएस ने पालावास और भण्डाना राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माणाधीन स्कूल भवनों की गुणवत्ता की जांच के लिए नॉन-डिस्ट्रक्टिव टेस्ट (NDT) कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि यदि कोई निर्माणाधीन भवन गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरता या एनडीटी जांच में फेल पाया जाता है, तो संबंधित निर्माण एजेंसी को अपने खर्च पर उसका पुनर्निर्माण करना होगा। गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। बैठक में मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी रामनिवास शर्मा सहित जिला एवं ब्लॉक स्तर के सभी शिक्षा अधिकारी मौजूद रहे।