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Dausa: प्रेम विवाह पर 21 लाख का जुर्माना! खाप पंचायत ने सुनाया तालिबानी फरमान, पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज
Thu, 16 Jul 2026 01:05 PM IST
दौसा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दौसा
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Published by: दौसा ब्यूरो
Updated Thu, 16 Jul 2026 01:05 PM IST
सार
प्रेम विवाह के मामले में 21 लाख रुपये के जुर्माने और सामाजिक बहिष्कार के तालिबानी फरमान ने दौसा में नया विवाद खड़ा कर दिया है। रामगढ़ पचवारा में हुई खाप पंचायत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
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पुलिस थाना रामगढ़ पचवारा
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विस्तार
जिले के लालसोट क्षेत्र के रामगढ़ पचवारा थाना इलाके के कंवरपुरा गांव में प्रेम विवाह के मामले को लेकर आयोजित कथित खाप पंचायत का फैसला विवादों में आ गया है। पंचायत में प्रेम विवाह करने वाले युवक के परिवार पर 21 लाख रुपये का जुर्माना लगाने और राशि जमा नहीं करने पर सामाजिक बहिष्कार की चेतावनी देने का आरोप है। पंचायत के निर्णय का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार कंवरपुरा गांव की एक विवाहिता ने अपने ही समाज के एक युवक के साथ प्रेम विवाह कर लिया। इस मामले को लेकर कौशी बड़ी आश्रम में पंचायत आयोजित की गई। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कथित तौर पर पंचायत के पंच-पटेल युवक पक्ष पर 21 लाख रुपये का आर्थिक दंड लगाने की घोषणा करते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस राशि में शादी का खर्च, जेवरात और अन्य मद शामिल किए गए हैं। वीडियो में यह भी कहा गया कि यदि निर्धारित राशि जमा नहीं कराई गई तो संबंधित परिवार का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। साथ ही भविष्य में इस तरह के मामलों में 51 लाख रुपये तक जुर्माना लगाने की चेतावनी भी दी गई।
परिजनों ने लगाए जबरन जुर्माने के आरोप
युवक पक्ष के परिजनों का आरोप है कि पंचायत ने उन्हें दोषी ठहराते हुए जबरन 21 लाख रुपये का जुर्माना भरने का फरमान सुनाया। साथ ही राशि जमा नहीं करने पर समाज से बहिष्कृत करने की धमकी दी गई। उनका कहना है कि युवक और महिला एक-दूसरे के संपर्क में थे और दोनों ने अपनी इच्छा से विवाह किया है। मामले में युवक पक्ष ने रामगढ़ पचवारा थाने में सात-आठ नामजद लोगों सहित अन्य के खिलाफ परिवाद दिया है। आरोप है कि पंचायत के माध्यम से उन्हें सामाजिक रूप से अपमानित किया गया और आर्थिक दंड का दबाव बनाया गया।
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ये भी पढ़ें: Jhunjhunu: सोशल मीडिया पर 11 भावुक स्टोरी डालकर ट्रेन के आगे कूदा प्रेमी, आखिरी पोस्ट में लगाए गंभीर आरोप
यह है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार युवती अपने परिवार के साथ जयपुर क्षेत्र में रहती थी। उसकी शादी 29 अप्रैल को कंवरपुरा निवासी एक युवक से हुई थी। शादी के करीब दो महीने बाद वह ससुराल छोड़कर चली गई और बाद में रामगढ़ पचवारा क्षेत्र के एक युवक के साथ रहने लगी। युवती के घर से जाने के बाद उसके परिजनों ने जयपुर के कानोता थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस के समक्ष युवती ने बयान दिया कि वह अपनी इच्छा से संबंधित युवक के साथ रहना चाहती है।
ससुराल पक्ष की थी अलग मांग
ससुराल पक्ष का कहना है कि या तो महिला को वापस भेजा जाए या फिर सामाजिक स्तर पर इस मामले का कोई निर्णय किया जाए। इसी मुद्दे को लेकर पंचायत आयोजित की गई थी। रामगढ़ पचवारा थाना प्रभारी मदनलाल ने बताया कि वायरल वीडियो पुलिस के संज्ञान में आया है। युवक पक्ष की ओर से परिवाद प्राप्त हुआ है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।
संगठन ने झाड़ा पल्ला
इधर राजस्थान आदिवासी मीना सेवा संघ, रामगढ़ पचवारा के महामंत्री रामभजन मीना ने कहा कि 13 जुलाई को आयोजित बैठक सामाजिक कुरीतियों पर चर्चा के लिए थी। उन्होंने दावा किया कि 14 जुलाई को हुई कथित खाप पंचायत का आयोजन संगठन की ओर से नहीं किया गया था। संगठन ऐसे किसी भी आर्थिक जुर्माने या दंडात्मक फैसले का समर्थन नहीं करता।
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जानकारी के अनुसार कंवरपुरा गांव की एक विवाहिता ने अपने ही समाज के एक युवक के साथ प्रेम विवाह कर लिया। इस मामले को लेकर कौशी बड़ी आश्रम में पंचायत आयोजित की गई। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कथित तौर पर पंचायत के पंच-पटेल युवक पक्ष पर 21 लाख रुपये का आर्थिक दंड लगाने की घोषणा करते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस राशि में शादी का खर्च, जेवरात और अन्य मद शामिल किए गए हैं। वीडियो में यह भी कहा गया कि यदि निर्धारित राशि जमा नहीं कराई गई तो संबंधित परिवार का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। साथ ही भविष्य में इस तरह के मामलों में 51 लाख रुपये तक जुर्माना लगाने की चेतावनी भी दी गई।
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परिजनों ने लगाए जबरन जुर्माने के आरोप
युवक पक्ष के परिजनों का आरोप है कि पंचायत ने उन्हें दोषी ठहराते हुए जबरन 21 लाख रुपये का जुर्माना भरने का फरमान सुनाया। साथ ही राशि जमा नहीं करने पर समाज से बहिष्कृत करने की धमकी दी गई। उनका कहना है कि युवक और महिला एक-दूसरे के संपर्क में थे और दोनों ने अपनी इच्छा से विवाह किया है। मामले में युवक पक्ष ने रामगढ़ पचवारा थाने में सात-आठ नामजद लोगों सहित अन्य के खिलाफ परिवाद दिया है। आरोप है कि पंचायत के माध्यम से उन्हें सामाजिक रूप से अपमानित किया गया और आर्थिक दंड का दबाव बनाया गया।
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यह है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार युवती अपने परिवार के साथ जयपुर क्षेत्र में रहती थी। उसकी शादी 29 अप्रैल को कंवरपुरा निवासी एक युवक से हुई थी। शादी के करीब दो महीने बाद वह ससुराल छोड़कर चली गई और बाद में रामगढ़ पचवारा क्षेत्र के एक युवक के साथ रहने लगी। युवती के घर से जाने के बाद उसके परिजनों ने जयपुर के कानोता थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस के समक्ष युवती ने बयान दिया कि वह अपनी इच्छा से संबंधित युवक के साथ रहना चाहती है।
ससुराल पक्ष की थी अलग मांग
ससुराल पक्ष का कहना है कि या तो महिला को वापस भेजा जाए या फिर सामाजिक स्तर पर इस मामले का कोई निर्णय किया जाए। इसी मुद्दे को लेकर पंचायत आयोजित की गई थी। रामगढ़ पचवारा थाना प्रभारी मदनलाल ने बताया कि वायरल वीडियो पुलिस के संज्ञान में आया है। युवक पक्ष की ओर से परिवाद प्राप्त हुआ है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।
संगठन ने झाड़ा पल्ला
इधर राजस्थान आदिवासी मीना सेवा संघ, रामगढ़ पचवारा के महामंत्री रामभजन मीना ने कहा कि 13 जुलाई को आयोजित बैठक सामाजिक कुरीतियों पर चर्चा के लिए थी। उन्होंने दावा किया कि 14 जुलाई को हुई कथित खाप पंचायत का आयोजन संगठन की ओर से नहीं किया गया था। संगठन ऐसे किसी भी आर्थिक जुर्माने या दंडात्मक फैसले का समर्थन नहीं करता।