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Rajasthan: दौसा में टंकी बनी आंदोलन का मंच; दो कस्बों में एक साथ बवाल, दौड़ा-दौड़ा पहुंचा प्रशासन

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दौसा Published by: दौसा ब्यूरो Updated Sat, 13 Jun 2026 10:24 AM IST
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सार

Dausa: दौसा जिले के सायपुर-पाखर और सीकरी क्षेत्र में पेयजल संकट, नल कनेक्शन शुल्क और अवैध खनन के विरोध में लोगों ने पानी की टंकी पर चढ़कर प्रदर्शन किया। प्रशासन के आश्वासन के बाद दोनों जगह आंदोलन समाप्त हुआ, जबकि सीकरी में तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया।

High-voltage drama over against illegal stone crushing and mining and water supply in dausa
दौसा मांगो को लेकर टंकी पर चढ़े लोग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

दौसा जिले में अपनी मांगों को प्रशासन से मनवाने और दबाव बनाने को लेकर जिले में लोगों ने पानी की टंकियों पर चढ़ने का अनूठा तरीका अपना रहे हैं, शुक्रवार को जिले में अपनी मांगों को लेकर दो कस्बों में कई घंटों तक हाई वोल्टेज ड्रामा चला, जिससे पुलिस प्रशासन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।



पेयजल संकट और 9200 रुपये की डिमांड पर फूटा गुस्सा
नगर पालिका मंडावर क्षेत्र के सायपुर-पाखर गांव में पेयजल संकट और नए नल कनेक्शन के लिए मांगी जा रही 9200 रुपये की डिमांड राशि के विरोध में शुक्रवार सुबह ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित ग्रामीण जलदाय विभाग की पानी की टंकी पर चढ़कर सरकार तथा जलदाय विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन करने लगे और बिना ऑनलाइन आवेदन और डिमांड राशि जमा किए नल कनेक्शन उपलब्ध कराने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि पुराने जलदाय विभाग के नल कनेक्शनों से कई दिनों से पानी की सप्लाई बंद है, जिससे गांव में पेयजल संकट गहरा गया है। पीने के पानी के साथ-साथ घरेलू उपयोग और पशुओं के लिए भी पानी की भारी समस्या खड़ी हो गई है। लोगों को दूर-दराज क्षेत्रों से पानी लाकर अपनी प्यास बुझानी पड़ रही है और निजी टैंकरों के सहारे जरूरतें पूरी करनी पड़ रही हैं।
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नई पाइपलाइन, लेकिन कनेक्शन अधूरे
ग्रामीणों ने बताया कि करीब एक वर्ष पहले शहरी जल योजना के तहत गांव में नई पेयजल पाइपलाइन बिछाई गई थी, लेकिन अब तक किसी भी परिवार को उससे नल कनेक्शन नहीं मिला है। नए कनेक्शन के लिए निर्धारित करीब 9200 रुपये की डिमांड राशि का भी ग्रामीणों ने विरोध किया। उनका कहना है कि मजदूर और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए इतनी बड़ी राशि जमा कराना संभव नहीं है।
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प्रशासन की एंट्री और राहत का आश्वासन
सूचना मिलते ही जलदाय विभाग के सहायक अभियंता भूपेंद्र मीणा, नायब तहसीलदार संग्राम सिंह तथा पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से वार्ता कर उनकी समस्याएं सुनीं। वार्ता के दौरान विभाग की ओर से पांच दिन के भीतर वैकल्पिक जल व्यवस्था उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया। नहर के पास स्थित पुरानी बोरिंग से लाइन जोड़कर जलापूर्ति शुरू करने का भी आश्वासन दिया गया। इसके बाद ग्रामीण टंकी से नीचे उतर आए और लिखित शिकायत सौंपकर प्रदर्शन समाप्त कर दिया।

आंदोलन की चेतावनी और भारी भीड़
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि तय समय सीमा में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान भगवान सेठी, रामोतार गुर्जर, रणवीर गुर्जर, विष्णु सैन, सियाराम शर्मा, रामभरोसी मीणा, सुरेंद्र मीणा, पूरणमल मीणा, रघुवीर राजपूत, महेंद्र गुर्जर, तेजसिंह गुर्जर, मोहरादेवी, फूलवती देवी, कश्मीरा देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सायपुर-पाखर गांव नगर पालिका मंडावर क्षेत्र में आता है। शहरी जल योजना के तहत बिछाई गई पाइपलाइन में कनेक्शन ऑनलाइन प्रक्रिया और निर्धारित 9200 रुपये की डिमांड राशि जमा होने के बाद ही दिए जा सकते हैं। अभी तक किसी उपभोक्ता ने कनेक्शन नहीं लिया है, इसलिए नियमित जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। ग्रामीणों की शिकायत उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। आगे की कार्रवाई उनके निर्देशानुसार की जाएगी। - भूपेंद्र मीणा, सहायक अभियंता, जलदाय विभाग, मंडावर

अवैध खनन और ब्लास्टिंग के खिलाफ टंकी पर चढ़े युवक
सीकरी के पहाड़ों में चल रहे क्रेशर प्लांट पर अवैध ब्लास्टिंग, खनन, चरागाह अतिक्रमण और रास्तों पर पानी का छिड़काव नहीं होने से नाराज तीन युवक जलदाय विभाग की पानी की टंकी पर चढ़ गए। नीचे ग्रामीणों और महिलाओं ने प्रशासन और खनिज विभाग के खिलाफ नारेबाजी की।

सुबह 8 बजे शुरू हुआ दूसरा बड़ा विरोध
सुबह करीब 8 बजे सीकरी के प्राइमरी स्कूल के पास टंकी पर तीन युवक चढ़े। ग्रामीणों ने कहा कि आबादी क्षेत्र के आसपास अवैध क्रेशर प्लांट चल रहे हैं। पहाड़ों में रात-दिन खनन और ब्लास्टिंग हो रही है, जिससे लोगों का दिन का चैन और रात की नींद लेना मुश्किल हो गया है। रास्तों में पानी का छिड़काव नहीं होने से धूल उड़ती रहती है और लोग सिलिकोसिस जैसी प्राणघातक बीमारी से ग्रसित हो रहे हैं। प्रभावशाली लोगों ने चरागाह भूमि पर भी अतिक्रमण कर रखा है। ग्रामीणों ने बताया कि इसकी शिकायत तीन दिन पहले कलेक्टर और एसडीएम से की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। महिलाओं ने शराब ठेका बंद कराने की मांग भी रखी।

पुलिस, सिविल डिफेंस और जाल की तैयारी
सूचना पर मानपुर थानाधिकारी सतीश कुमार और बालाजी थानाधिकारी सचिन शर्मा पहुंचे। उन्होंने समझाइश की, लेकिन ग्रामीण अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे। सिविल डिफेंस की टीम भी पहुंची और टंकी के नीचे सुरक्षा जाल बिछाया गया।

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एसडीएम के आदेशों के बाद समाप्त हुआ तनाव
सुबह करीब 10 बजे एसडीएम डॉ. नवनीत कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने क्रेशर संचालकों को बुलाकर नियमों की सख्ती से पालना के निर्देश दिए। सुबह और शाम 6 बजे से 9 बजे तक प्लांट, खनन कार्य और ब्लास्टिंग बंद रखने को कहा गया। रास्तों में नियमित पानी का छिड़काव करने के निर्देश दिए गए। अवैध अतिक्रमण चिन्हित कर हटाने और कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया। महिलाओं की मांग पर थानाधिकारी को नियमित गश्त करने और शराब पीकर उत्पात मचाने वालों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए गए। आश्वासन के बाद टंकी पर चढ़े युवक करीब 11 बजे नीचे उतर आए। पुलिस उन्हें मेडिकल के लिए उप जिला अस्पताल ले गई, जहां से तीनों को शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। मौके पर तहसीलदार हेमेंद्र मीणा, बीडीओ देशवीर सिंह, जलदाय विभाग एईएन भगवती मीणा, सरपंच बत्तूराम मीणा मौजूद रहे।

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