Rajasthan: 5600 साल पुराने कल्याण जी महाराज मंदिर में पूजा अधिकार को लेकर विवाद, जानें कैसे शुरू हुआ विवाद?
Rajasthan: डिग्गी स्थित श्री कल्याण जी महाराज मंदिर में सेवा-पूजा के अधिकार को लेकर दो भाइयों के बीच विवाद गहराता जा रहा है, जिसमें प्रशासनिक निर्णय, चढ़ावे की वसूली और नियमों के उल्लंघन के आरोपों ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
विस्तार
टोंक जिले के डिग्गी कस्बे में स्थित करीब 5600 साल पुराने श्री कल्याण जी महाराज मंदिर में सेवा-पूजा (ओसरा) के अधिकार को लेकर दो भाइयों के बीच विवाद सामने आया है। इस मामले में प्रशासनिक कार्रवाई पर भी सवाल उठाए गए हैं। एसडीएम पर अवैध आदेश देने का आरोप लगाया गया है, वहीं गर्भगृह पर कब्जा और चढ़ावे की वसूली को लेकर भी शिकायत दर्ज कराई गई है। साथ ही सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने की मांग की गई है।
उपखंड अधिकारी मालपुरा और मंदिर ट्रस्ट को भेजी गई शिकायत
अजमेर निवासी एडवोकेट दिलीप शर्मा ने उपखंड अधिकारी मालपुरा और मंदिर ट्रस्ट को विस्तृत शिकायत भेजी है। शिकायत के अनुसार, 20 मार्च 2026 को प्रशासन ने कथित रूप से नियमों के विरुद्ध जाकर सेवा-पूजा का कार्य उनके बड़े भाई अशोक कुमार शर्मा को सौंप दिया। बताया गया है कि वर्ष 2023 में माता शांति देवी के निधन के बाद दोनों भाइयों के बीच सेवा-पूजा को लेकर लिखित समझौता हुआ था, जिसमें सेवा-पूजा का बंटवारा रोटेशन (फिरते दिनों) के आधार पर तय किया गया था। मार्च 2023 में ओसरा अशोक शर्मा ने किया था और उसी आधार पर 20 से 23 मार्च 2026 तक का ओसरा दिलीप शर्मा के हिस्से में आता है। इसके बावजूद आरोप है कि अशोक शर्मा उन्हीं दिनों में सेवा-पूजा करने पर अड़े हुए हैं, जिससे विवाद बढ़ गया।
नियमों के साथ किया जा रहा खिलवाड़
शिकायत में कहा गया है कि विवाद के चलते पहले प्रशासन ने एक रिसीवर नियुक्त किया था, लेकिन इसके बावजूद उसी दिन शाम को एसडीएम द्वारा सेवा-पूजा का अधिकार अशोक शर्मा को दे दिया गया, जिसे नियमों के विरुद्ध और अवैध बताया जा रहा है। दिलीप शर्मा ने यह भी आरोप लगाया है कि अशोक कुमार शर्मा गर्भगृह के मुख्य द्वार के पास बैठकर श्रद्धालुओं से नकद चढ़ावा और भोग सामग्री स्वयं ले रहे हैं, जबकि रिसीवर नियुक्त होने के बाद ऐसा करना नियमों के खिलाफ है।
सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने की मांग
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रार्थी ने 20 मार्च से 24 मार्च 2026 तक मंदिर परिसर के सभी सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने की मांग की है, ताकि जांच में साक्ष्य उपलब्ध हो सकें। प्रार्थी का कहना है कि इस मामले में पहले भी ट्रस्ट और प्रशासन को शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। उन्होंने मांग की है कि अशोक शर्मा को दिया गया सेवा-पूजा का आदेश तुरंत निरस्त किया जाए, मंदिर का संपूर्ण प्रबंधन रिसीवर के अधीन किया जाए, चढ़ावे की कथित अवैध वसूली पर रोक लगाई जाए और सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखा जाए।
एक पक्ष ने आरोप नकारा
वहीं, मालपुरा एसडीएम कपिल शर्मा ने कहा कि मंदिर व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए अशोक कुमार शर्मा को सेवा-पूजा का अधिकार दिया गया है और इसमें कोई गलत नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि पहले दोनों भाइयों को समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन वे नहीं माने। दूसरी ओर, पुजारी अशोक शर्मा का कहना है कि वे अपनी बारी के अनुसार ही सेवा-पूजा कर रहे हैं और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप गलत हैं।
ये भी पढ़ें: जोजरी-लूणी-बांडी में घुला जहर, सुप्रीम कोर्ट कमेटी का तीसरा दौरा, बालोतरा में सख्ती तय
डिग्गी के राजा द्वारा करवाया गया था मंदिर का निर्माण
डिग्गी कस्बे में स्थित श्री कल्याण जी महाराज मंदिर का निर्माण करीब 5600 वर्ष पहले डिग्गी के राजा द्वारा करवाया गया माना जाता है। यह मंदिर अपनी वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है, जिसमें 16 स्तंभ और शिखरबंद संरचना शामिल है। मंदिर परिसर में एक दर्जन से अधिक छोटे मंदिर भी हैं, जहां भगवान विष्णु के वाहन गरुड़ के कंधों पर विराजमान लक्ष्मी-नारायण की प्रतिमा विशेष आकर्षण का केंद्र है। श्रद्धालु यहां मनोकामना पूर्ण होने पर सोने-चांदी के आभूषण चढ़ाते हैं और प्रदेशभर से पदयात्रा कर भी दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.