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चैत्र नवरात्रि: 51 शक्तिपीठों में शामिल है सिरोही का अर्बुदादेवी मंदिर, गुप्त स्वरूप में होती है मां की पूजा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलवर Published by: सिरोही ब्यूरो Updated Thu, 26 Mar 2026 06:00 AM IST
सार

Chaitra Navratri 2026: सिरोही के माउंटआबू स्थित अर्बुदादेवी मंदिर 51 शक्तिपीठों में शामिल माना जाता है और करीब साढ़े पांच हजार साल पुराना है। यहां मां की गुप्त स्वरूप में पूजा होती है। मंदिर से जुड़ी पौराणिक मान्यताएं इसे विशेष बनाती हैं।
 

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Chaitra Navratri: Arbuda Devi Temple is Among 51 Shakti Peeths Goddess is Worshipped in Gupta Swaroop
चैत्र नवरात्रि 2026 - फोटो : फाइल फोटो

सिरोही जिले के माउंटआबू में स्थित अर्बुदादेवी (अधरदेवी) मंदिर धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है। यह मंदिर करीब साढ़े पांच हजार साल पुराना माना जाता है और इसे 51 शक्तिपीठों में से एक बताया जाता है। यहां मां की गुप्त स्वरूप में पूजा की जाती है, जो इसे अन्य शक्तिपीठों से अलग बनाती है।


 
‘अधरदेवी’ नाम के पीछे की मान्यता
प्राचीन मान्यताओं के अनुसार जिस स्थान पर यह मंदिर स्थित है, वहां मां के होंठ गिरे थे, इसी कारण इसे अधरदेवी कहा जाता है। स्कंद पुराण में भी इस गुफा में माता के छठे स्वरूप कात्यानी के रूप में विराजमान होने का उल्लेख मिलता है। इस मंदिर का संबंध गुजरात के अंबाजी धाम से भी बताया जाता है।
 

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Chaitra Navratri: Arbuda Devi Temple is Among 51 Shakti Peeths Goddess is Worshipped in Gupta Swaroop
मां अर्बुदादेवी मंदिर - फोटो : फाइल फोटो

गुफा में विराजमान मां का अद्भुत स्वरूप
यह मंदिर एक संकरी प्राकृतिक गुफा में स्थित है, जहां पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को बैठकर आगे बढ़ना पड़ता है। मंदिर परिसर में नव दुर्गा, गणेशजी और नीलकंठ महादेव के भी दर्शन किए जा सकते हैं। धार्मिक मान्यता है कि यहां दर्शन मात्र से भक्तों के दुख दूर होते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

पढ़ें- चैत्र नवरात्रि 2026: वागड़ का पावागढ़ कहलाने वाला नंदनी माता धाम; आस्था, इतिहास और प्राकृतिक रहस्य का संगम
 

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Chaitra Navratri: Arbuda Devi Temple is Among 51 Shakti Peeths Goddess is Worshipped in Gupta Swaroop
365 सीढ़ियां चढ़ने के बाद होते हैं मां अर्बुदादेवी के दर्शन - फोटो : फाइल फोटो

365 सीढ़ियां चढ़कर पहुंचते हैं श्रद्धालु
माउंटआबू रोडवेज बस स्टैंड से देलवाड़ा जैन मंदिर मार्ग पर पहाड़ी पर स्थित इस मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को करीब 365 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। विशेष रूप से नवरात्र के दौरान यहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है और पूरे नौ दिनों तक दर्शन का क्रम जारी रहता है।
 

Chaitra Navratri: Arbuda Devi Temple is Among 51 Shakti Peeths Goddess is Worshipped in Gupta Swaroop
गुप्त स्वरूप में होती है मां अर्बुदादेवी की पूजा - फोटो : फाइल फोटो

बासकली दानव वध की पौराणिक कथा
मंदिर से जुड़ी एक पौराणिक कथा के अनुसार बासकली नामक दानव ने कठोर तपस्या कर भगवान शिव से अजेय होने का वरदान प्राप्त किया था। इसके बाद उसने देवताओं को परेशान करना शुरू कर दिया। तब देवताओं की प्रार्थना पर मां अर्बुदा ने प्रकट होकर बासकली का वध किया और उसके अत्याचारों से मुक्ति दिलाई। इसी घटना के बाद से यहां माता के पादुका की पूजा की परंपरा भी प्रचलित हुई।

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