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Hindi News ›   Rajasthan ›   Jagan Gurjar murdered in Ajmer High-Security Jail: High Court takes a stern view.

अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में जगन गुर्जर की हत्या: हाईकोर्ट सख्त, सरकार और जेल प्रशासन से मांगी विस्तृत रिपोर्ट

Thu, 02 Jul 2026 08:56 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: शबाहत हुसैन Updated Thu, 02 Jul 2026 08:56 PM IST
सार

अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में जगन गुर्जर की हत्या पर राजस्थान हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए राज्य सरकार और जेल प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी। कोर्ट ने सीसीटीवी, सुरक्षा व्यवस्था, मोबाइल पहुंच और अधिकारियों की जवाबदेही पर गंभीर सवाल उठाए।

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Jagan Gurjar murdered in Ajmer High-Security Jail: High Court takes a stern view.
जगन गुर्जर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या के मामले को राजस्थान हाईकोर्ट ने बेहद गंभीरता से लिया है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एस.पी. शर्मा और जस्टिस मनीष शर्मा की खंडपीठ ने राज्य सरकार और जेल प्रशासन से पूरे घटनाक्रम पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। यह आदेश प्रदेश की जेलों की सुरक्षा और व्यवस्थाओं में सुधार से जुड़े स्वप्रेरित (सुओ मोटू) मामले की सुनवाई के दौरान दिया गया।

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सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने प्रदेश की जेलों की सुरक्षा व्यवस्था पर कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि हाई सिक्योरिटी जेलों में सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर खामियां हैं। कई स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग और लाइव मॉनिटरिंग प्रभावी नहीं है, जबकि जेलों में मोबाइल फोन तक आसानी से पहुंच रहे हैं। अदालत ने टिप्पणी की कि जब जेल से प्रदेश के मुख्यमंत्री तक को धमकी मिल चुकी है, तब भी सुरक्षा व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं होना चिंताजनक है।

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न्यायमित्र (एमिकस क्यूरी) अधिवक्ता प्रतीक कासलीवाल ने अदालत को बताया कि पिछली रिपोर्ट में भी हाई सिक्योरिटी जेल के कई सीसीटीवी कैमरों के खराब होने और कुछ के कनेक्शन कटे होने की जानकारी दी गई थी। इसके बावजूद सरकार की ओर से प्रभावी सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए।

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सुनवाई के दौरान अदालत ने मीडिया रिपोर्टों का भी उल्लेख किया, जिनमें दावा किया गया कि हत्या के समय सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग नहीं हो सकी क्योंकि उसके लेंस पर पेस्ट लगा दिया गया था। इस पर हाईकोर्ट ने सवाल उठाया कि यदि हाई सिक्योरिटी जेल की सुरक्षा व्यवस्था इतनी कमजोर है तो इसकी जवाबदेही किसकी है।

अदालत ने यह भी कहा कि जेलों के भीतर से आपराधिक गिरोह सक्रिय होकर रंगदारी जैसी वारदातों का संचालन कर रहे हैं। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और जेल प्रशासन से पूछा है कि जगन गुर्जर हत्याकांड के बाद अब तक क्या कार्रवाई की गई, घटना के समय सीसीटीवी में क्या रिकॉर्ड हुआ और क्या नहीं, तथा इस मामले में किसी अधिकारी की जिम्मेदारी तय की गई है या नहीं। खंडपीठ ने इन सभी बिंदुओं पर विस्तृत रिपोर्ट अगली सुनवाई से पहले पेश करने के निर्देश दिए हैं।

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