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राजस्थान: जयपुर में 10 दिन तक डिजिटल अरेस्ट, फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर बुजुर्ग से ठगे 1.74 करोड़

Wed, 14 Oct 2026 09:34 PM IST
तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी Updated Wed, 14 Oct 2026 09:34 PM IST
सार

जयपुर के वैशाली नगर थाना क्षेत्र में साइबर ठगों ने 74 वर्षीय बुजुर्ग को करीब 10 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 1 करोड़ 74 लाख रुपये ठग लिए। आरोपियों ने गिरफ्तारी और संपत्ति जब्त करने की धमकी दी। फर्जी वीडियो कॉल के जरिए खुद को पुलिस अधिकारी बताकर बुजुर्ग पर दबाव बनाया और अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करवा ली।

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डिजिटल अरेस्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजस्थान की राजधानी में वैशाली नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत साइबर ठगों ने एक 74 वर्षीय बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट का शिकार बनाकर 1 करोड़ 74 लाख रुपये की रिकॉर्ड ठगी को अंजाम दिया है। शातिर अपराधियों ने लगभग 10 दिनों तक पीड़ित को गिरफ्तारी और संपत्ति सीज करने का भय दिखाकर अपने जाल में उलझाए रखा। इस दौरान ठगों ने बुजुर्ग को किसी भी अन्य व्यक्ति से संपर्क नहीं करने दिया और विभिन्न बैंक खातों में रकम स्थानांतरित करवा ली। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने थाने में मामला दर्ज कराया।
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फर्जी वीडियो कॉल और फर्जी अदालती दृश्य
वैशाली नगर थानाधिकारी अरविंद सिंह शेखावत ने बताया कि पीड़ित जितेंद्र नाथ भार्गव अपने मकान में पत्नी के साथ रहते हैं। अपराधियों ने बुजुर्ग को फोन कर उनके बैंक खाते में अवैध वित्तीय लेनदेन होने की झूठी जानकारी दी। इसके तुरंत बाद आरोपियों ने बुजुर्ग को डर के माहौल में डालने के लिए इंटरनेट के माध्यम से वीडियो कॉल पर जोड़ लिया। संवाद के दौरान एक आरोपी की स्क्रीन पर देश की सर्वोच्च अदालत का दृश्य दिखाई दे रहा था। इसके अलावा एक अन्य जालसाज ने स्वयं को दिल्ली का पुलिस महानिदेशक बताकर बुजुर्ग से बातचीत की। अपराधियों ने प्रवर्तन निदेशालय, सर्वोच्च न्यायालय और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के नामों का दुरुपयोग करते हुए बुजुर्ग पर अत्यधिक मानसिक दबाव बनाया।
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दस दिन तक रखा निगरानी में
शातिर ठगों ने बुजुर्ग को लगातार 10 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट में रखकर उनकी हर गतिविधि पर नजर रखी। जालसाजों ने धमकी दी कि यदि उन्होंने अपने किसी रिश्तेदार, पड़ोसी या पुलिस से संपर्क करने का प्रयास किया, तो उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया जाएगा और उनकी पूरी संपत्ति जब्त कर ली जाएगी। इस भय के कारण बुजुर्ग पूरी तरह लाचार हो गए और उन्होंने अपनी जमा पूंजी में से कुल 1 करोड़ 74 लाख रुपये अपराधियों के बताए विभिन्न खातों में जमा कर दिए। पीड़ित बुजुर्ग का बेटा सिंगापुर में कार्यरत है, जबकि उनकी बेटी भी राजस्थान से बाहर रहती है। घर में बुजुर्ग दंपती के अकेले रहने की स्थिति का अपराधियों ने पूरा फायदा उठाया।
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साइबर विशेषज्ञों की सहायता से जांच जारी
ठगी की इस बड़ी घटना का अहसास होने के उपरांत पीड़ित बुजुर्ग ने अपने एक परिचित व्यक्ति को इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। परिचित के कहने पर पीड़ित ने वैशाली नगर थाने पहुंचकर पुलिस को अपनी शिकायत सौंपी। वैशाली नगर पुलिस ने शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब साइबर विशेषज्ञों की सहायता से मामले की विस्तृत जांच कर रही है। पुलिस टीम ठगों द्वारा प्रयोग किए गए मोबाइल नंबरों, वीडियो कॉल विवरण और रकम स्थानांतरण वाले सभी बैंक खातों के ब्योरे खंगाल रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि संदिग्ध खातों की जानकारी जुटाकर ठगों तक पहुंचने के प्रयास किए जा रहे हैं।
 

 

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