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भीलवाड़ा प्रसूता मौत मामला: सरकारी जांच में खुलासा, OT संक्रमण नहीं बल्कि इन कारणों से हुईं मौतें; जांच तेज

Sun, 12 Jul 2026 09:51 AM IST
हिमांशु सिंह बघेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: हिमांशु सिंह बघेल Updated Sun, 12 Jul 2026 09:51 AM IST
सार

भीलवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल में छह दिनों में हुई पांच महिलाओं की मौत के मामले में राज्य सरकार की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में ऑपरेशन थिएटर (OT) संक्रमण को कारण नहीं माना गया है। रिपोर्ट के अनुसार सभी मौतें अलग-अलग चिकित्सीय जटिलताओं से हुईं।

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Bhilwara Hospital Tragedy Govt Probe Rejects OT Infection Claim Reveals Real Causes Behind 5 Deaths
भीलवाड़ा प्रसूता मौत मामला - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

भीलवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल में प्रसूताओं की मौत के मामले में राज्य सरकार की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में ऑपरेशन थिएटर (OT) संक्रमण को मौतों का कारण नहीं माना गया है। सरकार का कहना है कि छह दिनों में हुई पांच महिलाओं की मौत अलग-अलग चिकित्सीय जटिलताओं के कारण हुईं। अब पूरे मामले की विस्तृत और वैज्ञानिक जांच के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य निदेशालय की विशेषज्ञ टीम भीलवाड़ा और बांसवाड़ा भेजी गई है। सोमवार को प्रदेशभर के गायनिक विशेषज्ञों की बैठक बुलाई गई है, जबकि मंगलवार को चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर स्वयं भीलवाड़ा का दौरा करेंगे।
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स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा कि सरकार इन घटनाओं को बेहद गंभीरता से ले रही है। विशेषज्ञ टीम उपचार प्रक्रिया, दवाओं की गुणवत्ता, ऑपरेशन थिएटर की स्थिति, संक्रमण नियंत्रण, उपकरणों और मॉनिटरिंग सिस्टम सहित सभी पहलुओं की गहन जांच करेगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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बीते छह दिनों के दौरान पांच महिलाओं की मौत हुई
सरकार की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, भीलवाड़ा अस्पताल में छह दिनों के दौरान जिन पांच महिलाओं की मौत हुई, उनमें प्रत्येक की मृत्यु का कारण अलग-अलग चिकित्सकीय जटिलताएं थीं। इनमें हार्ट अटैक, हाइपोवोलेमिक शॉक, पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म, गर्भावस्था में गंभीर उच्च रक्तचाप से उत्पन्न HELLP Syndrome तथा प्रसवोत्तर अत्यधिक रक्तस्राव (Post Partum Haemorrhage with DIC) जैसी गंभीर स्थितियां शामिल हैं। एक मरीज का ऑपरेशन हुआ ही नहीं था, जबकि एक अन्य महिला प्रसूता नहीं, बल्कि स्त्री रोग की मरीज थी। इसलिए सभी मौतों को ऑपरेशन थिएटर संक्रमण से जोड़ना तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है।
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सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि ऑपरेशन थिएटर का माइक्रोबायोलॉजिकल कल्चर कराना संक्रमण नियंत्रण की नियमित प्रक्रिया है। भीलवाड़ा अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर नंबर-2 का 29 जून को कल्चर कराया गया था। 30 जून को रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद एहतियातन उस OT का उपयोग तत्काल बंद कर दिया गया और उसके बाद वहां कोई ऑपरेशन नहीं किया गया।

केस विवरण
1. फेरी देवी (स्त्री रोग की मरीज, गर्भवती नहीं)

भर्ती दिनांक: 30 जून 2026
ऑपरेशन दिनांक: 01 जुलाई 2026
मृत्यु दिनांक: 07 जुलाई 2026
मृत्यु का कारण: मायोकार्डियल इन्फार्क्शन (हार्ट अटैक)
यह प्रसूता का मामला नहीं था। मृत्यु का कारण हृदयाघात था, जिसका ऑपरेशन थिएटर संक्रमण से कोई संबंध नहीं है।

2. शिमला गुर्जर (प्रसूता – ANC केस)
भर्ती दिनांक: 05 जुलाई 2026
ऑपरेशन: नहीं हुआ
मृत्यु दिनांक: 07 जुलाई 2026
मृत्यु का कारण: गुलाबपुरा से रेफर केस, Acute Gastroenteritis, Hypovolemic Shock, Septicemia, IUD (Intra Uterine Death) एवं गंभीर एनीमिया।
मरीज का ऑपरेशन ही नहीं हुआ था, इसलिए OT संक्रमण का प्रश्न ही नहीं उठता।

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3. ईशा पाण्डेय (प्रसूता)
भर्ती दिनांक: 05 जुलाई 2026
ऑपरेशन दिनांक: 06 जुलाई 2026
मृत्यु दिनांक: 08 जुलाई 2026
मृत्यु का कारण: Pulmonary Thromboembolism
यह एक गंभीर चिकित्सकीय जटिलता थी, जिसका ऑपरेशन थिएटर संक्रमण से कोई संबंध नहीं पाया गया।

4. दिव्या सेन (प्रसूता)
भर्ती दिनांक: 07 जुलाई 2026
ऑपरेशन दिनांक: 07 जुलाई 2026
मृत्यु दिनांक: 09 जुलाई 2026
मृत्यु का कारण: सीएचसी रायपुर से रेफर केस। गर्भावस्था जनित गंभीर उच्च रक्तचाप (Severe Pregnancy-Induced Hypertension) के कारण HELLP Syndrome (Hemolysis, Elevated Liver Enzymes, Low Platelet Count) एवं Eclampsia।

मरीज पहले से गंभीर अवस्था में रेफर होकर आई थी। मृत्यु गंभीर प्रसूति जटिलताओं के कारण हुई।

5. संगीता जीनगर (प्रसूता)
भर्ती दिनांक: 09 जुलाई 2026
ऑपरेशन दिनांक: 09 जुलाई 2026
मृत्यु दिनांक: 10 जुलाई 2026
मृत्यु का कारण: Atonic Post Partum Haemorrhage with DIC (प्रसवोत्तर अत्यधिक रक्तस्राव एवं DIC)
मृत्यु का कारण प्रसवोत्तर अत्यधिक रक्तस्राव से उत्पन्न गंभीर चिकित्सकीय जटिलता थी, न कि OT संक्रमण।

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दरअसल, पांचों मरीजों में मृत्यु के कारण अलग-अलग और स्वतंत्र चिकित्सकीय जटिलताएं थीं। अस्पताल प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार, एक मरीज का ऑपरेशन हुआ ही नहीं था, जबकि एक मरीज स्त्री रोग (गायनी) का केस था, प्रसूता नहीं थी। रिपोर्ट के अनुसार, किसी भी मामले में ऑपरेशन थिएटर संक्रमण को मृत्यु का कारण नहीं पाया गया है।

प्रकरण की गहन जांच करेगी टीम
खींवसर ने बताया कि विशेषज्ञ टीम मौके पर पहुंचकर प्रत्येक प्रकरण की गहन जांच करेगी। जांच में उपचार की संपूर्ण प्रक्रिया, दवाओं की गुणवत्ता, ऑपरेशन थिएटर एवं उपकरणों में संक्रमण की स्थिति, उपचार एवं मॉनिटरिंग व्यवस्था सहित सभी संभावित पहलुओं की वैज्ञानिक एवं तथ्यपरक पड़ताल की जाएगी। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही घटनाओं के वास्तविक कारणों पर अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा। उन्होंने कहा कि ये घटनाएं बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण हैं। प्रभावित परिवारों के प्रति राज्य सरकार गहरी संवेदना व्यक्त करती है। सरकार हर पहलू की पूरी पारदर्शिता के साथ मामले की जांच करा रही है, ताकि वास्तविक कारण सामने आ सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
 
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