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CM भजनलाल ने किया इंडिया स्टोनमार्ट 2026 का उद्घाटन, बोले– राष्ट्रपति भवन और संसद में लगा है राजस्थानी पत्थर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: जयपुर ब्यूरो
Updated Thu, 05 Feb 2026 03:48 PM IST
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सार
Jaipur: जयपुर के जेईसीसी सीतापुरा स्थित मुग्धा कन्वेंशन हॉल में इंडिया स्टोनमार्ट 2026 का भव्य उद्घाटन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किया। चार दिवसीय इस अंतरराष्ट्रीय स्टोन उद्योग आयोजन में देश-विदेश की 66 कंपनियां भाग ले रही हैं।
कार्यक्रम का उद्धाटन करते मुख्यमंत्री भजनलाल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जयपुर एग्ज़ीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (जेईसीसी), सीतापुरा के मुग्धा कन्वेंशन हॉल में गुरुवार को इंडिया स्टोनमार्ट 2026 का उद्घाटन हुआ। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दीप प्रज्वलन कर इस चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय स्टोन उद्योग आयोजन का शुभारंभ किया। यह आयोजन 5 से 8 फरवरी तक चलेगा।
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राजस्थान की अपनी पहचान अलग
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि इंडिया स्टोनमार्ट केवल एक व्यापारिक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, शिल्प परंपरा और औद्योगिक क्षमता का साझा मंच है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर भारत को निवेश और उत्पादन के एक बड़े केंद्र के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें राजस्थान की स्टोन इंडस्ट्री की महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्य में 85 प्रकार के खनिज पाए जाते हैं और लगभग हर जिले की अपनी अलग स्टोन पहचान है।
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'विरासत और भविष्य दोनों है राजस्थान का पत्थर'
मुख्यमंत्री ने बताया कि राष्ट्रपति भवन, संसद भवन और सुप्रीम कोर्ट जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय भवनों में राजस्थान के पत्थर का उपयोग किया गया है। राजस्थान के पत्थर की विशेषता इसकी मजबूती और कम रखरखाव लागत है, जो इसे वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाती है। उन्होंने ‘वन डिस्ट्रिक्ट–वन प्रोडक्ट’ और ‘वन डिस्ट्रिक्ट–वन स्टोन’ की अवधारणा पर जोर देते हुए एमएसएमई, श्रमिक कल्याण, सुरक्षा और कौशल विकास को सरकार की प्राथमिकता बताया।
'इतिहास पत्थरों में बोलता है'
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि राजस्थान ऐसा प्रदेश है, जहां इतिहास पत्थरों में बोलता है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2007 में शुरू हुआ इंडिया स्टोनमार्ट अब अपने 13वें संस्करण तक पहुंच चुका है और यह आयोजन वैश्विक पहचान बना चुका है। इस वर्ष ईरान, इटली, तुर्की और चीन सहित कई देशों की 66 अंतरराष्ट्रीय कंपनियां इसमें भाग ले रही हैं।
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शिल्पग्राम रहा आकर्षण का केंद्र
स्टोनमार्ट के अंतर्गत रूड़ा द्वारा आयोजित शिल्पग्राम भी आकर्षण का केंद्र रहा, जहां कारीगरों ने पारंपरिक शिल्प और निर्माण तकनीकों का प्रदर्शन किया। इसके साथ ही बी2बी बैठकों, उद्योग संवाद और निर्यात–निवेश सत्रों के माध्यम से वैश्विक नेटवर्किंग को बढ़ावा दिया जा रहा है। उद्घाटन समारोह में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, अपर मुख्य सचिव उद्योग शिखर अग्रवाल, प्रमुख सचिव खान विभाग टी. रविकांत, रीको के कार्यकारी निदेशक डॉ. आकाश तोमर, लघु उद्योग भारती के संगठन मंत्री प्रकाश चंद्र, आर.के. मार्बल के अध्यक्ष अशोक पाटनी, प्रसिद्ध मूर्तिकार अरुण योगीराज सहित देश-विदेश से आए अनेक उद्योग प्रतिनिधि और गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
